MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
Add Preferred SourceGoogle-icon
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • GK
  • फोटो गैलरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • वीडियो
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
  • Home
  • Business
  • Money News
  • धीरूभाई अंबानी ही कर सकते थे ऐसा; जेब में थे सिर्फ 500 रुपए, खड़ी कर दी 75 हजार करोड़ की कंपनी

धीरूभाई अंबानी ही कर सकते थे ऐसा; जेब में थे सिर्फ 500 रुपए, खड़ी कर दी 75 हजार करोड़ की कंपनी

बिजनेस डेस्क। देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना करने वाले और उसे सफलता के शिखर पर ले जाने वाले धीरजलाल हीराचंद अंबानी यानी धीरूभाई अंबानी की 6 जुलाई को डेथ एनिवर्सरी है। धीरूभाई अंबानी का जन्म 28 दिसंबर, 1932 को गुजरात के जूनागढ़ जिले के छोटे से गांव चोरवाड़ में हुआ था। धीरूभाई की सफलता की कहानी फर्श से अर्श पर पहुंचने की है। एक शिक्षक के बेटे धीरूभाई अंबानी ने बचपन में गांठिया और पकौड़े तक बेचे। उन्होंने यमन में 300 रुपए वेतन पर पेट्रोल पंप पर काम किया। कहते हैं कि जब उनके भाई और दोस्त पढ़ाई करते थे, धीरूभाई अंबानी पैसे कमाने की तरकीबें सोचते थे। यमन से भारत लौटने के बाद धीरूभाई जेब में 500 रुपए लेकर मंबई गए थे। 1966 में उन्होंने रिलायंस टेक्सटाइल्स की स्थापना की। सिर्फ 15 हजार रुपए से रिलायंस कमर्शियल कॉरपोरेशन शुरू करने वाले धीरूभाई  का 6 जुलाई 2002 को जब दिल का दौरा पड़ने से निधन हुआ था, तब उनकी संपत्ति 62 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा थी। उनके व्यावासायिक साम्राज्य को आगे बढ़ाने और उसमें चार चांद लगाने में उनके बेटे मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी की भी बड़ी भूमिका रही।   

7 Min read
Author : Asianet News Hindi
| Updated : Jul 05 2020, 03:43 PM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
115

कड़े संघर्ष से पाई सफलता
धीरूभाई का को बचपन से ही कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। घरेलू हालात ठीक नहीं होने की वजह से उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और छोटे-मोटे काम शुरू किए। पहले उन्होंने गांव में ही फल और नाश्ता बेचने का काम किया, लेकिन फायदा नहीं होने पर पकौड़े बेचने का काम शुरू किया। लेकिन जब यह काम भी नहीं चल पाया तो वे अपने भाई के पास यमन चले गए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
215

पेट्रोल पंप पर की नौकरी
धीरूभाई अंबानी के एक भाई यमन में नौकरी करते थे। उनकी मदद से उन्होंने वहां एक पेट्रोल पंप पर नौकरी की तलाश कर ली। उका मासिक वेतन 300 रुपए था। लेकिन अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर वे आगे बढ़ते चले गए। धीरूभाई अंबानी हमेशा अपना बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा करते थे। 

315

जाते थे बड़े होटल में चाय पीने
धीरूभाई अंबानी यमन की जिस कंपनी में काम करते थे, वहां कैंटीन में 25 पैसे की चाय मिलती थी, लेकिन वे एक बड़े होटल में चाय पीने जाते थे, जहां उन्हें चाय के लिए एक रुपया देना पड़ता था। जब धीरूभाई से यह पूछा गया कि ऐसा वे क्यों करते हैं, तो उन्होंने कहा कि होटल में बड़े व्यापारी चाय पीने आते हैं और बिजनेस के बारे में बातें करते हैं, जिससे उन्हें बिजनेस की बारीकियां सीखने को मिलती हैं।
 

415

बर्मा शैल कंपनी में सेल्स मैनेजर बने
बाद में वे बर्मा शैल कंपनी में सेल्स मैनेजर बन कर भारत लौटे तो उनका वेतन 1,100 रुपए था। धीरूभाई अंबानी में कारोबार को लेकर काफी जुनून था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जब वे अदन में थे, तब 10 रुपए खर्च करने के पहले 10 बार सोचते थे, लेकिन शैल कंपनी में कभी-कभी एक टेलीग्राम भेजने पर 5 हजार रुपए खर्च कर दिया करते थे। वे इस बात को बहुत जल्दी समझ जाते थे कि कहां पैसे खर्च करना ज्यादा रिटर्न देगा। 

515

रिलायंस कमर्शियल कॉरपोरेशन की स्थापना की
धीरूभाई अंबानी ने शैल कंपनी की नौकरी छोड़ दी और 15 हजार रुपए की पूंजी से रिलांयस कमर्शियल कॉरपोरेशन की स्थापाना की। यह कंपनी मसालों का निर्यात और यार्न का कारोबार करती थी। 

615

मिट्टी तक बेच दी
उस दौरान धीरूभाई अंबानी ने मिट्टी तक बेच दी थी। अनिल अंबानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक बार किसी शेख ने उनके पिता से हिंदुस्तान की मिट्टी मंगवाई, ताकि उस पर वह गुलाब की खेती कर सके। धीरूभाई ने उसके भी पैसे ले लिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह जायज है, तो उन्होंने कहा कि उसने लेटर ऑफ क्रेडिट में यानी आयाता-निर्यात में पैसे के भुगतान का ऑप्शन अपनाया और पैसा मेरे खाते में आ गया। अब वह मिट्टी का क्या करता है, इससे मुझे कोई लेना-देना नहीं।
 

715

खुद को कहते थे ‘जीरो क्लब’ में शामिल
धीरूभाई अंबानी कहते थे कि वे  ‘जीरो क्लब’ के बिजनेसमैन हैं। इससे उनका मतलब यह था कि उके पास कोई विरासत नहीं थी। उन्होंने जो भी किया, अपने दम पर किया। धीरूभाई अंबानी का साफ कहना था कि सरकारी तंत्र में अगर मुझे अपनी बात मनवाने के लिए किसी को सलाम तक करना पड़े तो मैं बिना कुछ सोचे ऐसा करूंगा। 
 

815

बिजनेस के थे बड़े खिलाड़ी
धीरूभाई की सबसे बड़ी खासियत थी कि वे अपना लक्ष्य हमेशा बड़ा रखते थे। धीरूभाई अंबानी देश के पहले ऐसे बिजनेसमैन थे, जिन्होंने कोटा-परमिट और लाइसेंस राज में भी अपना काम बखूबी निकाला। जहां बिड़ला, टाटा और बजाज जैसे बड़े औद्योगिक घराने लाइसेंस राज के आगे हार मान लेते थे, धीरूभाई किसी न किसी तरह से अपना काम बना ही लेते थे। यह इनकी बड़ी सफलता थी।

915

विमल ब्रांड की शुरुआत की
रिलायंस कमर्शियल कॉरपोरेशन के जरिए धीरूभाई अंबानी ने पॉलियस्टर धागों का व्यापार शुरू किया। इस व्यवसाय में उन्हें कड़ी प्रतियोगिता का सामाना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने मुनाफे पर ज्यादा ध्यान न देकर गुणवत्ता बढ़ाने का लक्ष्य रखा। वे जोखिम उठाने वाले व्यावसायी थे। धीरे-धीरे यार्न के व्यापार पर उन्होंने पकड़ बना ली। अपनी काबिलियत के बल पर धीरूभाई बॉम्बे सूत व्यापारी संगठन के संचालक बन गए। 1966 में उन्होंने अहमदाबाद के नैरोड़ा में एक कपड़ा मिल की स्थापना की और विमल ब्रांड को देश का जाना-माना ब्रांड बना दिया।

1015

पेट्रोकेमिकल कंपनी बनाई
बर्मा शैल कंपनी में काम करने के दौरान ही धीरूभाई अंबानी ने पेट्रोकेमिकल कंपनी बनाने का लक्ष्य तय किया था, जिसे बहुत ही कम समय में उन्होंने पूरा किया। एक बार बाढ़ आ जाने से गुजरात में पातालगंगा नदीं के किनारे स्थित उनका पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट पूरी तरह से तहस-नहस हो गया। तब मुकेश अंबानी ने सयंत्र को तकनीकी सपोर्ट देने वाली अमेरिकी कंपनी डुपोंट के इंजीनियरों से पूछा कि क्या प्रोजक्ट के दो सयंत्र  14 दिन में दोबारा शुरू हो सकते हैं, तो उन्होंने इसमें कम से कम एक महीना समय लगने की बात कही।

1115

धीरूभाई ने इंजीनियरों की छुट्टी करने को कह दिया
धीरूभाई को मुकेश अंबानी ने जब फोन पर यह बात बताई तो उन्होंने उन इंजीनियरों को तुरंत वहां से रवाना करने को कहा। धीरूभाई का कहना था कि उनकी सुस्ती से दूसरे लोगों पर भी नेगेटिव असर पड़ेगा। इसके बाद दोनों सयंत्र तय योजना से एक दिन पहले ही शुरू हो गए। जब यह बात डुपोंट इंटरनेशनल के चेयरमैन रिचर्ड चिनमन को पता चली तो वे भी हैरान हो गए। उन्होंने कहा कि अमेरिका में इस तरह का प्लांट बनाने में कम से कम 26 महीने लगते, जबकि इस प्लांट को सिर्फ 18 महीने में ही शुरू कर दिया गया था।

1215

सफलता ही बड़ी बाधा
धीरूभाई अंबानी अक्सर कहा करते थे कि उनकी सफलता ही उनकी सबसे बड़ी बाधा है। जब उन्होंने विमल ब्रांड के साथ कपड़ा व्यवसाय में उतरे तो कपड़ा बनाने वाली कई कंपनियों ने अपने वितरकों को उनका माल बेचने से मना कर दिया। तब धीरूभाई ने खुद पूरे देश में घूम कर नए व्यापारियों को इससे जोड़ा। उन्होंने वितरकों से साफ कहा कि अगर नुकसान होता है तो मेरा और मुनाफा होता है तो अपने पास रखना। इससे वितरकों का उन पर ऐसा भरोसा कायम हुआ कि एक दिन में विमल के 100 शोरूम तक का उद्घाटन हुआ।

1315

स्टॉक मार्केट के बन गए बादशाह
स्टॉक मार्केट में दलालों ने उन्हें काफी परेशान करने की कोशिश की, लेकिन धीरूभाई अंबानी ने ऐसा दाव चला कि उनकी वजह से स्टॉक मार्केट 3 दिन तक बंद रहा। रिलायंस के शेयरों के भाव सबसे ऊंचे हो गए। जिन बिकवाली दलालों ने चाल चली थी, उन्हें अंबानी के सामने नतमस्तक होना पड़ा। 90 का दशक आते-आते उनके साथ 24 लाख निवेशक जुड़ चुके थे। तब रिलायंस की सालाना आम बैठक (एजीएम) मुंबई के स्टेडियम में हुआ करती थी। 

1415

एशिया के टॉप 50 बिजनेसमैन की लिस्ट में मिला स्थान
धीरूभाई अंबानी ने जिस कंपनी को मामूली लागत से खड़ा किया था, उस रिलायंस इंडस्ट्रीज में 2012 तक 85000 कर्मचारी हो गए थे और सेंट्रल गवर्नमेंट के पूरे टैक्स में से 5 फीसदी रिलायंस देती थी। 2012 में संपत्ति के हिसाब से विश्व की 500 सबसे अमीर और विशाल कंपनियों में रिलायंस को भी शामिल किया गया था। धीरूभाई अंबानी को संडे टाइम्स में एशिया के टॉप 50 व्यापारियों की सूची में भी शामिल किया गया था। यही नहीं, फोर्ब्स की लिस्ट में भी स्थान पाने वाली यह भारत की पहली कंपनी थी।

1515

मुकेश अंबानी ने पहुंचाया टॉप पर
पिता धीरूभाई अंबानी ने अपने खून-पसीने से सींच कर जिस कंपनी को खड़ा किया, उनके बेटे मुकेश अंबानी ने अब उसे टॉप पर पहुंचा दिया है। आज रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। इसका मार्केट कैपिटल 150 अरब के रिकॉर्ड लेवल को पार कर चुका है। मुकेश अंबानी दुनिया के 10वें अमीर शख्स बन चुके हैं। बूलमबर्ग बिलियनरीज इंडेक्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी के नेटवर्थ 6.5 अरब डॉलर (करीब 4,90,800 करोड़ रुपए) से बढ़ कर 64.5 बिलियन डॉलर हो गई है। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया है। रिलायंस अब पूरी तरह से कर्जमुक्त कंपनी बन चुकी है और टेलिकम्युनिकेशन के साथ जियोमार्ट के जरिए रिटेल के बिजनेस में भी कदम आगे बढ़ा दिया है।  
  

व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News

About the Author

AN
Asianet News Hindi
एशियानेट न्यूज़ हिंदी डेस्क भारतीय पत्रकारिता का एक विश्वसनीय नाम है, जो समय पर, सटीक और प्रभावशाली खबरें प्रदान करता है। हमारी टीम क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर गहरी पकड़ के साथ हर विषय पर प्रामाणिक जानकारी देने के लिए समर्पित है।
 
1st T20 • NZ vs IND 2026
Result
NZNZ
225/4
INDIND
230/6
IND beat NZ by 4 wickets
Schedule ›
2nd TEST • SA vs AUS
Result
SASA
425/9
AUSAUS
99 & 295
SA beat AUS by 31 runs
Schedule ›
5th T20 • IND vs WI
abandoned
INDIND
118/5
WIWI
-
Match abandoned
Schedule ›
4th T20 • IND vs WI
Result
INDIND
223
WIWI
247/3
WI beat IND by 24 runs
Schedule ›
3rd T20 • PAK vs SL
Result
PAKPAK
168/8
SLSL
172/2
SL beat PAK by 8 wickets
Schedule ›
2nd T20 • NZ vs IND 2026
NZNZ
Sat, 24 Oct, 2026
INDIND
12:30 pm
Match yet to begin.
Schedule ›
3rd T20 • NZ vs IND 2026
NZNZ
Tue, 27 Oct, 2026
INDIND
12:30 pm
Match yet to begin.
Schedule ›
3rd TEST • SA vs AUS
SASA
Tue, 27 Oct, 2026
AUSAUS
02:00 pm
Match yet to begin.
Schedule ›
4th T20 • NZ vs IND 2026
NZNZ
Fri, 30 Oct, 2026
INDIND
12:30 pm
Match yet to begin.
Schedule ›
5th T20 • NZ vs IND 2026
NZNZ
Sun, 1 Nov, 2026
INDIND
12:30 pm
Match yet to begin.
Schedule ›

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
Jefferies India Report: Space से Semiconductor तक, ये 6 सेक्टर बदलेंगे भारत की इकोनॉमी की तस्वीर
Recommended image2
Stock Market: एक झटके में बिखर गए सेंसेक्स-निफ्टी, शेयर बाजार में गिरावट के 5 सबसे बड़े कारण
Recommended image3
EPFO Portal Down: नई EPF स्कीम लागू, लेकिन पीएफ पोर्टल बंद! आखिर कब शुरू होंगी PF सेवाएं?
Recommended image4
SpaceX IPO: एलॉन मस्क की कंपनी का 1 शेयर खरीदने के लिए कितना है प्राइस बैंड?
Recommended image5
अंबानी से 11 तो अडानी से 8 गुना ज्यादा अमीर, इस देश की GDP बराबर पहुंची एलॉन मस्क की दौलत
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved