आकाश अंबानी ने 60 लोगों की टीम संग ऐसे लॉन्च किया था JIO, आज बड़ी-बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी की होड़

First Published 17, Jun 2020, 4:39 PM

बिजनेस डेस्क। मुकेश अंबानी के जियो प्लेटफॉर्म्स की चर्चा आज उसमें निवेश के लिए दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के बीच लगी होड़ के चलते हो रही है। जियो में पिछले दो महीने के दौरान अलग-अलग कंपनियों ने 1.04 करोड़ रुपए (करीब 150 करोड़ डॉलर) का निवेश किया है। आज यह एक ऐसी कंपनी के रूप में सामने आ चुकी है, जिसमें सबसे ज्यादा निवेश हुआ है और यह सिलसिला अभी जारी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम की शुरुआत में मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी की अहम भूमिका थी। ग्रैजुएशन पूरा करने के बाद ही आकाश अंबानी रिलायंस के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से जुड़ गए थे।
 

<p><strong>60 लोगों की टीम के साथ मिल कर किया काम</strong><br />
जियो इन्फोकॉम लिमिटेड को इस्टैब्लिश करने के लिए आकाश अंबानी ने 60 लोगों की टीम के साथ मिल कर काम किया। अपनी मेहनत और तकनीकी पहलुओं की जानकारी की बदौलत उन्होंने जियो को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई और रिलायंस इंडस्ट्रीज का सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला प्रोजक्ट बना दिया।</p>

60 लोगों की टीम के साथ मिल कर किया काम
जियो इन्फोकॉम लिमिटेड को इस्टैब्लिश करने के लिए आकाश अंबानी ने 60 लोगों की टीम के साथ मिल कर काम किया। अपनी मेहनत और तकनीकी पहलुओं की जानकारी की बदौलत उन्होंने जियो को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई और रिलायंस इंडस्ट्रीज का सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला प्रोजक्ट बना दिया।

<p><strong>जियो ने टेलिकम्युनिकेशन में सबों को छोड़ा पीछे</strong><br />
जियो की लॉन्चिंग के बाद बहुत ही कम समय में इसने टेलिकम्युनिकेशन की दुनिया में एक तरह का रेवोल्यूशन ला दिया। जियो की स्ट्रैटजी ऐसी रही कि इसने दूरसंचार के बड़े बाजार पर एकाधिकार जमा लिया। टेलिकम्युनिकेशन क्षेत्र की करीब-करीब सभी कंपनियां जियो का मुकाबला नहीं कर सकीं। माना जाता है कि जियो को इस पोजिशन में लाने के पीछे आकाश अंबानी की ही स्ट्रैटजी काम कर रही थी।<br />
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जियो ने टेलिकम्युनिकेशन में सबों को छोड़ा पीछे
जियो की लॉन्चिंग के बाद बहुत ही कम समय में इसने टेलिकम्युनिकेशन की दुनिया में एक तरह का रेवोल्यूशन ला दिया। जियो की स्ट्रैटजी ऐसी रही कि इसने दूरसंचार के बड़े बाजार पर एकाधिकार जमा लिया। टेलिकम्युनिकेशन क्षेत्र की करीब-करीब सभी कंपनियां जियो का मुकाबला नहीं कर सकीं। माना जाता है कि जियो को इस पोजिशन में लाने के पीछे आकाश अंबानी की ही स्ट्रैटजी काम कर रही थी।
 

<p><strong>रिलायंस इन्फोकॉम के चीफ स्ट्रैटिजस्ट हैं आकाश</strong><br />
आकाश अंबानी रिलायंस इन्फोकॉम के चीफ स्ट्रैटिजिस्ट हैं। कंपनी की हर डील में इनकी प्रमुख भूमिका रहती है। ये कंपनी की एग्जीक्यूटिव कमेटी में भी अहम स्थान रखते हैं।</p>

रिलायंस इन्फोकॉम के चीफ स्ट्रैटिजस्ट हैं आकाश
आकाश अंबानी रिलायंस इन्फोकॉम के चीफ स्ट्रैटिजिस्ट हैं। कंपनी की हर डील में इनकी प्रमुख भूमिका रहती है। ये कंपनी की एग्जीक्यूटिव कमेटी में भी अहम स्थान रखते हैं।

<p><strong>फेसबुक से डील में निभाई थी मुख्य भूमिका</strong><br />
फेसबुक से डील कराने में आकाश अंबानी ने आहम रोल निभाया था। उन्होंने ही पहले इन्वेस्टर के तौर पर जियो प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक को शामिल करने का फैसला किया था, क्योंकि इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप का स्वामित्व हासिल कर लेने के बाद फेसबुक की ताकत काफी बढ़ गई थी। फेसबुक ने रिलायंस जियो में 43,574 करोड़ का निवेश किया था। इसके बाद ही दूसरी कंपनियों में रिलायंस जियो में निवेश के लिए होड़ मच गई थी। </p>

फेसबुक से डील में निभाई थी मुख्य भूमिका
फेसबुक से डील कराने में आकाश अंबानी ने आहम रोल निभाया था। उन्होंने ही पहले इन्वेस्टर के तौर पर जियो प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक को शामिल करने का फैसला किया था, क्योंकि इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप का स्वामित्व हासिल कर लेने के बाद फेसबुक की ताकत काफी बढ़ गई थी। फेसबुक ने रिलायंस जियो में 43,574 करोड़ का निवेश किया था। इसके बाद ही दूसरी कंपनियों में रिलायंस जियो में निवेश के लिए होड़ मच गई थी। 

<p><strong>मनोज मोदी के साथ मिल कर करते हैं काम</strong><br />
आकाश अंबानी मुकेश अंबानी के प्रमुख सहयोगी और स्ट्रैटिजिस्ट मनोज मोदी के साथ मिल कर काम करते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स में कंपनियों के निवेश के लिए होने वाली हर डील में उनकी प्रमुख भूमिका होती है। करीब-करीब हर डील को आकाश अंबानी ही पिता मुकेश अंबानी की सहमति मिलने के बाद फाइनल करते हैं। </p>

मनोज मोदी के साथ मिल कर करते हैं काम
आकाश अंबानी मुकेश अंबानी के प्रमुख सहयोगी और स्ट्रैटिजिस्ट मनोज मोदी के साथ मिल कर काम करते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स में कंपनियों के निवेश के लिए होने वाली हर डील में उनकी प्रमुख भूमिका होती है। करीब-करीब हर डील को आकाश अंबानी ही पिता मुकेश अंबानी की सहमति मिलने के बाद फाइनल करते हैं। 

<p><strong>जियो प्लेटफॉर्म्स को इंटरनेट कंपनी बनाना है मकसद</strong><br />
मुकेश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स को टेलिकम्युनिकेशन और इंटरनेट की सबसे बड़ी टेक कंपनी बनाना चाहते हैं। इसी मकसद को पूरा करने के लिए आकाश अंबानी काम कर रहे हैं। उन्हें इंटरनेट और टेक्नोलॉजी बिजनेस की काफी अच्छी जानकारी है। </p>

जियो प्लेटफॉर्म्स को इंटरनेट कंपनी बनाना है मकसद
मुकेश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स को टेलिकम्युनिकेशन और इंटरनेट की सबसे बड़ी टेक कंपनी बनाना चाहते हैं। इसी मकसद को पूरा करने के लिए आकाश अंबानी काम कर रहे हैं। उन्हें इंटरनेट और टेक्नोलॉजी बिजनेस की काफी अच्छी जानकारी है। 

<p><strong>रिटेल में लाया जियो को </strong><br />
अब जियो रिटेल के बिजनेस में भी आ गया है। जियोमार्ट की लॉन्चिंग हो चुकी है। जल्दी ही इसका नेटवर्क पूरे देश में फैलाने की योजना है। कहा जाता है कि जियो को रिटेल के बिजनेस में लाने की योजना आकाश अंबानी की ही थी। आकाश अंबानी आने वाले समय के ट्रेंड को भांप लेने में माहिर हैं। आज जियो प्लेटफॉर्म्स में इन्वेस्टमेंट के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों में जो होड़ मची है, उसके पीछे उनकी ही स्ट्रैटजी है।   </p>

रिटेल में लाया जियो को 
अब जियो रिटेल के बिजनेस में भी आ गया है। जियोमार्ट की लॉन्चिंग हो चुकी है। जल्दी ही इसका नेटवर्क पूरे देश में फैलाने की योजना है। कहा जाता है कि जियो को रिटेल के बिजनेस में लाने की योजना आकाश अंबानी की ही थी। आकाश अंबानी आने वाले समय के ट्रेंड को भांप लेने में माहिर हैं। आज जियो प्लेटफॉर्म्स में इन्वेस्टमेंट के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों में जो होड़ मची है, उसके पीछे उनकी ही स्ट्रैटजी है।   

<p><strong>दुनिया की बड़ी कंपनी बनने की राह पर</strong><br />
आज जियो प्लेटफॉर्म्स में जिस तेजी से निवेश हो रहा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि यह भारत ही नहीं, दुनिया की बड़ी कंपनियों में शुमार की जाएगी। जियो प्लेटफॉर्म्स में होने वाले निवेश की वजह से मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज को मार्च, 2021 के तय समय से पहले ही कर्जमुक्त बना सकते हैं। इसके पीछे देखा जाए तो आकाश अंबानी की मेहनत और उनकी रणनीति की प्रमुख भूमिका है। </p>

दुनिया की बड़ी कंपनी बनने की राह पर
आज जियो प्लेटफॉर्म्स में जिस तेजी से निवेश हो रहा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि यह भारत ही नहीं, दुनिया की बड़ी कंपनियों में शुमार की जाएगी। जियो प्लेटफॉर्म्स में होने वाले निवेश की वजह से मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज को मार्च, 2021 के तय समय से पहले ही कर्जमुक्त बना सकते हैं। इसके पीछे देखा जाए तो आकाश अंबानी की मेहनत और उनकी रणनीति की प्रमुख भूमिका है। 

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