दीया मिर्जा के प्रदूषण मुक्त दिवाली वीडियो पर विवाद बढ़ा। मेयर ऋतु तावड़े ने आलोचना की, जबकि डिप्टी मेयर और विपक्ष ने BMC के फैसले पर सवाल उठाए। आखिर क्या है पूरा मामला?
Diya Mirza Diwali Video Controversy: मुंबई में प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील करने वाला एक्ट्रेस दीया मिर्जा का वीडियो विवाद का कारण बन गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस वीडियो को हटा दिया था। अब मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने नगर निगम के इस फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी पब्लिक कैम्पेन में मशहूर हस्तियों को शामिल करने से पहले उनसे सलाह ली जानी चाहिए।
दिवाली कैसे मनाना है, हमें दीया मिर्जा न बताएं
मेयर ऋतु तावड़े ने दीया मिर्जा पर निशाना साधते हुए कहा कि हिंदुओं को दिवाली मनाने का तरीका अच्छी तरह पता है और उन्हें इसके लिए दीया मिर्जा से सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अभिनेत्री पर सरकार के पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों का विरोध करने का भी आरोप लगाया। तावड़े ने कहा, हम जानते हैं कि अपनी दिवाली कैसे मनानी है। आपको अपने चुनिंदा एजेंडे पर ध्यान देना चाहिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि दीया मिर्जा का विरोध लगातार हिंदुत्व के खिलाफ दिखाई देता है।
BMC के अभियान में दीया मिर्जा के शामिल होने की जानकारी नहीं थी: ऋतु तावड़े
- मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े ने कहा कि उन्हें पहले इस बात की जानकारी नहीं थी कि दीया मिर्जा BMC के इस अभियान से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को नगर प्रशासन के सामने उठाएंगी।
- तावड़े ने कहा, "जो लोग हिंदुत्व का विरोध करते हैं, हम उनका विरोध करेंगे। अब से BMC को मेरी मंजूरी के बिना कोई भी सार्वजनिक बयान नहीं देना चाहिए।"
- उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दीया मिर्जा अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र हैं।
- हालांकि, BMC के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से जारी होने वाले किसी भी कंटेंट को लेकर सत्ताधारी दल की मंजूरी जरूरी होनी चाहिए।
डिप्टी मेयर संजय घाड़ी ने किया दीया मिर्जा का बचाव
- जहां मेयर ऋतु तावड़े ने दीया मिर्जा के वीडियो की आलोचना की, वहीं मुंबई के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी ने एक्ट्रेस की अपील का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दीया मिर्जा ने लोगों से पटाखे नहीं जलाने की अपील करके कुछ भी गलत नहीं किया है।
- घाड़ी ने यह भी कहा कि उन्हें अभिनेत्री का संदेश हटाए जाने का कोई उचित कारण नजर नहीं आता। उनके मुताबिक, अमित सातम या मेयर ऋतु तावड़े के पास भी इस अभियान का विरोध करने का कोई ठोस आधार नहीं था।
- यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब BMC ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दीया मिर्जा का वीडियो हटा दिया। इस वीडियो में अभिनेत्री लोगों से दिवाली पर शोर और वायु प्रदूषण से बचने की अपील कर रही थीं।
- BMC ने यह कदम BJP की मुंबई इकाई के अध्यक्ष अमित सातम की आपत्ति के बाद उठाया। सातम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था, “हमें @deespeak (दीया मिर्जा) से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि #Diwali कैसे मनाई जाए। हमारी परंपराएं हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं।”
- सातम की टिप्पणी के कुछ ही घंटों बाद BMC ने दीया मिर्जा का वीडियो हटा दिया। हालांकि, माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और दूसरे कलाकारों वाले प्रचार वीडियो नगर निगम के सोशल मीडिया अकाउंट पर बने रहे।
दीया मिर्जा हमेशा हिंदू विरोधी रहीं- तावड़े
मेयर रितु तावड़े ने कहा, "दीया मिर्जा ने NEET परीक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी को ट्रोल किया था। वह हमेशा से हिंदू विरोधी रही हैं। हमने उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है।" तावड़े ने यह भी आरोप लगाया कि अभिनेत्री हिंदुत्व के खिलाफ हैं। इसीलिए हमने उनके वीडियो का कड़ा विरोध किया है। हमें हिंदुओं के रूप में उनसे यह सीखने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनाई जाए।"
दीया मिर्जा बोलीं- जनसेवा अभियान के लिए कभी पैसे नहीं लिए
- इस पूरे विवाद के बीच दीया मिर्जा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, यह वीडियो बॉम्बे हाई कोर्ट की हालिया अपील के तहत रिकॉर्ड किया गया था। कोर्ट ने मशहूर हस्तियों से महाराष्ट्र के 'पटाखा-मुक्त' अभियान का समर्थन करने की अपील की थी। उन्होंने इस जन जागरूकता अभियान के लिए कोई पैसा नहीं लिया।
- उन्होंने बताया कि वीडियो रिकॉर्ड करने का उद्देश्य लोगों को दिवाली मनाने का एक स्वस्थ और समझदारी भरा तरीका अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। यह पूरी तरह से जन जागरूकता से जुड़ी पहल थी।
दीया मिर्जा का वीडियो हटाने पर विपक्ष ने BMC को घेरा
- दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने के बाद विपक्षी दलों ने भी BMC के फैसले की आलोचना की। शिवसेना (UBT) की प्रवक्ता और मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने नगर प्रशासन पर निशाना साधा।
- उन्होंने आरोप लगाया कि BMC अब BJP या उसके मुंबई अध्यक्ष की गुलाम बन गई है। वहीं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के पार्षद यशवंत किल्लेदार ने कहा कि दिवाली सिर्फ एक दीया और एक कंदील जलाकर भी मनाई जा सकती है।
- उन्होंने BJP से सवाल किया कि क्या पार्टी अमित सातम के उस दिखावटी हिंदुत्व का समर्थन करती है, जिसमें धर्म के नाम पर पटाखे फोड़ने को बढ़ावा दिया जाता है।
बकरीद-मुहर्रम पर सलाह क्यों नहीं देतीं दीया मिर्जा- राणे
दूसरी तरफ, BJP मंत्री नितेश राणे ने दीया मिर्जा के वीडियो को लेकर हो रही आलोचना का समर्थन किया। उन्होंने अभिनेत्री पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ईद, मुहर्रम और बकरीद जैसे मौकों पर वह कभी इस तरह के ट्वीट नहीं करतीं और न ही लोगों को ऐसी कोई सलाह देती हैं।




