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भोजपुरी की सबसे 'खतरनाक सास' हैं अक्षरा सिंह की मां, TV सीरियल निमकी मुखिया में निभाया था ये दमदार रोल

First Published May 24, 2021, 3:06 PM IST
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मुंबई। भोजपुरी फिल्मों की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस में शुमार अक्षरा सिंह (Akshara Singh) अपनी एक्टिंग के साथ-साथ सिंगिंग के लिए भी जानी जाती हैं। फिल्मों के साथ ही अक्षरा अपने म्यूजिक एलबम भी रिलीज करती हैं। वैसे, अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहने वाली अक्षरा सिंह के माता-पिता दोनों ही थिएटर बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते हैं और उनकी गिनती भोजपुरी इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों में होती है। अक्षरा सिंह की मां यानी नीलिमा सिंह भोजपुरी फिल्मों में नेगेटिव किरदार निभाने के लिए जानी जाती हैं। नीलिमा सिंह ने ज्यादातर फिल्मों में खतरनाक सास के रोल किए हैं। हालांकि बावजूद इसके उनकी पॉपुलैरिटी काफी ज्यादा है। 

नीलिमा सिंह को टीवी शो ‘निमकी मुखिया ‘ से काफी पहचान मिली थी। इस सीरियल में उन्होंने अनारो देवी का रोल निभाया था। शो में नीलिमा ने एक खतरनाक सास की भूमिका निभाई, जिसे खूब तारीफ मिली थी। नीलिमा सिंह के द्वारा निभाए गए किरदारों की वजह से ही उन्हें ‘सबसे खतरनाक सास’ कहा जाता है।

नीलिमा सिंह को टीवी शो ‘निमकी मुखिया ‘ से काफी पहचान मिली थी। इस सीरियल में उन्होंने अनारो देवी का रोल निभाया था। शो में नीलिमा ने एक खतरनाक सास की भूमिका निभाई, जिसे खूब तारीफ मिली थी। नीलिमा सिंह के द्वारा निभाए गए किरदारों की वजह से ही उन्हें ‘सबसे खतरनाक सास’ कहा जाता है।

ऐसा नहीं है कि नीलिमा सिंह ने भोजपुरी फिल्मों में सिर्फ नेगेटिव किरदार ही निभाए हैं। उन्होंने कई फिल्मों में कुछ पॉजिटिव रोल भी किए हैं। हालांकि लोगों ने उनके नेगेटिव किरदारों को ज्यादा पसंद किया है। 

ऐसा नहीं है कि नीलिमा सिंह ने भोजपुरी फिल्मों में सिर्फ नेगेटिव किरदार ही निभाए हैं। उन्होंने कई फिल्मों में कुछ पॉजिटिव रोल भी किए हैं। हालांकि लोगों ने उनके नेगेटिव किरदारों को ज्यादा पसंद किया है। 

एक इंटरव्यू में नीलिमा सिंह ने कहा था- भोजपुरी फिल्मों में मैंने ज्यादातर भूमिकाएं नेगेटिव की हैं। हालांकि ऐसा नहीं कि मुझे पॉजिटिव भूमिकाएं पसंद नहीं, और मैंने किया भी है। पर नेगेटिव रोल में दर्शकों ने मुझे अधिक प्यार दिया है।

एक इंटरव्यू में नीलिमा सिंह ने कहा था- भोजपुरी फिल्मों में मैंने ज्यादातर भूमिकाएं नेगेटिव की हैं। हालांकि ऐसा नहीं कि मुझे पॉजिटिव भूमिकाएं पसंद नहीं, और मैंने किया भी है। पर नेगेटिव रोल में दर्शकों ने मुझे अधिक प्यार दिया है।

हालांकि, इस बारे में जब भी नीलिमा सिंह बात करती हैं तो मानती हैं कि 'एक महिला के भीतर जो दिल होता है, उसे कई बार ऐसे मौकों पर समझाना पड़ता है कि ये सिर्फ एक्टिंग है। वरना, कौन ऐसी महिला होगी जो सिर्फ निगेटिव किरदार में ही खुश रहे।'
 

हालांकि, इस बारे में जब भी नीलिमा सिंह बात करती हैं तो मानती हैं कि 'एक महिला के भीतर जो दिल होता है, उसे कई बार ऐसे मौकों पर समझाना पड़ता है कि ये सिर्फ एक्टिंग है। वरना, कौन ऐसी महिला होगी जो सिर्फ निगेटिव किरदार में ही खुश रहे।'
 

टीवी सीरियल 'निमकी मुखिया' ने नीलिमा को जबरदस्त पहचान दिलाई। अनारो देवी का किरदार उन्हें अचानक मिला, लेकिन एक्ट्रेस ने उस किरदार में भी जान फूंक दी। हालांकि, वो इसके लिए इस सीरियल के डायरेक्टर-राइटर जमा हबीब को पूरा श्रेय देती हैं। 

टीवी सीरियल 'निमकी मुखिया' ने नीलिमा को जबरदस्त पहचान दिलाई। अनारो देवी का किरदार उन्हें अचानक मिला, लेकिन एक्ट्रेस ने उस किरदार में भी जान फूंक दी। हालांकि, वो इसके लिए इस सीरियल के डायरेक्टर-राइटर जमा हबीब को पूरा श्रेय देती हैं। 

नीलिमा सिंह ने इस सीरियल को इसलिए भी अपने करियर के लिए अहम माना है, क्योंकि इसमें उन्हें तीनों शेड में भूमिकाएं निभाने का मौका मिला। पहले वो एक खतरनाक सास और बीच में दयालु मां और आखिर में एक बार फिर नेगेटिव किरदार।

नीलिमा सिंह ने इस सीरियल को इसलिए भी अपने करियर के लिए अहम माना है, क्योंकि इसमें उन्हें तीनों शेड में भूमिकाएं निभाने का मौका मिला। पहले वो एक खतरनाक सास और बीच में दयालु मां और आखिर में एक बार फिर नेगेटिव किरदार।

नीलिमा सिंह को लगता है कि भोजपुरी में बदलाव की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी अक्षरा सिंह इस दिशा में काफी प्रयास कर रही हैं। नीलिमा ने यह भी कहा कि सिर्फ एक इंसान से नहीं बल्कि पूरी इंडस्ट्री को इस दिशा में सोचना होगा कि आखिर हम इतने पीछे क्यों रह गए?

नीलिमा सिंह को लगता है कि भोजपुरी में बदलाव की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी अक्षरा सिंह इस दिशा में काफी प्रयास कर रही हैं। नीलिमा ने यह भी कहा कि सिर्फ एक इंसान से नहीं बल्कि पूरी इंडस्ट्री को इस दिशा में सोचना होगा कि आखिर हम इतने पीछे क्यों रह गए?

वेब सीरीज के सवाल पर नीलिमा सिंह कहती हैं कि वो इसमें काम करना चाहती हैं। अभी कोई बेहतर रोल नहीं आया है और वो रोने-धोने वाली महिला या फिर गंदे कंटेट्स के साथ काम नहीं करना चाहती हैं। भूमिकाएं दमदार हों, जैसी वो चाहती हैं तो फिर वो जरूर काम करेंगी। अभी कुछ भोजपुरी प्रोजेक्ट नीलिमा के पास हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते ज्यादातर काम ठप है। 

वेब सीरीज के सवाल पर नीलिमा सिंह कहती हैं कि वो इसमें काम करना चाहती हैं। अभी कोई बेहतर रोल नहीं आया है और वो रोने-धोने वाली महिला या फिर गंदे कंटेट्स के साथ काम नहीं करना चाहती हैं। भूमिकाएं दमदार हों, जैसी वो चाहती हैं तो फिर वो जरूर काम करेंगी। अभी कुछ भोजपुरी प्रोजेक्ट नीलिमा के पास हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते ज्यादातर काम ठप है। 

वहीं, अक्षरा सिंह के ऊपर भी अपने पेरेंट्स का असर हुआ और यही वजह है कि वो भी इसी फील्ड में आ गईं। एक इंटरव्यू में अक्षरा ने कहा था- मेरी परवरिश थियेटर बैकग्राउंड में हुई है। मेरे मम्मी-पापा दोनों ही काम कर रहे थे एनएसडी में। थियेटर करते ही उनके दिन गुजरे। जब आप उस तरह के माहौल में पले-बढ़े हैं तो आप खुद भी एक एक्टर ही हैं। एक्टिंग और म्यूजिक मेरी नस-नस में है। 

वहीं, अक्षरा सिंह के ऊपर भी अपने पेरेंट्स का असर हुआ और यही वजह है कि वो भी इसी फील्ड में आ गईं। एक इंटरव्यू में अक्षरा ने कहा था- मेरी परवरिश थियेटर बैकग्राउंड में हुई है। मेरे मम्मी-पापा दोनों ही काम कर रहे थे एनएसडी में। थियेटर करते ही उनके दिन गुजरे। जब आप उस तरह के माहौल में पले-बढ़े हैं तो आप खुद भी एक एक्टर ही हैं। एक्टिंग और म्यूजिक मेरी नस-नस में है। 

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