फिरोजाबाद के मदर प्राइड इंटरनेशनल स्कूल में दो छात्रों के साथ कथित मारपीट और लापरवाही का मामला सामने आया है। चार वर्षीय बच्चे की आंख में पेंसिल घुसने, दूसरे छात्र की पिटाई और CCTV फुटेज डिलीट होने के आरोपों के बाद पुलिस ने निदेशक, मैनेजर और दो शिक्षिकाओं पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिरोजाबाद के कोटला रोड स्थित मदर प्राइड इंटरनेशनल स्कूल एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। इस बार मामला दो मासूम छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा है। एक चार वर्षीय बच्चे की आंख में कक्षा के दौरान पेंसिल घुसने और दूसरे छात्र के साथ कथित मारपीट के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। परिजनों की शिकायत पर थाना उत्तर पुलिस ने स्कूल के निदेशक, मैनेजर और दो शिक्षिकाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
चार वर्षीय छात्र की आंख में पेंसिल घुसने का आरोप
श्रीराम कॉलोनी निवासी मनोज कुमार के अनुसार, उनका चार वर्षीय बेटा अनमोल एलकेजी का छात्र है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 6 जुलाई को कक्षा के दौरान शिक्षिका की कथित लापरवाही से बच्चे की आंख में पेंसिल घुस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पहले बच्चे का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे नई दिल्ली एम्स रेफर किया गया, जहां 12 जुलाई को उसकी आंख का ऑपरेशन किया गया। परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
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बड़े भाई की पिटाई और CCTV फुटेज पर सवाल
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसी स्कूल में पढ़ने वाले बड़े बेटे आर्यन के साथ भी शिक्षिका द्वारा मारपीट की गई, जिससे उसके कान में गंभीर चोट आई और खून निकलने लगा। इसके अलावा, परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज मांगे तो स्कूल प्रबंधन ने बताया कि संबंधित फुटेज डिलीट हो चुकी है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विरोध करने पर स्कूल के निदेशक ने अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच जारी है।
निदेशक, मैनेजर और दो शिक्षिकाओं पर FIR, पुलिस कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना उत्तर पुलिस ने स्कूल के निदेशक, मैनेजर विश्वनाथ शर्मा तथा शिक्षिकाओं काजल और योगेंद्री के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। चिकित्सीय रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्य, सीसीटीवी से जुड़े तथ्य और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप किस हद तक सही हैं और मामले में किसके खिलाफ क्या कार्रवाई बनती है।
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