Asianet News Hindi

Post Office की इस स्कीम में 10 लाख रुपए पर मिलेगा 4 लाख से ज्यादा ब्याज, जानें डिटेल्स

First Published Feb 24, 2021, 12:20 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

बिजनेस डेस्क। पोस्ट ऑफिस (Post Office) की स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स हमेशा से बचत का एक बेहतर विकल्प रही हैं। पोस्ट ऑफिस की ऐसी कई योजनाएं हैं, जिनमें निवेश कर अच्छा फायदा हासिल किया जा सकता है। आज बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम्स में इंटरेस्ट रेट काफी घट गया है। वहीं, पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं में ब्याज दर बैंकों के मुकाबले ज्यादा है। पोस्ट ऑफिस में जमा किया गया पैसा हमेशा सुरक्षित रहता है। इसकी वजह यह है कि यहां जमा धन पर सरकार की सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) मिलती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं पोस्ट ऑफिस की एक ऐसी स्कीम के बारे में जो उन लोगों के लिए बेहद अच्छी है, जो सीनियर सिटिजन हैं या नौकरी से रिटायर हो चुके हैं। जानें इसके बारे में डिटेल्स।
(फाइल फोटो)
 

पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटिजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) में अगर एकमुश्त 10 लाख रुपए का निवेश किया जाए, तो सालाना 7.4 फीसदी कम्पाउंडिंग ब्याज दर के हिसाब से 5 साल बाद कुल रकम 4 लाख 28 हजार 964 रुपए होगी। यानी 10 लाख के निवेश पर 5 साल में 4 लाख से भी ज्यादा का फायदा। इसे अगर फिर निवेश करते हैं, तो फायदा और ज्यादा होगा। वहीं, जरूरत के हिसाब से खर्च के लिए पैसा रख बाकी का निवेश किया जा सकता है। (फाइल फोटो)

पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटिजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) में अगर एकमुश्त 10 लाख रुपए का निवेश किया जाए, तो सालाना 7.4 फीसदी कम्पाउंडिंग ब्याज दर के हिसाब से 5 साल बाद कुल रकम 4 लाख 28 हजार 964 रुपए होगी। यानी 10 लाख के निवेश पर 5 साल में 4 लाख से भी ज्यादा का फायदा। इसे अगर फिर निवेश करते हैं, तो फायदा और ज्यादा होगा। वहीं, जरूरत के हिसाब से खर्च के लिए पैसा रख बाकी का निवेश किया जा सकता है। (फाइल फोटो)

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में ब्याज दर 7.4 फीसदी सालाना है। इस स्कीम में मेच्योरिटी पीरियड 5 साल है। इसमें 1000 रुपए के मल्टीपल में डिपॉजिट किया जा सकता है। इस स्कीम में एकमुश्त निवेश करना होता है। साथ ही, इस अकाउंट में 15 लाख रुपए से ज्यादा नहीं रखे जा सकते। (फाइल फोटो)

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में ब्याज दर 7.4 फीसदी सालाना है। इस स्कीम में मेच्योरिटी पीरियड 5 साल है। इसमें 1000 रुपए के मल्टीपल में डिपॉजिट किया जा सकता है। इस स्कीम में एकमुश्त निवेश करना होता है। साथ ही, इस अकाउंट में 15 लाख रुपए से ज्यादा नहीं रखे जा सकते। (फाइल फोटो)

इस स्कीम में अकाउंट खोलने के लिए 60 साल या इससे ज्यादा उम्र का होना जरूरी है। वहीं, अगर कोई 55 साल का है और उसने वॉलियन्टरी रिटायरमेंट (VRS) ले रखा है, तो वह भी इस स्कीम में निवेश कर सकता है। इसके लिए शर्त यह है कि उसे रिटायरमेंट बेनिफिट्स मिलने के एक महीने के अंदर खाता खुलवाना होगा। साथ ही, डिपॉजिट किया जाने वाला अमाउंट रिटायरमेंट बेनिफिट्स के अमाउंट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। (फाइल फोटो)

इस स्कीम में अकाउंट खोलने के लिए 60 साल या इससे ज्यादा उम्र का होना जरूरी है। वहीं, अगर कोई 55 साल का है और उसने वॉलियन्टरी रिटायरमेंट (VRS) ले रखा है, तो वह भी इस स्कीम में निवेश कर सकता है। इसके लिए शर्त यह है कि उसे रिटायरमेंट बेनिफिट्स मिलने के एक महीने के अंदर खाता खुलवाना होगा। साथ ही, डिपॉजिट किया जाने वाला अमाउंट रिटायरमेंट बेनिफिट्स के अमाउंट से ज्यादा नहीं होना चाहिए। (फाइल फोटो)

इस स्कीम में पति और पत्नी साथ मिलकर जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं। वे एक से ज्यादा अकाउंट भी रख सकते हैं, लेकिन सभी को मिला कर मैक्सिमम इन्वेस्टमेंट लिमिट 15 लाख रुपए से ज्यादा नहीं है। यह अकाउंट 1 लाख रुपए से कम रकम के साथ कैश देकर खुलवाया जा सकता है, लेकिन इससे ज्यादा अमाउंट के लिए चेक से पेमेंट करना होगा। (फाइल फोटो)

इस स्कीम में पति और पत्नी साथ मिलकर जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं। वे एक से ज्यादा अकाउंट भी रख सकते हैं, लेकिन सभी को मिला कर मैक्सिमम इन्वेस्टमेंट लिमिट 15 लाख रुपए से ज्यादा नहीं है। यह अकाउंट 1 लाख रुपए से कम रकम के साथ कैश देकर खुलवाया जा सकता है, लेकिन इससे ज्यादा अमाउंट के लिए चेक से पेमेंट करना होगा। (फाइल फोटो)

यह अकाउंट खोलने पर नॉमिनेशन की सुविधा मिलती है। इसके अलावा अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर भी किया जा सकता है। इस स्कीम में प्रीमेच्योर क्लोजर भी किया जा सकता है। अकाउंट खोलने के 1 साल बाद खाता बंद करने पर जमा राशि का 1.5 फीसदी काट लिया जाता है, वहीं 2 साल के बाद खाता बंद करने पर 1 फीसदी कटौती होती है। (फाइल फोटो)

यह अकाउंट खोलने पर नॉमिनेशन की सुविधा मिलती है। इसके अलावा अकाउंट को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर भी किया जा सकता है। इस स्कीम में प्रीमेच्योर क्लोजर भी किया जा सकता है। अकाउंट खोलने के 1 साल बाद खाता बंद करने पर जमा राशि का 1.5 फीसदी काट लिया जाता है, वहीं 2 साल के बाद खाता बंद करने पर 1 फीसदी कटौती होती है। (फाइल फोटो)

इस स्कीम में मेच्योरिटी पीरियड पूरा हो जाने के बाद इसे 3 साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। इसके लिए मेच्योरिटी वाली तारीख के 1 साल के भीतर एप्लिकेशन देना पड़ता है। (फाइल फोटो)

इस स्कीम में मेच्योरिटी पीरियड पूरा हो जाने के बाद इसे 3 साल के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। इसके लिए मेच्योरिटी वाली तारीख के 1 साल के भीतर एप्लिकेशन देना पड़ता है। (फाइल फोटो)

इस स्कीम में जब ब्याज की राशि 10 हजार रूपए से ज्यादा हो जाती है, तो टीडीएस (TDS) कटने लगता है। इसमें इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत छूट भी मिलती है। (फाइल फोटो)

इस स्कीम में जब ब्याज की राशि 10 हजार रूपए से ज्यादा हो जाती है, तो टीडीएस (TDS) कटने लगता है। इसमें इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत छूट भी मिलती है। (फाइल फोटो)

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios