Asianet News Hindi

खुद से 16 साल बड़े एक्टर के साथ 'थलाइवी' में काम कर रहीं कंगना रनोट, जानें उनके बारे में सब कुछ

First Published Mar 25, 2021, 9:28 AM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

मुंबई. बॉलीवुड की कॉन्ट्रोवर्सी क्वीन कही जाने वाली एक्ट्रेस कंगना रनोट इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'थलाइवी' को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म ट्रेलर भी उनके जन्मदिन के मौके पर रिलीज किया गया। इसमें देखने के लिए मिला कि उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के किरदार में शक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है, लेकिन फिल्म में जयललिता के अलावा तमिलनाडु के ही पूर्व मुख्यमंत्री रहे एमजी रामचंद्रन का किरदार भी नजर आया। इस किरदार को एक्टर अरविंद स्वामी ने निभाया है। थलाइवी में एमजीआर के रोल में अरविंद पहचान पाना काफी मुश्किल है। ऐसे में उनके बारे में बता रहे हैं। आइए जानते हैं... 
 

अरविंद का जन्म 18 जून, 1970 में हुआ था। उन्हें डॉक्टर बनने का ख्वाब देखा करते थे, पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था तो वो फिल्म इंडस्ट्री में चले आए। बताया जाता है कि एक कर्मश‍ियल एडवर्ट‍िजमेंट में डायरेक्टर मण‍ि रत्नम की नजर उन पर पड़ी। मण‍ि रत्नम ने उन्हें बुलाया और यहीं से अरव‍िंद के रील लाइफ कर‍ियर की शुरुआत हुई। अब 16 साल छोटी कंगना रनोट के साथ वो 'थलाइवी' में दमदार कैरेक्टर में नजर आने वाले हैं।

अरविंद का जन्म 18 जून, 1970 में हुआ था। उन्हें डॉक्टर बनने का ख्वाब देखा करते थे, पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था तो वो फिल्म इंडस्ट्री में चले आए। बताया जाता है कि एक कर्मश‍ियल एडवर्ट‍िजमेंट में डायरेक्टर मण‍ि रत्नम की नजर उन पर पड़ी। मण‍ि रत्नम ने उन्हें बुलाया और यहीं से अरव‍िंद के रील लाइफ कर‍ियर की शुरुआत हुई। अब 16 साल छोटी कंगना रनोट के साथ वो 'थलाइवी' में दमदार कैरेक्टर में नजर आने वाले हैं।

अरविंद स्वामी तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों के स्टार हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा में भी उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। 1991 में मणि रत्नम की फिल्म थलपथी से अरविंद ने एक्टिंग जगत में कदम रखा था। इसके बाद 1992 में वो एक्ट्रेस मधू के साथ फिल्म 'रोजा' में नजर आए।

अरविंद स्वामी तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों के स्टार हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा में भी उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। 1991 में मणि रत्नम की फिल्म थलपथी से अरविंद ने एक्टिंग जगत में कदम रखा था। इसके बाद 1992 में वो एक्ट्रेस मधू के साथ फिल्म 'रोजा' में नजर आए।

नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी फिल्म 'रोजा' ने अरविंद के करियर को उड़ान दी। फिल्म तमिल में रिलीज हुई थी, लेकिन इसकी हिंदी डबिंग भी सिनेप्रेमियों के बीच लोकप्रिय रही। फिल्म के गाने आज भी म्यूजिक लवर्स के पसंदीदा लिस्ट में रहते हैं रोजा के लिए अरविंद को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर कैटेगरी में नॉमिनेट किया जा चुका है।

नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी फिल्म 'रोजा' ने अरविंद के करियर को उड़ान दी। फिल्म तमिल में रिलीज हुई थी, लेकिन इसकी हिंदी डबिंग भी सिनेप्रेमियों के बीच लोकप्रिय रही। फिल्म के गाने आज भी म्यूजिक लवर्स के पसंदीदा लिस्ट में रहते हैं रोजा के लिए अरविंद को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर कैटेगरी में नॉमिनेट किया जा चुका है।

फिल्म 'रोजा' में मधु और अरविंद की रोमांटिक केमिस्ट्री सभी को खूब पसंद आई थी। मजेदार बात ये है कि अब 29 साल बाद दोनों एक्टर्स एक बार फिर थलाइवी में स्क्रीन शेयर करेंगे। मधू फिल्म में एमजीआर की तीसरी पत्नी वीएम जानकी रामचंद्रन की भूमिका में हैं। 'थलाइवी' के ट्रेलर में उनका लुक भी देखा जा सकता है।

फिल्म 'रोजा' में मधु और अरविंद की रोमांटिक केमिस्ट्री सभी को खूब पसंद आई थी। मजेदार बात ये है कि अब 29 साल बाद दोनों एक्टर्स एक बार फिर थलाइवी में स्क्रीन शेयर करेंगे। मधू फिल्म में एमजीआर की तीसरी पत्नी वीएम जानकी रामचंद्रन की भूमिका में हैं। 'थलाइवी' के ट्रेलर में उनका लुक भी देखा जा सकता है।

फिल्म 'रोजा'में अरविंद और मधू की कास्टिंग को लेकर कुछ दिलचस्प बातें भी हैं। फिल्म के लिए ना अरविंद और ना मधू, मणिरत्नम की पहली पसंद थे। जब राजीव मेनन ने फिल्म करने से मना कर दिया तो अरविंद को साइन किया गया। वहीं, मघू से पहले ये फिल्म ऐश्वर्या राय को ऑफर किया गया था, जिसे एक्ट्रेस ने तारीख ना होने की वजह से रिजेक्ट कर दिया था। इस फिल्म ने पैन-इंडिया अरविंद को पहचान दिलाई। 
 

फिल्म 'रोजा'में अरविंद और मधू की कास्टिंग को लेकर कुछ दिलचस्प बातें भी हैं। फिल्म के लिए ना अरविंद और ना मधू, मणिरत्नम की पहली पसंद थे। जब राजीव मेनन ने फिल्म करने से मना कर दिया तो अरविंद को साइन किया गया। वहीं, मघू से पहले ये फिल्म ऐश्वर्या राय को ऑफर किया गया था, जिसे एक्ट्रेस ने तारीख ना होने की वजह से रिजेक्ट कर दिया था। इस फिल्म ने पैन-इंडिया अरविंद को पहचान दिलाई। 
 

वहीं, अगर अरविंद के बॉलीवुड करियर की बात की जाए तो उन्होंने 1998  में फिल्म 'सात रंग के सपने' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म में उन्होंने जूही चावला के अपोजिट महीपाल का रोल प्ले किया था। हालांकि, फिल्म कुछ खास नहीं चल पाई थी पर इसके आगे आज भी सुने जाते हैं।
 

वहीं, अगर अरविंद के बॉलीवुड करियर की बात की जाए तो उन्होंने 1998  में फिल्म 'सात रंग के सपने' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म में उन्होंने जूही चावला के अपोजिट महीपाल का रोल प्ले किया था। हालांकि, फिल्म कुछ खास नहीं चल पाई थी पर इसके आगे आज भी सुने जाते हैं।
 

इसके बाद साल 2000 में अरविंद स्वमी को मनीषा कोइराला के अपजिट 'राजा को रानी से प्यार हो गया' में कास्ट किया गया था। इसमें अरविंद ने मोहित कुमार की भूमिका निभाई। 2016 में वो तीसरी बार हिंदी मूवी डियर डैड में नजर आए लेकिन तभी वो कुछ खास कमाल नहीं कर पाए।
 

इसके बाद साल 2000 में अरविंद स्वमी को मनीषा कोइराला के अपजिट 'राजा को रानी से प्यार हो गया' में कास्ट किया गया था। इसमें अरविंद ने मोहित कुमार की भूमिका निभाई। 2016 में वो तीसरी बार हिंदी मूवी डियर डैड में नजर आए लेकिन तभी वो कुछ खास कमाल नहीं कर पाए।
 

हिंदी फिल्मों में भले ही अरव‍िंद का जादू नहीं चल पाया पर साउथ में उनका जलवा बरकरार है। अरव‍िंद को उन एक्टर्स में गिना जाता है, जो पूरे देश में अपना आकर्षण रखने की काबिलियत रखते हैं।

हिंदी फिल्मों में भले ही अरव‍िंद का जादू नहीं चल पाया पर साउथ में उनका जलवा बरकरार है। अरव‍िंद को उन एक्टर्स में गिना जाता है, जो पूरे देश में अपना आकर्षण रखने की काबिलियत रखते हैं।

अब थलाइवी के जर‍िए हिंदी सिनेमा में उनकी वापसी क्या नया करती है, यह देखना होगा। वैसे फिल्म में एमजीआर के लुक में अरव‍िंद स्वामी बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। सिर से लेकर पांव तक, पहनावा और चाल-ढाल सब एमजीआर से मिलता-जुलता रखा गया है।

अब थलाइवी के जर‍िए हिंदी सिनेमा में उनकी वापसी क्या नया करती है, यह देखना होगा। वैसे फिल्म में एमजीआर के लुक में अरव‍िंद स्वामी बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। सिर से लेकर पांव तक, पहनावा और चाल-ढाल सब एमजीआर से मिलता-जुलता रखा गया है।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios