सलमान खान की गलवान संघर्ष पर बनी फिल्म 'मातृभूमि' की रिलीज का रास्ता साफ होने की खबर है। कई बदलावों और देरी के बाद फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।
सलमान खान की युद्ध पर आधारित फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' आखिरकार सिनेमाघरों तक पहुंचने के लिए तैयार बताई जा रही है। महीनों की देरी, फिल्म के नाम में बदलाव और रिलीज को लेकर बनी अनिश्चितता के बाद अब इसकी नई तारीख सामने आई है। फिल्म इसी महीने सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि निर्माताओं को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड समेत जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं। फिल्म की तारीख का आधिकारिक ऐलान मुंबई में होने वाले ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में किया जाएगा।
सलमान खान की 'मातृभूमि' कब होगी रिलीज?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, सलमान खान की यह फिल्म 20 नवंबर को बड़े पर्दे पर आ सकती है। बताया गया है कि निर्माताओं ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से मंजूरी समेत जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। हालांकि, रिलीज की तारीख का आधिकारिक ऐलान ट्रेलर लॉन्च के दौरान किया जाना है। ऐसे में महीनों से फिल्म की रिलीज का इंतजार कर रहे दर्शकों को अब जल्द इसकी अंतिम तारीख पता चल सकती है।
'बैटल ऑफ गलवान' से 'मातृभूमि' कैसे बनी फिल्म?
इस फिल्म की घोषणा पहले 'बैटल ऑफ गलवान' नाम से की गई थी। इसकी कहानी जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प से प्रेरित है। वास्तविक घटना में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। द लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर हुई यह भिड़ंत दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों के प्रमुख सैन्य तनावों में शामिल रही है। बाद में निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' कर दिया।
फिल्म में क्या होगा सलमान खान का रोल?
सलमान खान फिल्म में बिहार रेजिमेंट की 16वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं। गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों का नेतृत्व करने वाले संतोष बाबू को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। फिल्म में चित्रांगदा सिंह लीड एक्ट्रेस हैं। इनके अलावा मुकेश ऋषि, अंकुर भाटिया, ज़ेन शॉ और अभिलाष चौधरी भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
सलमान खान की फिल्म की रिलीज में देरी क्यों हुई?
फिल्म पहले अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन कुछ हिस्सों की दोबारा शूटिंग की जरूरत के चलते इसकी रिलीज टाल दी गई। स्वतंत्रता दिवस के आसपास फिल्म के आने की अटकलें भी लगाई गई थीं। हालांकि, सलमान चाहते थे कि दर्शक इसे केवल देशभक्ति से भरी सैन्य कहानी के रूप में न देखें, बल्कि इसमें सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़ी भावनाओं को भी महसूस करें। निर्देशक अपूर्व लाखिया ने भी स्पष्ट किया है कि फिल्म का दायरा युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है। इसमें इंसानियत, बलिदान और युद्ध की भावनात्मक कीमत को भी दिखाया गया है।
फिल्म की किताब से जुड़े लेखकों ने क्यों तोड़ा नाता?
इस प्रोजेक्ट का संबंध शुरुआत में शिव अरोर और राहुल सिंह की किताब 'इंडियाज मोस्ट फियरलेस' से भी जोड़ा गया था। हालांकि, दोनों लेखकों ने बाद में फिल्म से अपना जुड़ाव खत्म करने का ऐलान किया। उनका कहना था कि परियोजना गलवान संघर्ष पर उनकी किताब में दर्ज विवरण से आगे बढ़कर एक अलग रूप ले चुकी है। 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' गलवान संघर्ष से प्रेरित युद्ध और पारिवारिक भावनाओं पर आधारित ड्रामा फिल्म है। इसकी सिनेमाघरों में रिलीज 20 नवंबर बताई गई है।




