Jailer 2 Film Review: रजनीकांत की जेलर 2 में दमदार एक्शन, मजेदार कॉमेडी और बड़े कैमियो का तड़का है। लेकिन क्या इसका दूसरा हाफ पहले जैसी छाप छोड़ पाता है?

सुपरस्टार रजनीकांत एक बार फिर टाइगर मुथुवेल पांडियन बनकर पर्दे पर लौटे हैं। निर्देशक नेल्सन दिलीप कुमार की ‘जेलर 2’ से उम्मीदें बड़ी थीं। लेकिन यह वैसी बनकर सामने नहीं आई है। हालांकि, फिल्म में एक्शन, व्यंग्यात्मक कॉमेडी, दमदार कैमियो और शानदार तकनीकी काम का मेल देखने को मिलता है। पहला हाफ धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ता है, जबकि दूसरे हाफ में कहानी जरूरत से ज्यादा भटकती नजर आती है। अनिरुद्ध का बैकग्राउंड म्यूजिक कई दृश्यों को ताकत देता है और ऋतिक रोशन की मौजूदगी भी खास है। सवाल यही है कि क्या रजनीकांत का स्वैग कहानी की कमजोरियों पर भारी पड़ता है?

क्या है ‘जेलर 2’ की कहानी?

फिल्म में टाइगर मुथुवेल पांडियन की वापसी होती है। शुरुआती 30 मिनट कहानी की जमीन तैयार करने में निकलते हैं। इसके बाद मूर्ति के किरदार और योगी बाबू से जुड़ी व्यंग्यात्मक कॉमेडी मनोरंजन बढ़ाती है। टाइगर की पहचान को लेकर बना रहस्य भी दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखता है। हालांकि, दूसरे हाफ में कहानी कई दिशाओं में जाती है और जरूरत से ज्यादा नाटकीय हो जाती है। छोटी अवधि और रजनीकांत के दमदार पल इसकी कमजोरियों को कुछ हद तक संभाल लेते हैं।

कैसी है ‘जेलर 2’ की स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस?

रजनीकांत अपने स्टाइल, स्क्रीन प्रेजेंस और मास अपील से फिल्म को संभालते हैं। ऋतिक रोशन का कैमियो खास आकर्षण है। योगी बाबू की कॉमेडी भी कहानी को हल्का-फुल्का बनाती है। राम्या कृष्णन, मिर्ना और रित्विक अपने पुराने किरदारों में लौटे हैं। एस. जे. सूर्या, मिथुन चक्रवर्ती, विद्या बालन, अन्ना राजन और जतिन सरना भी अहम भूमिकाओं में हैं। मोहनलाल, शिवा राजकुमार, जैकी श्रॉफ और विजय सेतुपति के कैमियो फिल्म का स्टारडम बढ़ाते हैं।

नेल्सन दिलीप कुमार का डायरेक्शन कैसा है?

नेल्सन का निर्देशन पहले हाफ में तो ठीकठाक नज़र आता है। परिचित कहानी के ढांचे के बावजूद उनकी प्रस्तुति, कॉमेडी और टाइगर की पहचान छिपाने का तरीका दर्शकों को बांधे रखता है। दूसरे हाफ में एस. जे. सूर्या के परिवार से जुड़ा विलेन ट्रैक ज्यादा प्रभावी हो सकता था। यही हिस्सा फिल्म की संभावनाओं को सीमित करता है। लेकिन डायरेक्शन यहां बेहद कमज़ोर नज़र आता है और फिल्म कई जगह झिलाऊ लगती है।

कैसा है ‘जेलर 2’ का म्यूजिक और टेक्निकल फ्रंट?

अनिरुद्ध का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की बड़ी ताकत है और एक्शन दृश्यों को प्रभावशाली बनाता है। हालांकि, शुरुआती प्रतिक्रियाओं में गानों को लेकर निराशा भी जाहिर की गई है। फिल्म की मेकिंग, सिनेमैटिक प्रस्तुति और प्रोडक्शन वैल्यू शानदार हैं। तकनीकी स्तर पर यह बड़े पर्दे का अनुभव देने की कोशिश करती है।

क्यों देखें और क्यों न देखें ‘जेलर 2’?

अगर आप रजनीकांत का स्वैग, बड़े कैमियो, एक्शन और अनिरुद्ध का दमदार बैकग्राउंड स्कोर पसंद करते हैं, तो फिल्म मनोरंजन कर सकती है। लेकिन मजबूत कहानी और लगातार रोमांच की उम्मीद रखने वालों को दूसरा हाफ निराश कर सकता है। हमारी ओर से फिल्म को 5 में से 2.5 स्टार।