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खुद को मुस्लिम महिलाओं को भाई कहने वाले मोदी उनके धरने से डरे क्यों हैं : ओवैसी

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ कई जगहों पर विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि खुद को मुस्लिम महिलाओं को भाई कहने वाले मोदी अब उनके धरने से डरे क्यों हुए हैं।

Why is Modi afraid to call himself Muslim brother as his brother: Owaisi
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New Delhi, First Published Feb 4, 2020, 9:56 PM IST
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नई दिल्ली.  संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ कई जगहों पर विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि खुद को मुस्लिम महिलाओं को भाई कहने वाले मोदी अब उनके धरने से डरे क्यों हुए हैं।

ओवैसी ने कहा मोदी सदन में आकर जवाब दें

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग में लेते हुए ओवैसी ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लाने पर कोई निर्णय नहीं होने से जुड़े सरकार के बयान का हवाला दिया और कहा कि प्रधानमंत्री को चुनौती है कि वह सदन में आकर जवाब दें कि क्या एनपीआर और एनआरसी से जुड़े हैं अथवा नहीं । उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार एनआरसी लाएगी या नहीं।

CAA का विरोध कर रहे लोग अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे है

भाजपा सदस्यों की टोकाटोकी के बीच उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में 1933 के जर्मनी के जैसे हालात हैं। हैदराबाद से सांसद ने कहा कि सीएए का विरोध कर रहे लोग अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को मुस्लिम महिलाओं का भाई कहते हैं और आज जब मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठी हैं तो उनको मुस्लिम महिलाओं से डर क्यों लगता है?
 
ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के एक बयान की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘मुझे गोली मारो।’ इस पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और भाजपा के कुछ अन्य सदस्यों ने आपत्ति जताई तो पीठासीन सभापति बी. महताब ने कहा कि अगर कुछ आपत्तिजनक होगा तो उसे हटाया जाएगा।

मोदी सरकार विदेश नीति में विफल 

ओवैसी ने यह आरोप भी लगाया कि मोदी सरकार की विदेश नीति में विफलता का आलम यह है कि अब नेपाल भी भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश कर रहा है और अमेरिकी सीनेट एवं यूरोपीय संघ में भारत को लेकर टिप्पणी की जा रही है।
चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के अब्दुल खालिक ने कहा कि असम के सभी नागरिक सीएए के विरोध में हैं और 1971 के बाद जो भी आया है उसे बाहर जाना होगा। आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि सीएए का विरोध हो रहा है कि क्योंकि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)
 

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