1994 में सुष्मिता सेन की मिस इंडिया जीत एक सोची-समझी रणनीति थी। उन्हें बेहतर कम्युनिकेशन के कारण मिस यूनिवर्स के लिए चुना गया। वहीं, ऐश्वर्या राय को मिस वर्ल्ड भेजा गया, ताकि भारत दोनों अंतरराष्ट्रीय खिताब जीत सके और यह रणनीति सफल रही।

भारत में मिस यूनिवर्स और मिस वर्ल्ड के ताज आने से बहुत पहले, 1994 में हुआ मिस इंडिया कॉन्टेस्ट देश की ब्यूटी हिस्ट्री की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक था। उस मंच पर आमने-सामने थीं- भविष्य में ग्लोबल ब्यूटी आइकॉन बनीं ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन। उस मुकाबले में सुष्मिता सेन ने मिस इंडिया का ताज जीता और मिस यूनिवर्स में भारत को रिप्रेजेंट करने का मौका पाया। रनर-अप रहीं ऐश्वर्या राय को मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के लिए चुना गया।

लेकिन यह फैसला उस समय कई लोगों के लिए हैरानी भरा था। क्योंकि पब्लिक की राय साफ तौर पर ऐश्वर्या राय के पक्ष में थी। उस वक्त 'पेप्सी गर्ल' के तौर पर मशहूर हो चुकीं ऐश्वर्या ही ताज जीतेंगी, यह उम्मीद बहुत पक्की थी। कई सालों तक यह अफवाहें चलती रहीं कि ऐश्वर्या राय स्टेज पर चलते हुए फिसल गई थीं, इसीलिए ताज उनके हाथ से निकल गया। लेकिन अब, लगभग तीन दशकों के बाद, इसकी असली वजह सामने आई है।

रूबी भाटिया ने बताई असली कहानी

भारत की पहली VJ के तौर पर पहचानी जाने वाली रूबी भाटिया ने इस मामले पर नई रोशनी डाली है। मिस इंडिया कनाडा का ताज जीत चुकीं रूबी, गोवा में हुए 1994 के मिस इंडिया कॉन्टेस्ट में चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद थीं। बॉलीवुड ठिकाना यूट्यूब चैनल को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, “मैंने मिस इंडिया में हिस्सा नहीं लिया था। मैं मिस इंडिया कनाडा की विनर थी। जिस साल सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय कंटेस्टेंट थीं, मुझे चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया था। मैं 'मिस ब्यूटीफुल हेयर' का अवॉर्ड देने आई थी। वह मुकाबला दोनों के लिए- सुष्मिता और ऐश्वर्या - कामयाब रहा,” उन्होंने याद करते हुए कहा।

उस समय के माहौल के बारे में बताते हुए रूबी ने कहा, “हर कोई यही बात कर रहा था कि ऐश्वर्या ही जीतेंगी। लेकिन मुकाबले में सुष्मिता सबसे ज्यादा समझदार लग रही थीं। मैं कनाडा से आई थी, जहाँ जिंदगी बहुत सीधी-सादी थी। यहाँ का ग्लैमर देखकर मैं हैरान थी। विदेश में रहने वाले भारतीय ज्यादा पारंपरिक होते हैं,” उन्होंने कहा।

ऐश्वर्या क्यों नहीं जीतीं?

ऐश्वर्या राय के ताज हारने की वजह के बारे में रूबी ने अपनी गाइड विमला पाटिल से पूछा था। विमला पाटिल फेमिना मैगजीन की लंबे समय तक एडिटर रही हैं। उन्होंने ज़ीनत अमान समेत कई सितारों को इंडस्ट्री में पहचान दिलाई। रूबी ने विमला से पूछा, “क्या ऐश्वर्या स्टेज पर फिसलने की वजह से नहीं जीतीं?” इस पर विमला ने साफ कहा, 'ऐसा नहीं है। कोई भी फिसल सकता है। मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता एक ऐसी महिला की तलाश करती है जो बुद्धिमान, तेज और बेहतरीन पर्सनैलिटी वाली हो। इस मायने में सुष्मिता सेन एक परफेक्ट चॉइस थीं,'” रूबी ने खुलासा किया।

ऐश्वर्या को मिस वर्ल्ड भेजने की रणनीति

रूबी भाटिया के मुताबिक, ऐश्वर्या राय को मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भेजना भी एक रणनीति का हिस्सा था। “मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता एक सपनों जैसी दिखने वाली, फेमिनिन, दीवा जैसी खूबसूरती की तलाश करती है। ऐश्वर्या उस इमेज में बिल्कुल फिट बैठती थीं। यह फैसला इसलिए लिया गया था ताकि भारत दोनों अंतरराष्ट्रीय ताज जीत सके। यही असली कहानी है,” उन्होंने कहा।

‘कॉन्टेस्ट फिक्स है’ ऐसा सुष्मिता को लगा था!

फिल्म डायरेक्टर प्रह्लाद कक्कड़ ने भी यही बात कही है। विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, “सुष्मिता को यकीन नहीं था कि वह जीतेंगी। उन्हें लगा था कि मुकाबला ऐश्वर्या के लिए फिक्स है। ऐश्वर्या उस वक्त टॉप मॉडल, पेप्सी गर्ल और लैक्मे का चेहरा थीं। सुष्मिता उतनी जानी-पहचानी नहीं थीं। सबकी नजरें ऐश्वर्या पर ही थीं,” उन्होंने कहा।

उन्होंने पर्दे के पीछे का एक भावुक पल भी याद किया। “जब मैं चेंजिंग रूम में गया, तो सुष्मिता एक कोने में बैठकर रो रही थीं। उन्होंने कहा, 'सब कुछ फिक्स है, मैं नहीं जीतूंगी।' मैंने उन्हें हिम्मत दी और कहा, 'अगर तुम काबिल हो, तो तुम्हें ही चुना जाएगा। ज्यूरी को कोई खरीद नहीं सकता।' वह गईं और उन्होंने अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस दी। आखिर में वह जीत गईं,” कक्कड़ ने बताया।

कम्युनिकेशन स्किल्स ही सुष्मिता का प्लस पॉइंट था

प्रह्लाद कक्कड़ के मुताबिक, सुष्मिता सेन के पास एक और बड़ा प्लस पॉइंट था। “सुष्मिता कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ी थीं। उनकी कम्युनिकेशन स्किल्स बहुत दमदार थीं। उस लेवल की पॉलिशिंग ऐश्वर्या में नहीं थी,” उन्होंने कहा। आज देखें तो, 1994 का वह फैसला भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। सुष्मिता सेन मिस यूनिवर्स बनीं और ऐश्वर्या राय मिस वर्ल्ड—दोनों ताज देश के नाम हुए।