प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्दार्थ नाथ (Siddharth Nath Singh)ने हिंदू मुस्लिम वोटबैंक अलग करने का आरोप लगाने वालो को जवाब देते हुए कहा है कि हम राम और कृष्ण का नाम लेते है तो उन्हें आपत्ति होती है, वो जिन्ना का नाम लेते हैं तो कुछ नहीं। उन्हें जिन्ना मुबारक हमें राम और कृष्ण मुबारक।

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव मौर्य (Keshav Maurya)के ट्वीट के बाद सियासी घमासान मच गया है। एक बार फिर भगवान कृष्ण का नाम लेकर विपक्षियों पर सियासी हमला बोला गया है। इस बार हमला बोला है प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्दार्थ नाथ (Siddharth Nath Singh)ने हिंदू मुस्लिम वोटबैंक अलग करने का आरोप लगाने वालो को जवाब देते हुए कहा है कि हम राम और कृष्ण का नाम लेते है तो उन्हें आपत्ति होती है, वो जिन्ना का नाम लेते हैं तो कुछ नहीं। उन्हें जिन्ना मुबारक हमें राम और कृष्ण मुबारक।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

केशव के इस बयान पर मच रहा सियासी घमासान

डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने गुरुवार को एक ट्वीट किया था, जिसमें लिखा था कि अयोध्या काशी का निर्माण जारी है अब मथुरा की तैयारी है। इस ट्वीट के बाद यूपी की सियासत अचानक से गर्म हो गई थी। अब प्रदेश सरकार के मंत्री व प्रवक्ता सिद्दार्थ नाथ सिंह ने एक बार फिर राम और कृष्ण का नाम लेकर विपक्षियों के माथे पर बल ला दिया है। इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

मथुरा को लेकर केशव प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए बयान पर अखिलेश यादव बसपा सुप्रीमो मायावती भड़क गई है । इस बयान को लेकर विपक्षी दल लगातार भाजपा सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। दर्शन केशव प्रसाद मौर्य ने बयान दिया था कि अयोध्या और काशी में भव्य मंदिर निर्माण का कार्य जारी है अब मथुरा की बारी है। मथुरा को भगवान श्री कृष्ण का जन्म स्थान माना जाता है। दावा किया जा रहा है कि मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद जिस जमीन के ऊपर बनाई गई है उसके नीचे ही श्री कृष्ण जन्मभूमि है। मुगल शासक औरंगजेब ने मंदिर तोड़कर यहां मस्जिद का निर्माण कराया था। इसे लेकर कई केस कोर्ट में चल रहे हैं। अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने मथुरा में मस्जिद के अंदर जन्म स्थान पर श्री कृष्ण की मूर्ति स्थापित करने और जलाभिषेक करने का कार्यक्रम रखा था। हालांकि जिला प्रशासन ने अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था। मथुरा प्रशासन ने इस कार्यक्रम को देखते हुए धारा 144 लगा दी थी।