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मुकेश अंबानी कोरोना से जंग के लिए दान कर चुके हैं कई सौ करोड़ रुपये, छोटे भाई अनिल ने क्या किया?

First Published Apr 6, 2020, 3:50 PM IST
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मुंबई। कोरोना वायरस (Covid-19) की महामारी को लेकर भारत समेत दुनियाभर के ज्यादातर देश जूझ रहे हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में सरकारों के संसाधन कम पड़ रहे हैं। मगर कई बड़े कारोबारियों समेत आमलोग महामारी के खिलाफ जंग के लिए सरकारों की मदद करने आगे आए हैं। भारत में भी छोटे-बड़े कारोबारियों ने कोरोना से लड़ाई के लिए अपनी तिजोरियां खोलकर बड़े डोनेशन दिए हैं। 

मानव जाति के लिए कोरोना महामारी से लड़ने के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दिल खोलकर मदद की है। मुकेश अंबानी के अलावा, अजीम प्रेमजी, अनिल अग्रवाल, रतन टाटा और आनंद महिंद्रा जैसे कारोबारियों ने राज्य और केंद्र सरकार के रिलीफ़ फंड में बड़ा दान किया।

मानव जाति के लिए कोरोना महामारी से लड़ने के लिए मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दिल खोलकर मदद की है। मुकेश अंबानी के अलावा, अजीम प्रेमजी, अनिल अग्रवाल, रतन टाटा और आनंद महिंद्रा जैसे कारोबारियों ने राज्य और केंद्र सरकार के रिलीफ़ फंड में बड़ा दान किया।

डोनेशन देने के अलावा कारोबारियों का फाउंडेशन भी माहामारी की लड़ाई में अपने स्तर से जुटा हुआ है। हालांकि अभी तक इस सूची में कभी दुनिया के टॉप 10 कारोबारियों में शुमार रहे मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी का नाम नहीं दिखा। कोरोना महामारी को लेकर अनिल अंबानी ने क्या किया इसमें लोगों की दिलचस्पी है।

डोनेशन देने के अलावा कारोबारियों का फाउंडेशन भी माहामारी की लड़ाई में अपने स्तर से जुटा हुआ है। हालांकि अभी तक इस सूची में कभी दुनिया के टॉप 10 कारोबारियों में शुमार रहे मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी का नाम नहीं दिखा। कोरोना महामारी को लेकर अनिल अंबानी ने क्या किया इसमें लोगों की दिलचस्पी है।

अनिल अंबानी Reliance ADA Group के चेयरमैन हैं। अभी तक महामारी को लेकर उनकी किसी पहल की जानकारी सामने नहीं आई है। दरअसल, पिछले डेढ़ से दो साल का वक्त अनिल अंबानी के कारोबारी करियर का सबसे मुश्किल समय है। उन्हें कई व्यावसायिक मोर्चे पर नुकसान उठाने पड़े हैं। उनकी कई कंपनियां इस वक्त भारी कर्ज में डूबी हैं।

अनिल अंबानी Reliance ADA Group के चेयरमैन हैं। अभी तक महामारी को लेकर उनकी किसी पहल की जानकारी सामने नहीं आई है। दरअसल, पिछले डेढ़ से दो साल का वक्त अनिल अंबानी के कारोबारी करियर का सबसे मुश्किल समय है। उन्हें कई व्यावसायिक मोर्चे पर नुकसान उठाने पड़े हैं। उनकी कई कंपनियां इस वक्त भारी कर्ज में डूबी हैं।

अनिल अंबानी के ऊपर कुछ भारतीय बैंकों का भी कर्ज है। उनपर चीन की तीन कंपनियों का भारी भरकम कर्ज है। इसी से जुड़े यानी न चीनी कंपनियों के कर्ज न चुकाने का मामला लंदन की कोर्ट में चल रहा है। ये कर्ज करीब 47,600 करोड़ रुपये का है। अनिल अंबानी की ओर से कहा भी गया कि वो डिफ़ाल्टर हो चुके हैं और कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं।

अनिल अंबानी के ऊपर कुछ भारतीय बैंकों का भी कर्ज है। उनपर चीन की तीन कंपनियों का भारी भरकम कर्ज है। इसी से जुड़े यानी न चीनी कंपनियों के कर्ज न चुकाने का मामला लंदन की कोर्ट में चल रहा है। ये कर्ज करीब 47,600 करोड़ रुपये का है। अनिल अंबानी की ओर से कहा भी गया कि वो डिफ़ाल्टर हो चुके हैं और कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं।

अगर रिपोर्ट्स की मानें तो अनिल अंबानी और उनके ग्रुप पर करीब 13.2 अरब डॉलर यानी करीब 93 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। हो सकता है कि मौजूदा वित्तीय हालत की वजह से अनिल अंबानी कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में आर्थिक मदद न कर पाए हों। हालांकि उनके बड़े भाई मुकेश लागातार कोरोना के खिलाफ बड़ी मदद देते नजर आ रहे हैं।

अगर रिपोर्ट्स की मानें तो अनिल अंबानी और उनके ग्रुप पर करीब 13.2 अरब डॉलर यानी करीब 93 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। हो सकता है कि मौजूदा वित्तीय हालत की वजह से अनिल अंबानी कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में आर्थिक मदद न कर पाए हों। हालांकि उनके बड़े भाई मुकेश लागातार कोरोना के खिलाफ बड़ी मदद देते नजर आ रहे हैं।

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पीएम केयर फंड में 500 करोड़ रुपये का डोनेशन किया। इसके अलावा कंपनी की ओर से 5-5 करोड़ रुपये महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्री राहत कोष में भी दान किया आया। कंपनी की ओर से 5 लाख लोगों को 10 दिनों तक खाना भी मुहैया कराया गया।

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पीएम केयर फंड में 500 करोड़ रुपये का डोनेशन किया। इसके अलावा कंपनी की ओर से 5-5 करोड़ रुपये महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्री राहत कोष में भी दान किया आया। कंपनी की ओर से 5 लाख लोगों को 10 दिनों तक खाना भी मुहैया कराया गया।

मुकेश के रिलायंस फाउंडेशन ने मुंबई में 100 बेड का पहला कोविड-19 अस्पताल भी 2 हफ्तों में तैयार किया। कोरोना की महामारी को रोकने के लिए रोजाना एक लाख मास्क और बड़े पैमाने पर PPE किट भी तैयार किए गए।

मुकेश के रिलायंस फाउंडेशन ने मुंबई में 100 बेड का पहला कोविड-19 अस्पताल भी 2 हफ्तों में तैयार किया। कोरोना की महामारी को रोकने के लिए रोजाना एक लाख मास्क और बड़े पैमाने पर PPE किट भी तैयार किए गए।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 30 हजार से कम वेतन पाने वाले अपने सभी कर्मचारियों को एडवांस सैलरी भी दे चुकी है। अंबानी परिवार की ओर से ये साफ किया गया कि मुश्किल घड़ी में उनका ग्रुप देश के साथ खड़ा है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 30 हजार से कम वेतन पाने वाले अपने सभी कर्मचारियों को एडवांस सैलरी भी दे चुकी है। अंबानी परिवार की ओर से ये साफ किया गया कि मुश्किल घड़ी में उनका ग्रुप देश के साथ खड़ा है।

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