Smit Machchhar Bravery: फ्लाईदुबई फ्लाइट में हुए हमले के दौरान 180 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित माछर की एक्टर वरुण धवन ने जमकर तारीफ की है। को-पायलट के हमले के बावजूद स्मित ने जिस तरह प्लेन को क्रैश होने से बचाया, उसे लेकर गुजरात सरकार ने भी उन्हें सम्मानित करने का ऐलान किया है।
Captain Smit Machchhar: बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन ने फ्लाईदुबई मिड-एयर क्राइसिस के दौरान कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की जमकर तारीफ की है। वरुण का कहना है कि पायलट के इस कदम ने सभी भारतीयों का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर वरुण ने लिखा, "हमारे कैप्टन स्मित माछर को सलाम। आपकी हिम्मत और बहादुरी हम सभी को गर्व से भर देती है, आप एक प्रेरणा हैं। जय हिंद।"
कैप्टन स्मित की इस बहादुरी की हर तरफ चर्चा हो रही है। मुंबई में भी कई जगह "थैंक यू कैप्टन स्मित" लिखे हुए होर्डिंग्स नजर आ रहे हैं।
पीएम मोदी को सुनाई आपबीती
यूएई के एक अस्पताल में अपना इलाज करा रहे कैप्टन माछर ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। उन्होंने पीएम को उस खौफनाक मंजर के बारे में बताया। स्मित ने कहा कि को-पायलट के हमले में बुरी तरह घायल होने के बावजूद उन्हें अहसास हो गया था कि प्लेन नीचे गिर रहा है। ऐसे में कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए उन्होंने अपनी "आखिरी ताकत" लगा दी।
कैप्टन माछर ने पीएम मोदी को बताया, "जब मैं फर्श पर गिरा हुआ था, तो मुझे लगा कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। मुझे पक्का यकीन था कि 'स्मित, बस यही आखिरी मौका है। कर डालो। दरवाजा बिल्कुल सामने है।' मुझ पर लगातार वार हो रहे थे, फिर भी मैं किसी तरह दरवाजा खोलने में कामयाब रहा, सर। उसके बाद बाकी लोग भी वहां आ गए। इस बचाव में बाकी लोगों का भी बराबर का रोल रहा।"
कैप्टन ने आगे कहा कि उस वक्त वो अपनी जान बचाने के बारे में सोच रहे थे, लेकिन उन्हें यह भी पता था कि वो यात्रियों को मरने नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, "मैं खुद से यही कह रहा था कि मैं अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा हूं, लेकिन अंदर ही अंदर मैं जानता था कि मैं उन सभी को मरने नहीं दे सकता।"
हवा में क्या हुआ था उस दिन?
यह घटना 30 सितंबर की है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। आरोप है कि ओमान के रहने वाले को-पायलट ने प्लेन को क्रैश कराने के इरादे से कमांडर (स्मित) पर चाकू से हमला कर दिया। इस हाथापाई के दौरान प्लेन तेजी से नीचे आने लगा। हाईजैकिंग का सिग्नल भेजने से पहले ही, महज दो मिनट के अंदर विमान करीब 16,000 फीट नीचे आ गया था।
बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित माछर ने हमलावर का डटकर सामना किया। फ्लाइट क्रू और कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू किया, जिसके बाद क्रू ने वापस प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया।
इसके बाद सऊदी अरब के ताबुक में प्लेन की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस तरह विमान में सवार सभी 180 लोगों की जान बच गई और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
रिकवरी और सम्मान
यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने बताया है कि कैप्टन माछर की हालत अब स्थिर है और वो तेजी से रिकवर कर रहे हैं।
वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी कैप्टन की बहादुरी के लिए उन्हें 'विशिष्ट गुजरात गरिमा अवार्ड' देने का ऐलान किया है।
