अमित शाह से राबड़ी देवी तक, इन स्टार प्रचारकों ने नहीं की रैलियां, लालू यादव रहे पूरी तरह गायब

First Published Nov 7, 2020, 10:27 AM IST

पटना। बिहार में आज आखिरी चरण की वोटिंग हो रही है। तीन चरणों के कैम्पेन में कई दिग्गज प्रचार करने बिहार में आए। लेकिन बिहार की रैलियों के कई जाने-पहचाने चेहरे इस बार नहीं दिखे। प्रशंसकों को उनकी कमी खली। इनमें सभी दलों के स्टार कैम्पेनर शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम लालू यादव का है। आरजेडी चीफ लालू यादव पिछले चार दशक से बिहार की राजनीति का एक सबसे मजबूत सिरा हैं और उनके इर्दगिर्द ही राजनीति होती है। लेकिन इस बार लालू चुनावों में नजर नहीं आए। इसकी वजह भ्रष्टाचार के मामले में उनका जेल में बंद होना है। लालू इस वक्त रांची में जेल की सजा काट रहे हैं। वैसे एक स्ट्रेटजी के तहत लालू की तस्वीरों को भी आरजेडी ने बिहार में हाई लाइट नहीं किया। 
 

<p>लालू के साथ ही उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी चुनावी कैम्पेन में कहीं नजर आईं। जबकि राबड़ी का नाम पार्टी के स्टार प्रचारकों में शामिल था। हालांकि एक रैली में उनके बड़े बेटे तेजप्रताप ने मंच से सीधे राबड़ी को जोड़ा और इस तरह राबड़ी ने कैम्पेन में हिस्सा लिया। लालू परिवार से राबड़ी, बेटे तेजप्रताप &nbsp;और तेजस्वी के अलावा बड़ी बेटी मीसा भारती और उनके पति आरजेडी के चुनावी कैम्पेन में दिखते रहे। लेकिन इस बार मीसा कहीं नजर नहीं आईं। लालू की गैर मौजूदगी में पूरे अभियान का दारोमदार तेजस्वी यादव के कंधों पर रहा।&nbsp;</p>

लालू के साथ ही उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी चुनावी कैम्पेन में कहीं नजर आईं। जबकि राबड़ी का नाम पार्टी के स्टार प्रचारकों में शामिल था। हालांकि एक रैली में उनके बड़े बेटे तेजप्रताप ने मंच से सीधे राबड़ी को जोड़ा और इस तरह राबड़ी ने कैम्पेन में हिस्सा लिया। लालू परिवार से राबड़ी, बेटे तेजप्रताप  और तेजस्वी के अलावा बड़ी बेटी मीसा भारती और उनके पति आरजेडी के चुनावी कैम्पेन में दिखते रहे। लेकिन इस बार मीसा कहीं नजर नहीं आईं। लालू की गैर मौजूदगी में पूरे अभियान का दारोमदार तेजस्वी यादव के कंधों पर रहा। 

<p><strong>बीजेपी से नहीं दिखे अमित शाह&nbsp;</strong><br />
बिहार ने के दिग्गज नेताओं ने सबसे बड़ा अभियान चलाया और करीब 650 जनसभाएं कीं। पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा उनकी कैबिनेट के कई दिग्गज कैम्पेन करने पहुंचे मगर इनमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नहीं थे। जबकि शाह बिहार के पिछले चुनावों में पीएम मोदी के बाद सबसे बड़े नेता के तौर पर शामिल होते रहे हैं। वैसे अमित शाह ने राज्य में चुनाव की घोषणा से पहले वर्चुअल माध्यम से पार्टी का अभियान शुरू किया था। वो बस इस बार रैलियां करने नहीं आए।&nbsp;<br />
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बीजेपी से नहीं दिखे अमित शाह 
बिहार ने के दिग्गज नेताओं ने सबसे बड़ा अभियान चलाया और करीब 650 जनसभाएं कीं। पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा उनकी कैबिनेट के कई दिग्गज कैम्पेन करने पहुंचे मगर इनमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नहीं थे। जबकि शाह बिहार के पिछले चुनावों में पीएम मोदी के बाद सबसे बड़े नेता के तौर पर शामिल होते रहे हैं। वैसे अमित शाह ने राज्य में चुनाव की घोषणा से पहले वर्चुअल माध्यम से पार्टी का अभियान शुरू किया था। वो बस इस बार रैलियां करने नहीं आए। 
 

<p><strong>राहुल ने सभाएं कीं मगर सोनिया, प्रियंका नहीं आईं&nbsp;</strong><br />
कांग्रेस, बिहार में आरजेडी के साथ महागठबंधन में दूसरे बड़े दल की हैसियत से शामिल है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार के लिए 8 सभाएं कीं। हालांकि पार्टी में स्टार कैम्पेनर की हैसियत से शामिल सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा कैम्पेन में नहीं दिखीं। वैसे सोनिया गांधी ने बिहार की जनता के नाम दिल्ली से ही संदेश भेजा। बीजेपी नेताओं ने सोनिया के बिहार में कैम्पेन के लिए नहीं आने का मुद्दा भी उठाया।&nbsp;</p>

राहुल ने सभाएं कीं मगर सोनिया, प्रियंका नहीं आईं 
कांग्रेस, बिहार में आरजेडी के साथ महागठबंधन में दूसरे बड़े दल की हैसियत से शामिल है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार के लिए 8 सभाएं कीं। हालांकि पार्टी में स्टार कैम्पेनर की हैसियत से शामिल सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा कैम्पेन में नहीं दिखीं। वैसे सोनिया गांधी ने बिहार की जनता के नाम दिल्ली से ही संदेश भेजा। बीजेपी नेताओं ने सोनिया के बिहार में कैम्पेन के लिए नहीं आने का मुद्दा भी उठाया। 

<p><strong>रामविलास पासवान के भाई भी गायब&nbsp;</strong><br />
इसी तरह एलजेपी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के छोटे भाई और पार्टी सांसद पशुपति कुमार पारस भी कैम्पेन में नजर नहीं आए। बड़े भाई की मौत पर उन्होंने बयान दिया था और चिराग से अलग लाइन लेते हुए नीतीश की तारीफ भी की थी। बाद में उन्होंने बयान बदला। उम्मीद थी कि पशुपति पारस कैम्पेन में शामिल होंगे। लेकिन नीतीश पर बयान देने के बाद वो भतीजे और पार्टी चीफ चिराग पासवान के साथ कैम्पेन नहीं किया। पशुपति दिल्ली में ही रहे। जबकि पार्टी के सांसद और चिराग के चचेरे भाई प्रिंस राज साए की तरह कई रैलियों और मौकों पर चिरगा पासवान के साथ नजर आए। &nbsp;</p>

रामविलास पासवान के भाई भी गायब 
इसी तरह एलजेपी के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के छोटे भाई और पार्टी सांसद पशुपति कुमार पारस भी कैम्पेन में नजर नहीं आए। बड़े भाई की मौत पर उन्होंने बयान दिया था और चिराग से अलग लाइन लेते हुए नीतीश की तारीफ भी की थी। बाद में उन्होंने बयान बदला। उम्मीद थी कि पशुपति पारस कैम्पेन में शामिल होंगे। लेकिन नीतीश पर बयान देने के बाद वो भतीजे और पार्टी चीफ चिराग पासवान के साथ कैम्पेन नहीं किया। पशुपति दिल्ली में ही रहे। जबकि पार्टी के सांसद और चिराग के चचेरे भाई प्रिंस राज साए की तरह कई रैलियों और मौकों पर चिरगा पासवान के साथ नजर आए।  

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