नीना गुप्ता ने अपनी टूटी सगाई का किस्सा साझा किया, जब शादी से ठीक पहले रिश्ता तोड़ दिया गया। उन्होंने समाज के दोहरे मापदंड पर भी बात की, जहाँ मजबूत, आत्मनिर्भर महिलाओं को आसानी से स्वीकार नहीं किया जाता।

जानी-मानी बॉलीवुड एक्ट्रेस नीना गुप्ता अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। कभी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर, तो कभी अपने कपड़ों की वजह से। जैसा कि सब जानते हैं, नीना उन लोगों में से हैं जो समाज की परवाह किए बिना अपनी जिंदगी की सबसे पर्सनल और दर्दभरी कहानियां शेयर करती हैं। हाल ही में, नीना ने अपनी शादी, समाज के दोहरे मापदंड और अपनी जिंदगी की एक दर्दनाक घटना के बारे में खुलकर बात की है।

हाल ही में 'ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे' से बात करते हुए नीना गुप्ता ने अपनी जिंदगी की एक ऐसी अनसुनी कहानी शेयर की, जो उन्हें आज भी परेशान करती है। सगाई के बाद नीना गुप्ता अपनी शादी को लेकर बहुत उत्साहित थीं। वह अपना परिवार शुरू करने के लिए तैयार थीं। कपड़े और गहने खरीदने के लिए वह दिल्ली भी गई थीं। लेकिन अचानक, शादी से ठीक पहले आए एक फोन कॉल ने सब कुछ बिखेर दिया। उस शख्स ने बिना कोई साफ वजह बताए अचानक रिश्ता तोड़ दिया। नीना को फोन आया कि "अब शादी नहीं हो रही है"। जब उन्होंने पूछा कि क्या हुआ, तो उसने कहा कि उसे साइनस का ऑपरेशन करवाना है। 

नीना गुप्ता ने बताया कि आज तक उन्हें शादी टूटने की असली वजह नहीं पता। वह अपने माता-पिता से पूछती रहीं कि क्या हुआ था, लेकिन उन्होंने आज तक नहीं बताया। उस वक्त वह बहुत दुखी थीं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। करीब छह महीने बाद उसी शख्स ने फिर से उनसे संपर्क किया और शादी का प्रस्ताव रखा। पर तब तक नीना का मन बदल चुका था। उन्होंने अपनी सेल्फ-रिस्पेक्ट को ध्यान में रखते हुए उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। 

क्या समाज आत्मनिर्भर महिलाओं को स्वीकार नहीं करता?

इंटरव्यू के दौरान, नीना ने उस सामाजिक मानसिकता के बारे में भी बात की, जहां आज भी लोग महिलाओं को अपने तरीके से जीते हुए देखकर असहज हो जाते हैं। उन्होंने कहा, "95% मर्द ऐसी औरतों को चाहते हैं जो उनकी हर बात मानें। जिनकी अपनी कोई राय न हो और जो अपने करियर के लिए पूरी तरह से समर्पित न हों।" नीना का मानना है कि मर्दों के दबदबे वाले समाज में एक आजाद ख्याल वाली महिला को अक्सर शादी के लिए "सही" नहीं माना जाता। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह हर मर्द के बारे में ऐसा नहीं कह रही हैं, लेकिन अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने बताया कि समाज अभी भी मजबूत महिलाओं को पूरी तरह से अपनाने के लिए तैयार नहीं है।

यह मामला बार-बार सामने आता है

नीना गुप्ता की पर्सनल लाइफ हमेशा सबका ध्यान खींचती है। 1980 में उनका सिंगल मदर बनने का फैसला आज भी चर्चा का विषय है। इतने सालों बाद भी यह मामला बार-बार सामने आता रहता है। लेकिन नीना ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज भी जब लोग इसका जिक्र करते हैं, तो नीना इसे एक ऐसी सामाजिक सोच का आईना मानती हैं जो पारंपरिक बंधनों से आजाद नहीं हो पाई है।