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जिस कंपनी को लेकर सोनू निगम ने खड़ा किया बखेड़ा, उसे जूस बेचने वाले गुलशन कुमार ने ऐसे किया खड़ा

First Published Jun 23, 2020, 1:43 PM IST
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मुंबई। गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार और सोनू निगम के बीच इन दिनों ठनी हुई है। दरअसल, सुशांत राजपूत की आत्महत्या के बाद जब बॉलीवुड में नेपोटिज्म का मामला गरमाया तो सोनू निगम ने कह दिया कि म्यूजिक इंडस्ट्री में भी भाई-भतीजावाद हावी है। इसके बाद विवाद बढ़ा तो सोनू निगम ने मॉडल मरीना कुंवर का वीडियो जारी कर भूषण कुमार को एक्सपोज करने की धमकी दी। बता दें कि 23 साल पहले हुई गुलशन कुमार की हत्या के बाद उनके बेटे भूषण कुमार ही टी-सीरिज को चला रहे हैं। इस पैकेज में हम बता रहे हैं कि जूस बेचने वाले गुलशन कुमार ने आखिर कैसे खड़ी की करोड़ों की कंपनी।  

गुलशन कुमार दुआ का जन्म एक पंजाबी परिवार में 1956 में दिल्ली में हुआ था। गुलशन ने दिल्ली के देशबंधु कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की थी। दिल्ली के दरिया गंज इलाके में उनके पिता चंद्रभान की एक जूस की दुकान थी, जहां गुलशन उनके साथ काम करते थे।

गुलशन कुमार दुआ का जन्म एक पंजाबी परिवार में 1956 में दिल्ली में हुआ था। गुलशन ने दिल्ली के देशबंधु कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की थी। दिल्ली के दरिया गंज इलाके में उनके पिता चंद्रभान की एक जूस की दुकान थी, जहां गुलशन उनके साथ काम करते थे।

जूस की दुकान में काम करते-करते गुलशन ऊब गए थे। ऐसे में एक दिन उनके पिता ने एक दुकान और खरीद ली, जिसमें सस्ती कैसेट्स और गाने रिकॉर्ड कर बेचे जाते थे। 

जूस की दुकान में काम करते-करते गुलशन ऊब गए थे। ऐसे में एक दिन उनके पिता ने एक दुकान और खरीद ली, जिसमें सस्ती कैसेट्स और गाने रिकॉर्ड कर बेचे जाते थे। 

बस यहीं से गुलशन कुमार के करियर ने करवट बदली। इसके बाद गुलशन कुमार ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई, जो भारत में सबसे बड़ी संगीत कंपनी बन गई। उन्होंने इसी संगीत कंपनी के तहत टी-सीरीज की स्थापना की।

बस यहीं से गुलशन कुमार के करियर ने करवट बदली। इसके बाद गुलशन कुमार ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई, जो भारत में सबसे बड़ी संगीत कंपनी बन गई। उन्होंने इसी संगीत कंपनी के तहत टी-सीरीज की स्थापना की।

गुलशन ने नोएडा में एक प्रोडक्शन कंपनी खोली। धीरे-धीरे वे भक्ति गीत और भजन गाने लगे और इसी की वजह से पॉपुलर होने लगे। इसके बाद गुलशन ने अपने बिजनेस को बढ़ता देख मुंबई शिफ्ट होने का मन बनाया।

गुलशन ने नोएडा में एक प्रोडक्शन कंपनी खोली। धीरे-धीरे वे भक्ति गीत और भजन गाने लगे और इसी की वजह से पॉपुलर होने लगे। इसके बाद गुलशन ने अपने बिजनेस को बढ़ता देख मुंबई शिफ्ट होने का मन बनाया।

मुंबई आने के बाद गुलशन की किस्मत बदल गई। उन्होंने तकरीबन 15 से ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस कीं, जिनमें एक फिल्म 'बेवफा सनम' को उन्होंने डायरेक्ट भी किया। 

मुंबई आने के बाद गुलशन की किस्मत बदल गई। उन्होंने तकरीबन 15 से ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस कीं, जिनमें एक फिल्म 'बेवफा सनम' को उन्होंने डायरेक्ट भी किया। 

गुलशन कुमार की पहली प्रोड्यूस की गई फिल्म 1989 में आई 'लाल दुपट्टा मलमल का' थी। लेकिन उन्हें असल पहचान साल 1990 में आई फिल्म 'आशिकी' से मिली।

गुलशन कुमार की पहली प्रोड्यूस की गई फिल्म 1989 में आई 'लाल दुपट्टा मलमल का' थी। लेकिन उन्हें असल पहचान साल 1990 में आई फिल्म 'आशिकी' से मिली।

23 साल पहले जब गुलशन कुमार की हत्या हुई तो उससे पहले ही वो म्यूजिक की दुनिया के इंटरनेशनल ब्रान्ड बन चुके थे। रिपोर्ट्स की मानें तो टी-सीरीज का बिजनेस 24 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है। 

23 साल पहले जब गुलशन कुमार की हत्या हुई तो उससे पहले ही वो म्यूजिक की दुनिया के इंटरनेशनल ब्रान्ड बन चुके थे। रिपोर्ट्स की मानें तो टी-सीरीज का बिजनेस 24 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है। 

1997 में मुंबई के दादर में एक शिव मंदिर के सामने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। कहते हैं कि गुलशन ने अंडरवर्ल्ड की जबरन वसूली की मांग के आगे झुकने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गई थी। 

1997 में मुंबई के दादर में एक शिव मंदिर के सामने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। कहते हैं कि गुलशन ने अंडरवर्ल्ड की जबरन वसूली की मांग के आगे झुकने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गई थी। 

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