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ये हैं बिहार की बहू, जिनपर नाज करता है हिंदुस्तान, कभी IAS बनने का था सपना, ऐसे पूरी की थी कानून की पढ़ाई

First Published Oct 4, 2020, 2:15 PM IST
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पटना (Bihar) । निर्भया कांड (Nirbhaya scandal) के दोषियों को फांसी की सजा दिलाकर सुर्खियों में आने वाली दिल्ली कोर्ट की वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा (Advocate Seema Samriddhi Kushwaha) बिहार की बहू हैं। जिनपर आज पूरा देश नाज करता था। अब उन्होंने यूपी के हाथरस (Hathras) में हैवानियत की शिकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मुफ्त में केस लड़ने का ऐलान किया है, जिसकी जानकारी होने पर बिहार के लोग गर्व करते हैं। बता दें कि यह बहुत कम ही लोग जानते हैं सीमा समृद्धि कभी आईएएस अधिकारी बनना चाहती थी, जिसके लिए उन्होंने तैयारी भी की थी। 

सीमा समृद्धि का जन्म दस जनवरी 1982 को यूपी में इटावा के बिधिपुर ग्राम पंचायत के उग्रापुर में हुआ जन्म हुआ था। पिता बालादीन कुशवाहा ग्राम प्रधान भी रह चुके हैं। उनके निधन के बाद आर्थिक तंगी के बीच कानून की पढाई पूरी करनी पड़ी थी।

सीमा समृद्धि का जन्म दस जनवरी 1982 को यूपी में इटावा के बिधिपुर ग्राम पंचायत के उग्रापुर में हुआ जन्म हुआ था। पिता बालादीन कुशवाहा ग्राम प्रधान भी रह चुके हैं। उनके निधन के बाद आर्थिक तंगी के बीच कानून की पढाई पूरी करनी पड़ी थी।

पैसे की तंगी के कारण सीमा ने प्रौढ़ शिक्षा विभाग में संविदा पर नौकरी भी की थी। उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का था। जिसके लिए उन्होंने तैयारी भी की थी। लेकिन, सफल नहीं हो पाई थी।

पैसे की तंगी के कारण सीमा ने प्रौढ़ शिक्षा विभाग में संविदा पर नौकरी भी की थी। उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का था। जिसके लिए उन्होंने तैयारी भी की थी। लेकिन, सफल नहीं हो पाई थी।

सीमा ने इसके पहले 2005 में कानपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी फिर, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से 2006 में पत्रकारिता की डिग्री हासिल की थी। उसके बाद, उन्होंने राजनीति विज्ञान में एमए भी किया। 
 

सीमा ने इसके पहले 2005 में कानपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी फिर, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से 2006 में पत्रकारिता की डिग्री हासिल की थी। उसके बाद, उन्होंने राजनीति विज्ञान में एमए भी किया। 
 

सीमा के पति राकेश मुंगेर के संग्रामपुर प्रखंड के पौरिया गांव के रहने वाले हैं, जो गणित के अध्यापक हैं और दिल्ली में आईआईटी की तैयारी कराने वाली एक संस्था से जुड़े हुए हैं। 
 

सीमा के पति राकेश मुंगेर के संग्रामपुर प्रखंड के पौरिया गांव के रहने वाले हैं, जो गणित के अध्यापक हैं और दिल्ली में आईआईटी की तैयारी कराने वाली एक संस्था से जुड़े हुए हैं। 
 

दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद सीमा ने 2014 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की थी। वो बताती है कि निर्भया का केस लड़ने के दौरान कई बार बीमार भी हुईं थी। लेकिन, इस बीच हर समय पति राकेश हमेशा साथ खड़े रहते थे। उन्होंने हमेशा हौसला बढ़ाया।

दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद सीमा ने 2014 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की थी। वो बताती है कि निर्भया का केस लड़ने के दौरान कई बार बीमार भी हुईं थी। लेकिन, इस बीच हर समय पति राकेश हमेशा साथ खड़े रहते थे। उन्होंने हमेशा हौसला बढ़ाया।

बताते चले कि इस समय सीमा समृद्धि सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं और निर्भया ज्योति ट्रस्ट की कानूनी सलाहकार हैं। वो 24 जनवरी, 2014 को निर्भया ज्योति ट्रस्ट से जुड़ीं थीं। 
 

बताते चले कि इस समय सीमा समृद्धि सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं और निर्भया ज्योति ट्रस्ट की कानूनी सलाहकार हैं। वो 24 जनवरी, 2014 को निर्भया ज्योति ट्रस्ट से जुड़ीं थीं। 
 

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