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Post Office की इस स्कीम में बैंकों से ज्यादा मिल रहा है मुनाफा, जानें कितनी कर सकते हैं कमाई

First Published Sep 4, 2020, 10:41 AM IST
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बिजनेस डेस्क। छोटी बचत योजनाओं के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट को लोग ज्यादा पसंद करते हैं। इसमें रिटर्न तो अच्छा मिलता ही है, साथ ही किसी तरह का रिस्क भी नहीं होता। फिक्स्ड डिपॉजिट करने पर टैक्स में बचत की सुविधा भी मिलती है। इसलिए इस पर लोगों का भरोसा ज्यादा है। फिक्स्ड डिपॉजिट की सुविधा देश के ज्यादातर सरकारी और प्राइवेट बैंकों में है। इसके साथ ही पोस्ट ऑफिस में भी फिक्स्ड डिपॉजिट की सुविधा मिलती है। पोस्ट ऑफिस में फिक्स्ड डिपॉजिट कराने पर बैंकों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स के मुकाबले ज्यादा मुनाफा मिलता है। जानें, कितनी रकम के निवेश पर यह मुनाफा कितना हो सकता है। 
(फाइल फोटो)

फिक्स्ड डिपॉजिट का टेन्योर
बैंकों और दूसरे वित्तीय संस्थानों में फिक्स्ड डिपॉजिट का टेन्योर आम तौर पर 7 दिन से 10 साल तक का हो सकता है। यह मेच्योरिटी पीरियड होता है। पोस्ट ऑफिस में भी 1 साल से 5 साल तक के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट किया जा सकता है। पोस्ट ऑफिस में इसे टाइम डिपॉजिट स्कीम कहते हैं।
(फाइल फोटो)

फिक्स्ड डिपॉजिट का टेन्योर
बैंकों और दूसरे वित्तीय संस्थानों में फिक्स्ड डिपॉजिट का टेन्योर आम तौर पर 7 दिन से 10 साल तक का हो सकता है। यह मेच्योरिटी पीरियड होता है। पोस्ट ऑफिस में भी 1 साल से 5 साल तक के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट किया जा सकता है। पोस्ट ऑफिस में इसे टाइम डिपॉजिट स्कीम कहते हैं।
(फाइल फोटो)

जहां अकाउंट हो वहीं एफडी जरूरी नहीं
आम तौर पर यह देखने में आता है कि लोगों का जिस बैंक में पहले से अकाउंट होता है, वहीं एफडी करा देते हैं। लेकिन इससे नुकसान हो सकता है। अलग-अलग बैंकों में एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर अलग होती है। उसी हिसाब से जमा राशि पर रिटर्न मिलता है।
(फाइल फोटो)

जहां अकाउंट हो वहीं एफडी जरूरी नहीं
आम तौर पर यह देखने में आता है कि लोगों का जिस बैंक में पहले से अकाउंट होता है, वहीं एफडी करा देते हैं। लेकिन इससे नुकसान हो सकता है। अलग-अलग बैंकों में एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर अलग होती है। उसी हिसाब से जमा राशि पर रिटर्न मिलता है।
(फाइल फोटो)

देखें कहां मिल रहा ज्यादा रिटर्न
फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने से पहले यह जरूर पता कर लेना चाहिए कि कहां ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। जरूरी नहीं कि आप उसी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट खाता खोलें, जहां पहले से आपका अकाउंट हो। आप किसी भी बैंक में या पोस्ट ऑफिस में फिक्स्ड डिपॉजिट खाता खोल कर निवेश कर सकते हैं। 
(फाइल फोटो)

देखें कहां मिल रहा ज्यादा रिटर्न
फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने से पहले यह जरूर पता कर लेना चाहिए कि कहां ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। जरूरी नहीं कि आप उसी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट खाता खोलें, जहां पहले से आपका अकाउंट हो। आप किसी भी बैंक में या पोस्ट ऑफिस में फिक्स्ड डिपॉजिट खाता खोल कर निवेश कर सकते हैं। 
(फाइल फोटो)

पोस्ट ऑफिस में एसबीआई से ज्यादा रिटर्न
अगर आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है और आपने वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट भी करवाया तो आपको ज्यादा फायदा नहीं होगा। एसबीआई की तुलना में पोस्ट ऑफिस में टाइम डिपॉजिट पर ब्याज 1.3 फीसदी सालाना ज्यादा मिलता है। इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस में निवेश 100 फीसदी सुरक्षित होता है, क्योंकि वहां जमा रकम पर सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है।
(फाइल फोटो)
 

पोस्ट ऑफिस में एसबीआई से ज्यादा रिटर्न
अगर आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है और आपने वहीं फिक्स्ड डिपॉजिट भी करवाया तो आपको ज्यादा फायदा नहीं होगा। एसबीआई की तुलना में पोस्ट ऑफिस में टाइम डिपॉजिट पर ब्याज 1.3 फीसदी सालाना ज्यादा मिलता है। इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस में निवेश 100 फीसदी सुरक्षित होता है, क्योंकि वहां जमा रकम पर सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है।
(फाइल फोटो)
 

पोस्ट ऑफिस और एसबीआई में एफडी पर रिटर्न 
पोस्ट ऑफिस और एसबीआई में एफडी पर रिटर्न में कितना फर्क होता है, इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर आप पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम में 10 लाख रुपए 5 साल के टेन्योर के लिए जमा करते हैं, तो 6.7 फीसदी सालाना ब्याज दर से मेच्योरिटी पर  13,83,000 रुपए मिलेंगे। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में फिक्स्ड डिपॉजिट में  5 साल के टेन्योर के लिए 10 लाख रुपए के निवेश पर सालाना  5.4 फीसदी  ब्याज दर से मेच्योरिटी पर रकम 13,00,778 रुपए होगी। 
(फाइल फोटो)
 

पोस्ट ऑफिस और एसबीआई में एफडी पर रिटर्न 
पोस्ट ऑफिस और एसबीआई में एफडी पर रिटर्न में कितना फर्क होता है, इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। अगर आप पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम में 10 लाख रुपए 5 साल के टेन्योर के लिए जमा करते हैं, तो 6.7 फीसदी सालाना ब्याज दर से मेच्योरिटी पर  13,83,000 रुपए मिलेंगे। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में फिक्स्ड डिपॉजिट में  5 साल के टेन्योर के लिए 10 लाख रुपए के निवेश पर सालाना  5.4 फीसदी  ब्याज दर से मेच्योरिटी पर रकम 13,00,778 रुपए होगी। 
(फाइल फोटो)
 

कहां ज्यादा फायदा
10 लाख रुपए 5 साल के लिए पोस्ट ऑफिस में एफडी करने पर मेच्योरिटी पर रकम 13,83,000 रुपए हो रही है, वहीं एसबीआई में 5 साल के लिए एफडी करने पर मेच्योरिटी पर रकम 13,00,778 रुपए है। जाहिर है कि एसबीआई के मुकाबले पोस्ट ऑफिस में निवेश करने पर आपको 82222 रुपए का फायदा हो रहा है।
(फाइल फोटो)

कहां ज्यादा फायदा
10 लाख रुपए 5 साल के लिए पोस्ट ऑफिस में एफडी करने पर मेच्योरिटी पर रकम 13,83,000 रुपए हो रही है, वहीं एसबीआई में 5 साल के लिए एफडी करने पर मेच्योरिटी पर रकम 13,00,778 रुपए है। जाहिर है कि एसबीआई के मुकाबले पोस्ट ऑफिस में निवेश करने पर आपको 82222 रुपए का फायदा हो रहा है।
(फाइल फोटो)

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की खासियत
पोस्ट ऑफिस में 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल की एफडी की सुविधा है। इस पर 5.5 फीसदी से 6.7 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है। इसे सिंगल और जॉइंट अकाउंट के रूप में भी खोला जा सकता है। जॉइंट अकाउंट में  3 लोग शामिल हो सकते हैं। 10 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग के नाम पर भी अकाउंट खोला जा सकता है। एक पोस्ट ऑफिस में कितने भी अकाउंट खोले जा सकते हैं। अकाउंट खोलते समय या बाद में नॉमिनेशन की सुविधा भी मिलती है।
(फाइल फोटो)
 

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की खासियत
पोस्ट ऑफिस में 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल की एफडी की सुविधा है। इस पर 5.5 फीसदी से 6.7 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है। इसे सिंगल और जॉइंट अकाउंट के रूप में भी खोला जा सकता है। जॉइंट अकाउंट में  3 लोग शामिल हो सकते हैं। 10 साल से ज्यादा उम्र के नाबालिग के नाम पर भी अकाउंट खोला जा सकता है। एक पोस्ट ऑफिस में कितने भी अकाउंट खोले जा सकते हैं। अकाउंट खोलते समय या बाद में नॉमिनेशन की सुविधा भी मिलती है।
(फाइल फोटो)
 

अकाउंट हो सकता है ट्रांसफर
पोस्ट ऑफिस में खोला गया टाइम डिपॉजिट अकाउंट एक ब्रांच से दूसरे ब्रांच में ट्रांसफर भी किया जा सकता है। इसके अलावा, सिंगल अकाउंट को जॉइंट अकाउंट में बदला जा सकता है। 5 साल की मेच्योरिटी पूरी होने के बाद इसे और 5 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। 
(फाइल फोटो)

अकाउंट हो सकता है ट्रांसफर
पोस्ट ऑफिस में खोला गया टाइम डिपॉजिट अकाउंट एक ब्रांच से दूसरे ब्रांच में ट्रांसफर भी किया जा सकता है। इसके अलावा, सिंगल अकाउंट को जॉइंट अकाउंट में बदला जा सकता है। 5 साल की मेच्योरिटी पूरी होने के बाद इसे और 5 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। 
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