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जल्द शुरू करेंगे निवेश तो जुटा सकते हैं करोड़ों का फंड, जानें कहां पैसा लगाने से मिलता है तगड़ा मुनाफा

First Published Dec 22, 2020, 10:27 AM IST
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बिजनेस डेस्क। कम उम्र में निवेश शुरू कर देने से ज्यादा फायदा होता है। जो लोग नौकरी की शुरुआत से ही बचत और निवेश करना शुरू कर देते हैं, उनके पास रिटायरमेंट की उम्र तक अच्छा-खासा फंड तैयार हो जाता है। अक्सर लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं और जब समय निकल जाता है, तो पछताने के सिवा कोई उपाय रह नहीं जाता। अब रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन मिलने की व्यवस्था खत्म होती जा रही है, इसलिए नौकरी या बिजनेस की शुरुआत के साथ ही निवेश करने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर देना चाहिए। छोटी बचत से किया जाने वाला निवेश आगे चल कर काफी काम आता है। अगर कोई सोच-समझ कर नियमित निवेश करता है, तो रिटायरमेंट तक एक करोड़ रुपए से भी ज्यादा का फंड तैयार हो सकता है। जानें निवेश के ऑप्शन के बारे में विस्तार से।
(फाइल फोटो)
 

मार्केट एक्सपर्ट्स निवेशकों को जितनी जल्दी संभव हो, निवेश शुरू करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा वे लोगों को लॉन्ग टर्म का निवेश करने की सलाह देते हैं। निवेश जल्दी शुरू करने और लंबे समय तक बनाए रखने से कम्पाउंडिंग का फायदा मिलता है। कम्पाउंडिंग से निवेश कई गुना ज्यादा बढ़ सकता है। इससे रिटर्न ज्यादा मिलता है। (फाइल फोटो)

मार्केट एक्सपर्ट्स निवेशकों को जितनी जल्दी संभव हो, निवेश शुरू करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा वे लोगों को लॉन्ग टर्म का निवेश करने की सलाह देते हैं। निवेश जल्दी शुरू करने और लंबे समय तक बनाए रखने से कम्पाउंडिंग का फायदा मिलता है। कम्पाउंडिंग से निवेश कई गुना ज्यादा बढ़ सकता है। इससे रिटर्न ज्यादा मिलता है। (फाइल फोटो)

अगर किसी ने 25 साल की उम्र से निवेश शुरू किया है और हर महीने 5 हजार रुपए का निवेश कर रहा है, तो अनुमानित रिटर्न 8 फीसदी सालाना होने पर 35 साल की अवधि में कुल निवेश 21 लाख रुपए होगा। वहीं, मिलने वाले ब्याज को जोड़ कर निवेश की कुल वैल्यू 1.2 करोड़ रुपए होगी। इस तरह फायदा कुल  94.5 लाख रुपए होगा। (फाइल फोटो)

अगर किसी ने 25 साल की उम्र से निवेश शुरू किया है और हर महीने 5 हजार रुपए का निवेश कर रहा है, तो अनुमानित रिटर्न 8 फीसदी सालाना होने पर 35 साल की अवधि में कुल निवेश 21 लाख रुपए होगा। वहीं, मिलने वाले ब्याज को जोड़ कर निवेश की कुल वैल्यू 1.2 करोड़ रुपए होगी। इस तरह फायदा कुल 94.5 लाख रुपए होगा। (फाइल फोटो)

अगर कोई 35 साल की उम्र से निवेश शुरू करता है, तो हर महीने 5 हजार रुपए के निवेश और अनुमानित रिटर्न 8 फीसदी सालाना होने पर 25 साल में कुल निवेश 15 लाख रुपए होगा। इस सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की कुल वैल्यू 48 लाख रुपए होगी। इसमें फायदा 33 लाख रुपए का होगा। (फाइल फोटो)

अगर कोई 35 साल की उम्र से निवेश शुरू करता है, तो हर महीने 5 हजार रुपए के निवेश और अनुमानित रिटर्न 8 फीसदी सालाना होने पर 25 साल में कुल निवेश 15 लाख रुपए होगा। इस सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की कुल वैल्यू 48 लाख रुपए होगी। इसमें फायदा 33 लाख रुपए का होगा। (फाइल फोटो)

अगर कोई 40 साल की उम्र से निवेश शुरू कर रहा है, तो हर महीने 5 हजार रुपए का निवेश करने पर अनुमानित रिटर्न 8 फीसदी सालाना के हिसाब से  20 साल में कुल निवेश 12 लाख रुपए होगा। इस सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की  कुल वैल्यू 30 लाख रुपए होगी और फायदा 18 लाख रुपए का होगा। (फाइल फोटो)

अगर कोई 40 साल की उम्र से निवेश शुरू कर रहा है, तो हर महीने 5 हजार रुपए का निवेश करने पर अनुमानित रिटर्न 8 फीसदी सालाना के हिसाब से 20 साल में कुल निवेश 12 लाख रुपए होगा। इस सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की कुल वैल्यू 30 लाख रुपए होगी और फायदा 18 लाख रुपए का होगा। (फाइल फोटो)

35 साल के दौरान 21 लाख रुपए के निवेश पर जहां कुल फंड 1.2 करोड़ रुपए का तैयार हो रहा है, वहीं निवेश पर 94.5 लाख रुपये का फायदा होगा। यहां निवेश 450 फीसदी बढ़ा है। 25 साल के दौरान 15 लाख रुपए के निवेश पर कुल वैल्यू 48 लाख रुपए होगी और निवेश पर कुल फायदा 33 लाख रुपए होगा। यहां निवेश 220 फीसदी बढ़ा है। वहीं, 20 साल के दौरान 12 लाख रुपए के निवेश पर एसआईपी (SIP) वैल्यू 30 लाख रुपए होगी और निवेश पर कुल फायदा 18 लाख रुपए का होगा। यहां निवेश 150 फीसदी बढ़ा है। (फाइल फोटो)

35 साल के दौरान 21 लाख रुपए के निवेश पर जहां कुल फंड 1.2 करोड़ रुपए का तैयार हो रहा है, वहीं निवेश पर 94.5 लाख रुपये का फायदा होगा। यहां निवेश 450 फीसदी बढ़ा है। 25 साल के दौरान 15 लाख रुपए के निवेश पर कुल वैल्यू 48 लाख रुपए होगी और निवेश पर कुल फायदा 33 लाख रुपए होगा। यहां निवेश 220 फीसदी बढ़ा है। वहीं, 20 साल के दौरान 12 लाख रुपए के निवेश पर एसआईपी (SIP) वैल्यू 30 लाख रुपए होगी और निवेश पर कुल फायदा 18 लाख रुपए का होगा। यहां निवेश 150 फीसदी बढ़ा है। (फाइल फोटो)

निवेश इक्विटी और डेट म्यूचुअल फंड, पीपीएफ, गवर्नमेंट बॉन्ड, नेशनल पेंशन सिस्टम, फिक्स्ड डिपॉजिट वगैरह में किया जा सकता है। म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि में 8 से 10 फीसदी रिटर्न मिल रहा है, वहीं एनपीएस में 6 से 8 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है। पीपीएफ में अभी 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है, तो गवर्नमेंट बॉन्ड पर 7 से 8 फीसदी रिटर्न हासिल किया जा सकता है। वहीं, एफडी पर 5.25 फीसदी से 7.25 फीसदी सालाना रिटर्न मिल रहा है। यहां कुछ स्कीम में 5 साल या 15 साल मेच्योरिटी पीरियड है, लेकिन उसे आगे 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। (फाइल फोटो)

निवेश इक्विटी और डेट म्यूचुअल फंड, पीपीएफ, गवर्नमेंट बॉन्ड, नेशनल पेंशन सिस्टम, फिक्स्ड डिपॉजिट वगैरह में किया जा सकता है। म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि में 8 से 10 फीसदी रिटर्न मिल रहा है, वहीं एनपीएस में 6 से 8 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है। पीपीएफ में अभी 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है, तो गवर्नमेंट बॉन्ड पर 7 से 8 फीसदी रिटर्न हासिल किया जा सकता है। वहीं, एफडी पर 5.25 फीसदी से 7.25 फीसदी सालाना रिटर्न मिल रहा है। यहां कुछ स्कीम में 5 साल या 15 साल मेच्योरिटी पीरियड है, लेकिन उसे आगे 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। (फाइल फोटो)

निवेश पर होने वाली कमाई को फिर से निवेश कर देना ही कम्पाउंडिंग है। इसमें मूल धन के साथ उसके ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। कम्पाउंडिंग निवेश को बढ़ाने का बढ़िया तरीका है। इसका फायदा म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करने पर मिलता है। (फाइल फोटो)

निवेश पर होने वाली कमाई को फिर से निवेश कर देना ही कम्पाउंडिंग है। इसमें मूल धन के साथ उसके ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। कम्पाउंडिंग निवेश को बढ़ाने का बढ़िया तरीका है। इसका फायदा म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश करने पर मिलता है। (फाइल फोटो)

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