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2024 तक सड़कों पर दौड़ेगी Apple की कार, 6 साल से 190 लोग मिलकर गुपचुप बना रहे हैं गाड़ी का मॉडल!

First Published Dec 23, 2020, 11:28 AM IST
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ऑटो डेस्क: एपल के फोंस दुनियाभर में लोगों की पहली पसंद है। अपने प्रीमियम क्वालिटी की वजह से एपल के फोन लोग यूज करते हैं। इस बीच साल 2020 के खत्म होने से पहले ऑटो इंडस्ट्री में एक बड़ी खबर से हलचल मची है। अगर न्यूज एजेंसी रायटर्स के सूत्रों की मानें तो जल्द ही आपको सड़कों पर एपल की गाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी। हालांकि, इसकी जानकारी अभी एपल की तरफ से सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन बताया जा रहा है कि साल 2024 तक एपल अपनी कार लांच करेगा। एपल की इस कार का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। आइये आपको बताते हैं एपल की इस कार के बारे में मिली सारी जानकारी के बारे में... 

अमेरिकी कंपनी एपल ने फोन की दुनिया में अपना जादू काफी समय से चला रखा है। एपल के  भी फोन की लॉन्चिंग हो, लोगों की नजरें इसपर टिकी रहती है। अब ये कंपनी ऑटो इंडस्ट्री में अपनी धाक ज़माने को तैयार है। 

अमेरिकी कंपनी एपल ने फोन की दुनिया में अपना जादू काफी समय से चला रखा है। एपल के  भी फोन की लॉन्चिंग हो, लोगों की नजरें इसपर टिकी रहती है। अब ये कंपनी ऑटो इंडस्ट्री में अपनी धाक ज़माने को तैयार है। 

न्यूज एजेंसी रायटर्स के सूत्रों पर यकीन करें तो एपल बीते 6 साल से यानी 2014 से ही कार बनाने के प्रॉजेक्ट पर काम कर रहा है।  जानकारी के मुताबिक, एपल ने इसका नाम प्रोजेक्ट टाइटन रखा है। 
 

न्यूज एजेंसी रायटर्स के सूत्रों पर यकीन करें तो एपल बीते 6 साल से यानी 2014 से ही कार बनाने के प्रॉजेक्ट पर काम कर रहा है।  जानकारी के मुताबिक, एपल ने इसका नाम प्रोजेक्ट टाइटन रखा है। 
 

इस प्रोजेक्ट में 190 लोग काम कर रहे हैं। इस बात की जानकारी 2018 में एपल के पूर्व सीनियर कर्मचारी ने ही दी थी। हालांकि, बाद में वो टेस्ला इंक में चले गए थे। लेकिन अब खबर है कि एपल ने उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए वापस बुला लिया है। 
 

इस प्रोजेक्ट में 190 लोग काम कर रहे हैं। इस बात की जानकारी 2018 में एपल के पूर्व सीनियर कर्मचारी ने ही दी थी। हालांकि, बाद में वो टेस्ला इंक में चले गए थे। लेकिन अब खबर है कि एपल ने उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए वापस बुला लिया है। 
 

एपल की इस कार को पैसेंजर कार बताया जा रहा है। ये एडवांस बैटरी टेक्नोलॉजी पर काम करेगा। कंपनी ने इसका डिजाइन भी 2014 में ही बना लिया था। अब खबर है कि वो इसके सॉफ्टवेयर पर ध्यान दे रही है।  
 

एपल की इस कार को पैसेंजर कार बताया जा रहा है। ये एडवांस बैटरी टेक्नोलॉजी पर काम करेगा। कंपनी ने इसका डिजाइन भी 2014 में ही बना लिया था। अब खबर है कि वो इसके सॉफ्टवेयर पर ध्यान दे रही है।  
 

एपल की कोशिश है कि वो आम लोगों के लिए काफी बेहतरीन गाड़ी बनाए। लेकिन इसमें उसे काफी दिग्गजों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें उसका सबसे बड़ा कॉम्पिटिटर है गूगल। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक पहले ही रोबेटिक टैक्सी Waymo बना चुकी है। ये ड्राइवरलेस कार है।  
 

एपल की कोशिश है कि वो आम लोगों के लिए काफी बेहतरीन गाड़ी बनाए। लेकिन इसमें उसे काफी दिग्गजों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें उसका सबसे बड़ा कॉम्पिटिटर है गूगल। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट इंक पहले ही रोबेटिक टैक्सी Waymo बना चुकी है। ये ड्राइवरलेस कार है।  
 

एपल की कोशिश है कि उनकी बैटरी से चलने वाली ये कार लागत में कम रहे। कम बैटरी में ही ये कार अच्छी खासी स्पीड और ज्यादा किलोमीटर का माइलेज दे एपल की कोशिश है। फिलहाल लोगों को एपल की इस कार का बेसब्री से इन्तजार है, जिसके मार्केट में आने की उम्मीद 2024 तक जताई गई है।  

एपल की कोशिश है कि उनकी बैटरी से चलने वाली ये कार लागत में कम रहे। कम बैटरी में ही ये कार अच्छी खासी स्पीड और ज्यादा किलोमीटर का माइलेज दे एपल की कोशिश है। फिलहाल लोगों को एपल की इस कार का बेसब्री से इन्तजार है, जिसके मार्केट में आने की उम्मीद 2024 तक जताई गई है।  

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