Shah Rukh Khan Birthday: शाहरुख खान का मन्नत कभी विला विएना हुआ करता था। दिलचस्प बात यह है कि जिस बंगले के बाहर उन्हें शूटिंग के दौरान रोका गया था, बाद में वही उनका ड्रीम हाउस बन गया।
शाहरुख खान के घर मन्नत के बाहर हर साल हजारों फैंस की भीड़ जुटती है। उनके लिए यह सिर्फ एक आलीशान बंगला नहीं, बल्कि अपने पसंदीदा सुपरस्टार की पहचान है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी इसी घर के बाहर शाहरुख खान को गार्ड ने आगे बढ़ने के लिए कह दिया था? उस वक्त वह इस बंगले के मालिक नहीं, बल्कि अपनी फिल्म की शूटिंग कर रहे एक अभिनेता थे। दिलचस्प बात यह है कि कुछ साल बाद उन्होंने उसी बंगले को खरीद लिया। आखिर मन्नत से शाहरुख का यह खास कनेक्शन कैसे शुरू हुआ था?
मन्नत बनने से पहले क्या था इस बंगले का नाम?
आज जिस बंगले को पूरी दुनिया मन्नत के नाम से जानती है, उसका पुराना नाम विला विएना था। मुंबई के बांद्रा बैंडस्टैंड पर मौजूद यह ऐतिहासिक इमारत शाहरुख खान के घर बनने से बहुत पहले से अपनी अलग पहचान रखती थी। इसकी पुरानी कहानी भी काफी दिलचस्प है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बंगले के निर्माण और शुरुआती मालिकों को लेकर इतिहासकारों और स्थानीय परिवारों के अलग-अलग दावे हैं। कुछ जानकार इसे मंडी के राजा बिजाई सेन से जोड़ते हैं, जबकि एक स्थानीय परिवार का दावा है कि इसे मानेकजी बॉटलवाला ने बनवाया था। यानी मन्नत की कहानी शाहरुख के आने से कई दशक पहले शुरू हो चुकी थी।
'यस बॉस' की शूटिंग के दौरान मन्नत के बाहर क्या हुआ था?
शाहरुख खान का इस बंगले से खास कनेक्शन साल 1997 में शुरू हुआ, जब वह निर्देशक अजीज मिर्जा की फिल्म 'यस बॉस' की शूटिंग कर रहे थे। फिल्म के गाने 'चांद तारे' की शूटिंग इसी बंगले के बाहर हुई थी। कोरियोग्राफर अहमद खान ने बाद में एक इंटरव्यू में इस शूटिंग से जुड़ा दिलचस्प किस्सा सुनाया। उनके मुताबिक, गाने के एक हिस्से की शूटिंग के दौरान शाहरुख को बंगले के बाहर से गुजरना था। वहां मौजूद गार्ड ने शूटिंग टीम को रोक दिया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा। इसी दौरान शाहरुख ने मजाक में पूरी टीम से कहा था, “इसे खरीद लूं क्या? फिर यहां आराम से शूटिंग करेंगे।” उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि उनका यह मजाक कुछ साल बाद हकीकत बन जाएगा।
शाहरुख खान ने कब खरीदा था मन्नत?
'यस बॉस' की शूटिंग के करीब चार साल बाद, यानी 2001 में शाहरुख खान ने इस बंगले को खरीद लिया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह प्रॉपर्टी उसके तत्कालीन मालिकों से हासिल की थी। निर्देशक अजीज मिर्जा ने भी एक इंटरव्यू में बताया था कि शाहरुख ने एक दिन उन्हें खुद बताया कि उन्होंने वह घर खरीद लिया है, जिसे वह पहले पसंद किया करते थे। अजीज मिर्जा ने यह भी याद किया कि शाहरुख और गौरी युवा दिनों में उस बंगले के पास से गुजरते थे। उन्हें लगता है कि शाहरुख ने कभी गौरी से इस घर को खरीदने का सपना साझा किया होगा। इस तरह एक पसंद धीरे-धीरे जिंदगी के बड़े सपने में बदल गई।
'जन्नत' से 'मन्नत' कैसे बना शाहरुख का घर?
बंगला खरीदने के बाद शाहरुख और गौरी ने पहले इसका नाम 'जन्नत' रखा था। बाद में साल 2005 में इसका नाम बदलकर 'मन्नत' कर दिया गया। मन्नत का अर्थ इच्छा या मनोकामना से जुड़ा है और इस नाम के साथ घर की पहचान भी जुड़ गई। शाहरुख ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बंगला खरीदने के बाद उसे ठीक कराने और सजाने में काफी मेहनत लगी। घर खरीदने में काफी पैसा खर्च हो चुका था, इसलिए शुरुआत में उसे सजाने के लिए भी उनके पास पर्याप्त बजट नहीं था। गौरी खान ने इसके इंटीरियर और डिजाइन की जिम्मेदारी संभाली। आगे चलकर मन्नत की पहचान उसके खास इंटीरियर और खूबसूरत बनावट से भी जुड़ गई।
मन्नत के बाहर हर साल क्यों जुटते हैं हजारों फैंस?
समय के साथ मन्नत सिर्फ शाहरुख खान का घर नहीं रहा, बल्कि मुंबई आने वाले उनके चाहने वालों के लिए एक खास जगह बन गया। देश-विदेश से फैंस बांद्रा पहुंचकर इस बंगले के बाहर तस्वीरें खिंचवाते हैं। खासकर शाहरुख के जन्मदिन और ईद जैसे मौकों पर यहां प्रशंसकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। कई मौकों पर शाहरुख भी बालकनी या छत से बाहर आकर अपने चाहने वालों का अभिवादन करते रहे हैं। जिस बंगले के बाहर कभी एक गार्ड ने शाहरुख को रोक दिया था, आज उसी घर की बालकनी से उनकी एक झलक पाने के लिए हजारों लोग इंतजार करते हैं। यही वजह है कि मन्नत की कहानी सिर्फ एक आलीशान घर की कहानी नहीं, बल्कि शाहरुख खान के सपने, मेहनत और स्टारडम से जुड़ा एक खास किस्सा बन चुकी है।




