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कर्ज से टूट चुके अनिल अंबानी अब अध्यात्म के रास्ते, मां संग देवताओं के चौखट पर टेकते हैं माथा
बिजनेस डेस्क। धीरूभाई अंबानी के छोटे बेटे अनिल अंबानी का सितारा डूबता जा रहा है। वे भारी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और उनकी कंपनियां दिवालिया घोषित होने की हालत में आ गई हैं। बता दें कि एक समय दुनिया के छठे अमीर शख्स रहे अनिल अंबानी पर कर्ज इतना ज्यादा बढ़ गया है कि उससे निकलने का कोई रास्ता उन्हें नहीं दिखाई पड़ रहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2019 तक उनके स्वामित्व वाले रिलायंस ग्रुप पर 13.2 डॉलर (करीब 93 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था। अब उनकी एक और कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (आएनइएल) को 432,587 करोड़ रुपए का कर्ज नहीं चुका पाने के कारण दिवालिया घोषित किया जाने वाला है। इस कंपनी की दिवाला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

कर्ज से टूट चुके हैं अनिल अंबानी
बीते गुरुवार को 61 साल के हो चुके अनिल अंबानी चौतरफा कर्ज बिजनेस में घाटे से टूट चुके हैं। पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद बड़े भाई मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के बीच संपत्ति का बंटवारा हुआ और दोनों ने अलग-अलग कारोबार शुरू किया। मुकेश अंबानी जहां कारोबार में लगातार आगे बढ़ते चले गए और आज वे एशिया के सबसे अमीर कारोबारी माने जाते हैं, अनिल अंबानी को व्यवसाय में सफलता नहीं मिली।
अनिल अंबानी अब हैं अरबपति क्लब से बाहर
अनिल अंबानी 42 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ 2008 में दुनिया के अरबपति क्लब में शामिल हुए थे, लेकिन व्यावसायिक साम्राज्य के सिकुड़ने और भारी कर्ज में दब जाने की वजह से पिछले साल इससे बाहर हो गए।
टेलिकॉम बिजनेस में लगा भारी झटका
जब देश में टेलिकॉम बूम का दौर आया था, तब अनिल अंबानी की कंपनी इस क्षेत्र में टॉप पर पहुंच गई थी, लेकिन मुकेश अंबानी के इस क्षेत्र में उतरने और जियो के आने के बाद दूसरी टेलिकॉम कंपनियों की तरह उनकी कंपनी भी प्रतिस्पर्द्धा को नहीं झेल पाई और उसे इस क्षेत्र से बाहर होना पड़ा। इसके साथ ही समूह की दूसरी कंपनियों की वैल्यू भी घटती चली गई।
अध्यात्म की राह पर चल पड़े हैं अनिल
अनिल अंबानी के करीबी लोगों का कहना है कि इन दिनों वे काफी आध्यात्मिक प्रवृत्ति के हो गए हैं और अपनी मां के साथ धार्मिक स्थलों पर पूजा-पाठ व दर्शन के लिए जाते रहते हैं। अनिल अंबानी इस उम्र में भी काफी फिट हैं। वे रोज सुबह 10 मील की दौड़ लगाते हैं।
बिक चुकी हैं अनिल अंबानी की कई कंपनियां
लगातार घाटा होने और कर्ज का दबाव बढ़ने के कारण अनिल अंबानी की कई कंपनियां बिक चुकी हैं, लेकिन फिर भी उनकी देनदारी कम नहीं हो पा रही है। पिछले साल स्वीडन की टेलिकॉम इक्विपमेंट कंपनी एरिक्सन से जुड़े एक मामले में उनके सामने जेल जाने की नौबत आ गई थी। तब मुकेश अंबानी ने उनका कर्ज अदा किया था।
घटती गई अनिल की संपत्ति
मुकेश अंबानी की संपत्ति लगातार बढ़ती गई। साल 2018 में 43 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ वे एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए, जबकि अनिल अंबानी की संपत्ति 1.5 बिलियन डॉलर तक कम हो गई।
मुकेश अंबानी पर भी है कर्ज
कर्ज मुकेश अंबानी पर भी है, लेकिन उनका औद्योगिक साम्राज्य लगातार बढ़ता जा रहा है। मुकेश अंबानी की कंपनियों खास कर जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़ी विदेशी कंपनियों ने भारी निवेश किया है। इससे लगता है कि वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के 1.60 लाख करोड़ के कर्ज को अगले साल मार्च तक वापस कर देंगे, जैसा कि उन्होंने लक्ष्य तय किया है।
कमबैक के लिए कर रहे मेहनत
अनिल अंबानी इन परिस्थितियों में भी अपने व्यावसायिक साम्राज्य को फिर से खड़ा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वे रोज 14 घंटे तक काम करते हैं। कुछ विशेषज्ञों ने उन्हें खुद को दिवालिया घोषित करने और फिर से नई शुरुआत करने के लिए कहा, लेकिन अनिल अंबानी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
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