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9 साल पहले कंगना संग फिल्म में किया था काम, अब उद्धव के खिलाफ LJP चीफ चिराग ने दोस्त को यूं किया सपोर्ट

First Published Sep 11, 2020, 1:45 PM IST
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पटना।  बिहार में 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की तबियत खराब हो गई है। एलजेपी नेता पासवान को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले एनडीए के दिग्गज मंत्री ने ट्वीट से ऐलान किया कि पार्टी की राजनीति को लेकर बेटे चिराग पासवान जो फैसला लेंगे, उसे उनकी ओर से पहले से ही मंजूर माना जाए। वो चिराग के सभी फैसलों के साथ मजबूती से खड़े हैं। हाल में सीटों के बंटवारे को लेकर चिराग और नीतीश कुमार के बीच की तनातनी कई बार सार्वजनिक हो चुकी है। ट्वीट से पासवान ने साफ किया कि आरजेडी में तेजस्वी यादव की तरह एलजेपी में चिराग को बच्चा न समझा जाए। वो पार्टी के हित में सही या गलत फैसला लेने में सक्षम हैं। 
 

पासवान ने यह भी बताया कि कोरोना काल में काम की वजह से वो अपनी बीमारी पर ध्यान नहीं दे पाए। लेकिन अब चीजें पटरी पर हैं और ऐसे वक्त में चिराग के कहने के बाद वो इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। चिराग पार्टी की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहे हैं। 
 

पासवान ने यह भी बताया कि कोरोना काल में काम की वजह से वो अपनी बीमारी पर ध्यान नहीं दे पाए। लेकिन अब चीजें पटरी पर हैं और ऐसे वक्त में चिराग के कहने के बाद वो इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। चिराग पार्टी की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहे हैं। 
 

बताते चलें कि एलजेपी बिहार से एनडीए का अहम सहयोगी दल है और चिराग पार्टी के अध्यक्ष हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी अध्यक्ष ही फैसले ले रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक में भी उन्हें चुनाव से जुड़ा कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया था। चिराग ने चुनाव के लिए "बिहार फ़र्स्ट और बिहारी फ़र्स्ट" का नारा भी दिया है। 

बताते चलें कि एलजेपी बिहार से एनडीए का अहम सहयोगी दल है और चिराग पार्टी के अध्यक्ष हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी अध्यक्ष ही फैसले ले रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक में भी उन्हें चुनाव से जुड़ा कोई भी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया था। चिराग ने चुनाव के लिए "बिहार फ़र्स्ट और बिहारी फ़र्स्ट" का नारा भी दिया है। 

इस बीच बिहार में सुशांत सिंह राजपूत केस के बहाने के कंगना रनौट और महाराष्ट्र की उद्धव सरकार का टकराव चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के बिहार प्रभारी देवेन्द्र फडणवीस आज ही राज्य पहुंच रहे हैं। यहां आने से पहले ही उन्होंने शिवसेना के इशारे पर मुंबई में कंगना के ऑफिस गिराए जाने के खिलाफ तगड़ा मोर्चा खोला हुआ है। 
 

इस बीच बिहार में सुशांत सिंह राजपूत केस के बहाने के कंगना रनौट और महाराष्ट्र की उद्धव सरकार का टकराव चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के बिहार प्रभारी देवेन्द्र फडणवीस आज ही राज्य पहुंच रहे हैं। यहां आने से पहले ही उन्होंने शिवसेना के इशारे पर मुंबई में कंगना के ऑफिस गिराए जाने के खिलाफ तगड़ा मोर्चा खोला हुआ है। 
 

एनडीए के दूसरे दल भी महाराष्ट्र सरकार की आलोचना कर रहे हैं। इस बीच सुशांत केस में पहले से मुखर रहे चिराग पासवान ने कंगना मामले में भी एक्ट्रेस को पूरा सपोर्ट देने का ऐलान किया है। जमुई से एलजेपी के सांसद चिराग और कंगना का रिश्ता काफी पुराना है। इससे पहले भी उद्धव से सीधे मुक़ाबला कर रही कंगना को देशभक्त बताते हुए एलजेपी चीफ ने सपोर्ट में दो ट्वीट किए थे। 

एनडीए के दूसरे दल भी महाराष्ट्र सरकार की आलोचना कर रहे हैं। इस बीच सुशांत केस में पहले से मुखर रहे चिराग पासवान ने कंगना मामले में भी एक्ट्रेस को पूरा सपोर्ट देने का ऐलान किया है। जमुई से एलजेपी के सांसद चिराग और कंगना का रिश्ता काफी पुराना है। इससे पहले भी उद्धव से सीधे मुक़ाबला कर रही कंगना को देशभक्त बताते हुए एलजेपी चीफ ने सपोर्ट में दो ट्वीट किए थे। 

बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि आज से 9 साल पहले जब कंगना फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित नहीं हुई थीं उस वक्त उन्होंने चिराग के अपोजीट एक फिल्म में उनकी लीड हीरोइन की भूमिका निभाई थी। ये फिल्म थी - मिले ना मिले हम। 2011 में रिलीज हुई फिल्म का निर्देशन तनवीर खान ने किया था। 
 

बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि आज से 9 साल पहले जब कंगना फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित नहीं हुई थीं उस वक्त उन्होंने चिराग के अपोजीट एक फिल्म में उनकी लीड हीरोइन की भूमिका निभाई थी। ये फिल्म थी - मिले ना मिले हम। 2011 में रिलीज हुई फिल्म का निर्देशन तनवीर खान ने किया था। 
 

नवंबर महीने में रिलीज हुई फिल्म से चिराग ने बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म में कंगना के अलावा नीरू बाजवा और सागरिका घाटगे ने भी अहम किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डब्बा गोल हो गई थी। फिल्मी करियर सेट नहीं होने के बाद चिराग ने राजनीति जॉइन कर ली और जमुई से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बने। 2019 के चुनाव में भी चिराग ने जमुई लोकसभा सीट पर कब्जा बनाए रखा।

नवंबर महीने में रिलीज हुई फिल्म से चिराग ने बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म में कंगना के अलावा नीरू बाजवा और सागरिका घाटगे ने भी अहम किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डब्बा गोल हो गई थी। फिल्मी करियर सेट नहीं होने के बाद चिराग ने राजनीति जॉइन कर ली और जमुई से 2014 का लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बने। 2019 के चुनाव में भी चिराग ने जमुई लोकसभा सीट पर कब्जा बनाए रखा।

बाद में रामविलास पासवान ने उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बना दिया। चिराग नई विचार वाले नेता माने जाते हैं और राजनीति में गठबंधन, युवाओं और महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात करते हैं। कहते हैं कि एनडीए में चिराग की वजह से ही एलजेपी की एंट्री हुई। यह भी चर्चा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे बीजेपी के दिग्गज नेता चिराग के काफी करीब हैं और उनकी इज्जत करते हैं। यही वजह है कि जेडीयू से झगड़े में बीजेपी के सीनियर नेता चिराग के पक्ष में नजर आ रहे हैं। 

बाद में रामविलास पासवान ने उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बना दिया। चिराग नई विचार वाले नेता माने जाते हैं और राजनीति में गठबंधन, युवाओं और महिलाओं के प्रतिनिधित्व की बात करते हैं। कहते हैं कि एनडीए में चिराग की वजह से ही एलजेपी की एंट्री हुई। यह भी चर्चा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे बीजेपी के दिग्गज नेता चिराग के काफी करीब हैं और उनकी इज्जत करते हैं। यही वजह है कि जेडीयू से झगड़े में बीजेपी के सीनियर नेता चिराग के पक्ष में नजर आ रहे हैं। 

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