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इस तरीके से डबल हो जाएगा आपके PF का पैसा, बस करनी होगी एक रिक्‍वेस्‍ट, जानिए कैसे?

First Published Apr 7, 2020, 6:05 PM IST
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बिजनेस डेस्क: प्राइवेट सेक्‍टर में नौकरी करने वालों के लिए अपने PF का पैसा बढ़ाने के लिए अप्रैल में एक शानदार मौका है। दरअसल, प्राइवेट सेक्‍टर में कंपनियां अप्रैल में अपने कर्मचारियों का अप्रेजल करती हैं। अप्रेजल के चलते आपकी सैलरी स्‍ट्रक्‍चर में बदलाव होता है। ऐसे में आप अपनी कंपनी से अपना पीएफ कंट्रीब्‍यूशन बढ़ाने की रिक्‍वेस्‍ट कर सकते हैं। इससे फ्यूचर के लिए आपकी सेविंग में खासा बदलाव हो सकता है।
 

पीएफ में बढ़ेगा कॉन्ट्रिब्यूशन: अगर कंपनी आपकी रिक्‍वेस्‍ट मान लेती है, तो पीएफ अकाउंट में हर महीने जाने वाला आपका कंट्रीब्‍यूशन बढ़ जाएगा। इससे रिटायरमेंट पर आपके पीएफ का पैसा डबल या इससे भी ज्‍यादा हो जाएगा। इस बार ईपीएफ पर 8।50 फीसदी ब्‍याज की सिफारिश की है। मौजूदा समय में सरकारी स्‍कीम में यह सबसे बेहतर ब्‍याज है। ऐसे में अपना पीएफ कंट्रीब्‍यूशन बढ़ाकर पीएफ पर ज्यादा ब्‍याज का फायदा भी उठा सकते हैं।

पीएफ में बढ़ेगा कॉन्ट्रिब्यूशन: अगर कंपनी आपकी रिक्‍वेस्‍ट मान लेती है, तो पीएफ अकाउंट में हर महीने जाने वाला आपका कंट्रीब्‍यूशन बढ़ जाएगा। इससे रिटायरमेंट पर आपके पीएफ का पैसा डबल या इससे भी ज्‍यादा हो जाएगा। इस बार ईपीएफ पर 8।50 फीसदी ब्‍याज की सिफारिश की है। मौजूदा समय में सरकारी स्‍कीम में यह सबसे बेहतर ब्‍याज है। ऐसे में अपना पीएफ कंट्रीब्‍यूशन बढ़ाकर पीएफ पर ज्यादा ब्‍याज का फायदा भी उठा सकते हैं।

यह है नियम: एम्‍पलाई प्रॉविडेंट फंड एक्‍ट के अनुसार ईपीएफओ का कोई भी मेंबर पीएफ में अपना मंथली कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा सकता है। हर माह पीएफ में बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी कर्मचारी का कंट्रीब्‍यूशन जाता है। वहीं 12 फीसदी ही कंपनी का कंट्रीब्‍यूशन होता है। कोई भी कर्मचारी अपना मंथली कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा सकता है। यह बेसिक सैलरी का 100 फीसदी भी हो सकता है।

यह है नियम: एम्‍पलाई प्रॉविडेंट फंड एक्‍ट के अनुसार ईपीएफओ का कोई भी मेंबर पीएफ में अपना मंथली कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा सकता है। हर माह पीएफ में बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी कर्मचारी का कंट्रीब्‍यूशन जाता है। वहीं 12 फीसदी ही कंपनी का कंट्रीब्‍यूशन होता है। कोई भी कर्मचारी अपना मंथली कंट्रीब्‍यूशन बढ़ा सकता है। यह बेसिक सैलरी का 100 फीसदी भी हो सकता है।

EPFO का नियम: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पूर्व अस्टिटेंट कमिश्नर ए के शुक्ला के मुताबिक, EPFO का नियम हर कर्मचारी को यह छूट देता है कि वो अपनी कंपनी से कहकर अपना पीएफ कंट्रीब्यूशन बढ़वा सकता है। एम्‍पलॉई प्रॉविडेंट फंड एक्‍ट के तहत उसे यह छूट दी जाती है। नियम के मुताबिक, प्रोविडेंट फंड में बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी कर्मचारी के हिस्से में जमा होता है। वहीं, इतना ही हिस्सा कंपनी की तरफ से कर्मचारी के खाते में जमा कराया जाता है। नियम के अनुसार, कोई भी कर्मचारी अपने मंथली कंट्रीब्‍यूशन को बेसिक सैलरी के 100 फीसदी तक बढ़वा सकता है।

EPFO का नियम: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पूर्व अस्टिटेंट कमिश्नर ए के शुक्ला के मुताबिक, EPFO का नियम हर कर्मचारी को यह छूट देता है कि वो अपनी कंपनी से कहकर अपना पीएफ कंट्रीब्यूशन बढ़वा सकता है। एम्‍पलॉई प्रॉविडेंट फंड एक्‍ट के तहत उसे यह छूट दी जाती है। नियम के मुताबिक, प्रोविडेंट फंड में बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी कर्मचारी के हिस्से में जमा होता है। वहीं, इतना ही हिस्सा कंपनी की तरफ से कर्मचारी के खाते में जमा कराया जाता है। नियम के अनुसार, कोई भी कर्मचारी अपने मंथली कंट्रीब्‍यूशन को बेसिक सैलरी के 100 फीसदी तक बढ़वा सकता है।

कैसे डबल होगा PF: अगर कोई भी कर्मचारी अपने मासिक योग को दोगुना करा ले तो उसके पीएफ फंड की राशि खुद ब खुद दोगुनी हो जाएगी। मसलन मौजूदा व्यवस्था में बेसिक सैलरी पर 12 फीसदी पीएफ का योगदान होता है। लेकिन, अगर कर्मचारी इसे बढ़वाकर 24 फीसदी करा ले तो उसका पीएफ फंड भी दोगुना हो जाएगा।

कैसे डबल होगा PF: अगर कोई भी कर्मचारी अपने मासिक योग को दोगुना करा ले तो उसके पीएफ फंड की राशि खुद ब खुद दोगुनी हो जाएगी। मसलन मौजूदा व्यवस्था में बेसिक सैलरी पर 12 फीसदी पीएफ का योगदान होता है। लेकिन, अगर कर्मचारी इसे बढ़वाकर 24 फीसदी करा ले तो उसका पीएफ फंड भी दोगुना हो जाएगा।

चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा: पीएफ फंड दोगुना तेजी से बढ़ने के अलावा आपको इसे पर डबल ब्याज का भी फायदा मिलेगा। दरअसल, पीएफ पर ब्याज की गणना चक्रवृद्धि ब्याज फार्मूला से होती है। इसे कंपाउंडिंग इंटरेस्ट भी कहा जाता है। ऐसी स्थिति में फंड दोगुना जमा होगा और हर साल ब्याज पर ब्याज का फायदा भी मिलेगा। इस तरह आपके रिटायरमेंट के लिए मोटा फंड तैयार होगा।

चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा: पीएफ फंड दोगुना तेजी से बढ़ने के अलावा आपको इसे पर डबल ब्याज का भी फायदा मिलेगा। दरअसल, पीएफ पर ब्याज की गणना चक्रवृद्धि ब्याज फार्मूला से होती है। इसे कंपाउंडिंग इंटरेस्ट भी कहा जाता है। ऐसी स्थिति में फंड दोगुना जमा होगा और हर साल ब्याज पर ब्याज का फायदा भी मिलेगा। इस तरह आपके रिटायरमेंट के लिए मोटा फंड तैयार होगा।

बता दी कि केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस से जिन लोगों की इनकम पर असर पड़ा है, उन्हें अपने प्रोविडेंट फंड से 3 महीने की सैलरी के बराबर पैसा निकलने का मौका दिया है। यह पैसा आपको वापस नहीं करना होगा। केंद्र सरकार के अनुसार तीन महीने की सैलरी या अपने कॉन्ट्रिब्‍यूशन का 75 फीसदी (जो भी कम हो) आप निकाल सकते हैं।

बता दी कि केंद्र सरकार ने कोरोनावायरस से जिन लोगों की इनकम पर असर पड़ा है, उन्हें अपने प्रोविडेंट फंड से 3 महीने की सैलरी के बराबर पैसा निकलने का मौका दिया है। यह पैसा आपको वापस नहीं करना होगा। केंद्र सरकार के अनुसार तीन महीने की सैलरी या अपने कॉन्ट्रिब्‍यूशन का 75 फीसदी (जो भी कम हो) आप निकाल सकते हैं।

पीएफ खाताधारक इसके तहत पीएफ बैलेंस के 75 फीसद (कर्मचारी की हिस्सेदारी और नियोक्ता की हिस्सेदारी) या तीन माह की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता में से जो भी कम राशि हो, उतने तक की निकासी कर सकते हैं।

पीएफ खाताधारक इसके तहत पीएफ बैलेंस के 75 फीसद (कर्मचारी की हिस्सेदारी और नियोक्ता की हिस्सेदारी) या तीन माह की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता में से जो भी कम राशि हो, उतने तक की निकासी कर सकते हैं।

इसके अलावा विभाग ने जन्मतिथि में संशोधन के लिए आधार कार्ड को भी मान्य दस्तावेज का दर्जा दे दिया है। इसके अलावा EPFO ने पीएफ निकासी की प्रक्रिया को भी तेज बनाने के लिए कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

इसके अलावा विभाग ने जन्मतिथि में संशोधन के लिए आधार कार्ड को भी मान्य दस्तावेज का दर्जा दे दिया है। इसके अलावा EPFO ने पीएफ निकासी की प्रक्रिया को भी तेज बनाने के लिए कई तरह के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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