PPF स्कीम बच्चों के लिए भी हो सकती है बहुत काम की, 66 लाख तक जुटा सकते हैं फंड

First Published 12, Aug 2020, 3:03 PM

बिजनेस डेस्क। अक्सर लोग कोई जॉब पाने के बाद ही फाइनेंशियल प्लानिंग करते हैं। लेकिन अगर पेरेंट्स समझदारी के साथ प्लानिंग करें तो वे बच्चों के बड़े होने तक उनके लिए एक अच्छा-खासा फंड तैयार कर दे सकते हैं। कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों के नाम पर निवेश कर सकता है, जिसका फायदा उन्हें बड़े जाने के बाद मिलेगा। पीपीएफ में बच्चों के नाम पर खाता खोल कर निवेश किया जा सकता है। इसमें बस बच्चे के 18 साल का होने तक खाते की देख-रेख करनी पड़ती है। 18 साल की उम्र के बाद कोई खुद अपने खाते को संचालित कर सकता है। 
 

<p><strong>बच्चों के नाम खाता खोलने पर भी टैक्स में छूट</strong><br />
अगर आप बच्चों के नाम पीपीएफ में खाता खोलते हैं, तो उसमें किए जाने वाले निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 C के तहत टैक्स में छूट मिलेगी। इसमें इंटरेस्ट और मेच्योरिटी, दोनों पर मिलने वाली रकम टैक्स फ्री है।</p>

बच्चों के नाम खाता खोलने पर भी टैक्स में छूट
अगर आप बच्चों के नाम पीपीएफ में खाता खोलते हैं, तो उसमें किए जाने वाले निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 C के तहत टैक्स में छूट मिलेगी। इसमें इंटरेस्ट और मेच्योरिटी, दोनों पर मिलने वाली रकम टैक्स फ्री है।

<p><strong>लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतर</strong><br />
पीपीएफ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है। इस खाते में कम से कम 500 रुपए और ज्यादा से ज्यादा डेढ़ लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। लेकिन अगर अभिभावक के नाम भी पीपीएफ अकाउंट है, तो दोनों में जमा राशि को मिला कर ही अधिकतम रकम की लिमिट मानी जाएगी। दोनों अकाउंट में 1.5 लाख सालाना जमा नहीं किया जा सकता है।</p>

लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतर
पीपीएफ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है। इस खाते में कम से कम 500 रुपए और ज्यादा से ज्यादा डेढ़ लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। लेकिन अगर अभिभावक के नाम भी पीपीएफ अकाउंट है, तो दोनों में जमा राशि को मिला कर ही अधिकतम रकम की लिमिट मानी जाएगी। दोनों अकाउंट में 1.5 लाख सालाना जमा नहीं किया जा सकता है।

<p><strong>रिटर्न कैलकुलेटर</strong><br />
अगर किसी ने बच्चे के एक साल का होते ही उसके नाम पर पीपीएफ अकाउंट खोला तो 15 साल की मेच्योरिटी पूरी हो जाने पर बच्चा 16 साल का हो जाएगा। अगर निवेश को 5 साल के लिए और बढ़ा दिया जाए तो मेच्योरिटी पूरी होने पर खाताधारक की उम्र 21 साल हो जाएगी। इसी उम्र में हायर एजुकेशन के साथ नौकरी की बात भी शुरू होती है। इसे देखते हुए ही रिटर्न कैलकुलेट किया जाता है।</p>

रिटर्न कैलकुलेटर
अगर किसी ने बच्चे के एक साल का होते ही उसके नाम पर पीपीएफ अकाउंट खोला तो 15 साल की मेच्योरिटी पूरी हो जाने पर बच्चा 16 साल का हो जाएगा। अगर निवेश को 5 साल के लिए और बढ़ा दिया जाए तो मेच्योरिटी पूरी होने पर खाताधारक की उम्र 21 साल हो जाएगी। इसी उम्र में हायर एजुकेशन के साथ नौकरी की बात भी शुरू होती है। इसे देखते हुए ही रिटर्न कैलकुलेट किया जाता है।

<p><strong>15 साल की मेच्योरिटी के लिए</strong><br />
अगर कोई पीपीएफ अकाउंट में अधिकतम मंथली जमा 12,500 रुपए &nbsp;और अधिकतम सालाना जमा 1,50,000 रुपए करता है, तो कुल निवेश 22,50,000 रुपए होगा। 7.1 फीसदी सालाना कम्पाउंडिग ब्याज दर के साथ 15 साल बाद मेच्योरिटी पर रकम 40,68,209 रुपए होगी। इस तरह ब्याज का फायदा 18,18,209 रुपए होगा।</p>

15 साल की मेच्योरिटी के लिए
अगर कोई पीपीएफ अकाउंट में अधिकतम मंथली जमा 12,500 रुपए  और अधिकतम सालाना जमा 1,50,000 रुपए करता है, तो कुल निवेश 22,50,000 रुपए होगा। 7.1 फीसदी सालाना कम्पाउंडिग ब्याज दर के साथ 15 साल बाद मेच्योरिटी पर रकम 40,68,209 रुपए होगी। इस तरह ब्याज का फायदा 18,18,209 रुपए होगा।

<p><strong>5 साल अकाउंट और बढ़ाने पर</strong><br />
अगर पीपीएफ अकाउंट के मेच्योर होने पर उसे 5 साल के लिए और बढ़ा दिया जाए, तो अधिकतम मंथली जमा 12,500 रुपए और अधिकतम सालाना जमा 1,50,000 रुपए के हिसाब से 20 साल बाद मेच्योरिटी पर कुल रकम 66.58 लाख रुपए हो जाएगी। कुल निवेश 30,00,000 रुपए का होगा, जिस पर ब्याज का फायदा 36,58,288 रुपए मिलेगा।&nbsp;</p>

5 साल अकाउंट और बढ़ाने पर
अगर पीपीएफ अकाउंट के मेच्योर होने पर उसे 5 साल के लिए और बढ़ा दिया जाए, तो अधिकतम मंथली जमा 12,500 रुपए और अधिकतम सालाना जमा 1,50,000 रुपए के हिसाब से 20 साल बाद मेच्योरिटी पर कुल रकम 66.58 लाख रुपए हो जाएगी। कुल निवेश 30,00,000 रुपए का होगा, जिस पर ब्याज का फायदा 36,58,288 रुपए मिलेगा। 

<p><strong>फाइनेंशियल प्लानिंग</strong><br />
इस तरह, अगर शुरू से ही फाइनेंशियल प्लानिंग पर जोर दिया जाए तो बच्चे के बड़े होने तक एक बड़ी रकम जुटाई जा सकती है, जो उसके भविष्य के लिए काफी कारगर साबित हो सकती है। लॉन्ग टर्म में कम निवेश से बड़ा फंड जुटाना कोई ज्यादा मुश्किल नहीं है।&nbsp;<br />
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फाइनेंशियल प्लानिंग
इस तरह, अगर शुरू से ही फाइनेंशियल प्लानिंग पर जोर दिया जाए तो बच्चे के बड़े होने तक एक बड़ी रकम जुटाई जा सकती है, जो उसके भविष्य के लिए काफी कारगर साबित हो सकती है। लॉन्ग टर्म में कम निवेश से बड़ा फंड जुटाना कोई ज्यादा मुश्किल नहीं है। 
 

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