अमिताभ बच्चन के ‘कुली’ हादसे के बाद पुनीत इस्सर को 6 साल तक काम नहीं मिला! एक्टर ने बताया कैसे एक हादसे ने करियर बदला और ‘दुर्योधन’ के रोल ने नई पहचान दिलाई।

साल 1982 में फिल्म ‘कुली’ की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ हुए जानलेवा हादसे ने एक्टर पुनीत इस्सर की जिंदगी भी बदल दी थी। इस घटना के बाद पुनीत को छह साल तक काम नहीं मिला और उनकी पहचान उस शख्स के रूप में होने लगी, जिसने अमिताभ बच्चन को लगभग मार दिया था। हाल ही में एक्टर ने इस मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि हादसा जानबूझकर नहीं हुआ था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में वह पहले भीम नहीं, बल्कि दुर्योधन बनना चाहते थे।

अमिताभ बच्चन के ‘कुली’ हादसे के बाद पुनीत इस्सर ने क्या कहा?

अमित भाटिया के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान पुनीत इस्सर ने बताया कि अमिताभ बच्चन के साथ हुए हादसे का असर उनके करियर पर लंबे समय तक रहा। उन्होंने कहा,

मैं इस बात में पक्का विश्वास रखता हूं कि जो कुछ भी होता है, अच्छे के लिए होता है। दुर्भाग्य से वह हादसा हुआ। उसके बाद मुझे छह साल तक काम नहीं मिला, लेकिन मैं दुनिया भर में मशहूर हो गया। लोग मुझे उस आदमी के तौर पर जानने लगे, जिसने अमिताभ बच्चन को लगभग मार ही दिया था। वह सिर्फ एक हादसा था। मैंने ऐसा जानबूझकर कभी नहीं किया। अमित जी एक मेगास्टार हैं और मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।

क्या हादसे के बाद पुनीत इस्सर को फिल्मों से निकाल दिया गया था?

पुनीत ने स्वीकार किया कि हादसे के बाद उन्हें अपनी पसंद के किरदार नहीं मिले और कुछ फिल्मों से भी बाहर कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। एक्टर ने कहा,

मुझे अपनी पसंद के किरदार नहीं मिले और मुझे कुछ फिल्मों से भी निकाल दिया गया, लेकिन मैं किसी को दोष नहीं देता। वह मेरी किस्मत थी। उस दौर ने मुझे और मजबूत बनाया।

इस घटना के बाद उन्हें पहचान तो मिली, लेकिन वह उस तरह की पहचान नहीं थी, जिसकी उम्मीद कोई एक्टर अपने काम के दम पर करता है। पुनीत ने इस मुश्किल दौर को अपनी जिंदगी का हिस्सा माना और आगे बढ़ते रहे।

पुनीत इस्सर ने भीम की जगह दुर्योधन का किरदार क्यों चुना?

पुनीत इस्सर के करियर में बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ निर्णायक साबित हुई। हालांकि, शुरुआत में उन्हें भीम का किरदार देने पर विचार किया गया था, लेकिन पुनीत दुर्योधन की भूमिका निभाना चाहते थे। इस बारे में उन्होंने बताया,

मुझे ‘महाभारत’ मिली और मैं ‘दुष्ट दुर्योधन’ के नाम से मशहूर हो गया। बीआर चोपड़ा साहब चाहते थे कि मैं भीम का किरदार निभाऊं। जब मैंने उनसे कहा कि मैं दुर्योधन के किरदार के लिए ऑडिशन देना चाहता हूं, तो वह और उनके सहयोगी यह जानकर हैरान रह गए। लेकिन मैंने जोर देकर कहा कि मैं दुर्योधन ही बनना चाहता हूं। लोगों ने उस किरदार से बहुत ज्यादा जुड़ाव महसूस किया।

साल 1988 में प्रसारित हुई ‘महाभारत’ में दुर्योधन के रूप में पुनीत इस्सर को जबरदस्त पहचान मिली। यह किरदार उनके करियर की सबसे यादगार भूमिकाओं में शामिल हो गया और उन्होंने हादसे से जुड़ी अपनी पुरानी छवि से आगे बढ़कर एक एक्टर के तौर पर अलग पहचान बनाई।

अमिताभ बच्चन की हालत कितनी गंभीर हो गई थी?

‘कुली’ की शूटिंग बेंगलुरु में चल रही थी, जहां अमिताभ बच्चन और पुनीत इस्सर एक एक्शन सीन कर रहे थे। इसी दौरान अमिताभ के पेट में गंभीर चोट लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और कई सर्जरी से गुजरना पड़ा। उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि देशभर में प्रशंसक उनकी सलामती की दुआ कर रहे थे। अमिताभ बच्चन ने बाद में अपने ब्लॉग में उस मुश्किल दौर को याद करते हुए लिखा था,

मैं लगभग बेहोशी और कोमा जैसी स्थिति में चला गया था। ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती होने के पांच दिन के भीतर मेरी एक और सर्जरी हुई। उस सर्जरी के बाद मैं बहुत लंबे समय तक होश में नहीं आया और कुछ मिनटों के लिए चिकित्सकीय रूप से मृत हो गया था। इसके बाद मेरा इलाज कर रहे डॉ. वाडिया, जो मेरे लिए जीवन बचाने वाले साबित हुए, ने बस इतना कहा, ‘मैं एक आखिरी कोशिश करने जा रहा हूं।’ फिर उन्होंने मुझे एक के बाद एक कॉर्टिसोन और एड्रेनालिन के इंजेक्शन देने शुरू किए। ऐसे लगभग 40 एम्प्यूल इस्तेमाल किए गए, इस उम्मीद में कि शायद कुछ असर हो जाए। और फिर मेरी जान बच गई।

अमिताभ बच्चन स्वस्थ होने के बाद फिल्म की शूटिंग पूरी करने लौटे। ‘कुली’ साल 1983 में रिलीज हुई। वहीं, पुनीत इस्सर के लिए वर्षों बाद ‘महाभारत’ में दुर्योधन का किरदार करियर का बड़ा मोड़ बना।