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इस 1 डर के चलते कभी अपने ससुराल नहीं गए निरहुआ, भैंस की पीठ पर बैठ गाने का रियाज करता था एक्टर
मुंबई। भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार कहे जाने वाले एक्टर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ (Nirahua) आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। वो एक ऐसे गांव से आते हैं जहां रूढ़िवादी परंपरा रही और आज भी बरकरार है। इस बात को कई बार दिनेश लाल खुद स्वीकार कर चुके हैं। निरहुआ ने एक बार अपने गांव-समाज को लेकर एक किस्सा सुनाया था, जो कि उनके ससुराल ना जाने से जुड़ा है। निरहुआ ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शादी के बाद से वो आज तक अपनी ससुराल नहीं गए हैं?

दरअसल निरहुआ से एक रिपोर्टर ने एक बार पूछा था कि स्टार बनने के बाद जब वो पहली बार ससुराल गए थे तो ससुराल वालों का कैसा रिएक्शन था? इस बात का जवाब देते हुए दिनेश ने कहा था कि वो आज तक ससुराल ही नहीं गए।
निरहुआ ससुराल ना जाने की वजह के बारे में बात करते हुए कहा था कि उनके गांव में माना जाता था कि अगर किसी लड़के की शादी हो गई और वो ससुराल बार-बार जा रहा है तो लोग मजा लेने लगते थे।
निरहुआ ने कहा था कि लोग कहते कि ये ससुराल में ही टिका रहता है। ससुराल ही जाता रहता है। गांव के डर की वजह से कि लोग मजा लेने लगेंगे मैं कभी ससुराल ही नहीं गया। यही नहीं निरहुआ ने ये भी कहा था कि उनके पिता जी और दादा जी भी कभी अपने ससुराल नहीं गए थे। यह परंपरा ही बन गई थी और उन्होंने भी उसका पालन किया।
वहीं, निरहुआ ने यह भी कहा कि पत्नी को भी अच्छा नहीं लगता कि एक्टर ससुराल जाए, क्योंकि उनसे पहले जिस व्यक्ति की उससे शादी होने वाली थी वह देखने ससुराल चला गया था और शादी ही कट गई। ससुराल वालों ने भी इसकी कभी कोई शिकायत नहीं की।
बता दें, दिनेश लाल यादव की पत्नी का नाम मंशा देवी है। दिनेश लाल के दो बच्चे भी हैं। उन्होंने 'चलत मुसाफिर मोह लिया रे' से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री की। लेकिन, पहचान 2008 में आई उनकी फिल्म 'निरहुआ रिक्शावाला' से मिली। यह फिल्म ब्लॉक बस्टर साबित हुई थी और सिनेमाघरों में घूम मचा दी थी।
2 फरवरी, 1979 को यूपी में गाजीपुर के टंडवा गांव में पैदा हुए निरहुआ अब किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। लेकिन यहां तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। उनका जीवन फिल्मों में आने से पहले बहुत ही संघर्ष में बीता है।
निरहुआ के पिता शहर से बाहर रहकर मजदूरी करके 7 लोगों का परिवार चलाते थे। महज 3500 रुपए में निरहुआ के परिवार को गुजर बसर करना पड़ता था। निरहुआ और उनका परिवार एक झोपड़पट्टी में रहता था।
निरहुआ के घर की हालात ठीक नहीं होने की वजह से उनके पिता दोनों बेटों दिनेशलाल और प्रवेशलाल को लेकर कोलकाता चले गए। इस दौरान उन्होंने पत्नी और तीन बेटियों को गांव में ही छोड़ दिया था। कोलकाता में वो एक झोपड़पट्टी में अपने दोनों बेटों के साथ कई सालों तक रहे। इस दौरान वे मजदूरी कर 3500 रुपए कमाते थे।
निरहुआ का मां चंद्रज्योति देवी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि दिनेश को बचपन से ही गीत-संगीत का शौक था। निरहुआ कभी रियाज से नहीं चूकते थे। वो भैस चराने जाते थे तब उनकी पीठ पर बैठकर गाने का रियाज करते थे। वहीं, निरहुआ के पिता चाहते थे कि वो पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी करें, लेकिन वो तो एक्टर बनना चाहते थे। वो अपने रिश्ते के बड़े भाई और बिरहा सिंगर विजय लाल यादव को फॉलो करते थे।
बहरहाल, निरहुआ फिल्मों के साथ ही अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में रहते हैं। निरहुआ और आम्रपाली दुबे की जोड़ी भोजपुरी की हिट जोड़ी में से एक है। दोनों को फैंस साथ काफी पसंद करते हैं। इसके साथ ही ये जोड़ी एक-दूसरे को डेट करने को लेकर भी काफी चर्चा में रहती है। हालांकि, दोनों में से किसी ने भी कभी रिलेशनशिप को लेकर कभी कुछ नहीं बोला।
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