कुंवारे ही रह गए रतन टाटा, पहली बार वैलेंटाइन डे से ठीक पहले सुनाई अधूरी प्रेम कहानी

First Published 13, Feb 2020, 2:13 PM IST

बिजनेस डेस्क। रतन टाटा देश के ऐसे कारोबारी हैं जिनके बारे में लोगों की हमेशा से दिलचस्पी रही है। खासकर उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में। 82 साल के रतन टाटा की शादी नहीं हो पाई। वैलेंटाइन डे से पहले "ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे" नाम के फेसबुक पेज पर उन्होंने अपनी "अधूरी प्रेम कहानी" पर खुलकर कहा है। ये पोस्ट वायरल है। 

रतन टाटा ने बताया कि जब लॉस एंजेलिस में पढ़ाई के बाद वो काम कर रहे थे उनकी शादी लगभग हो ही गई थी। ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे पर तीन सीरीज में रतन टाटा से बातचीत शेयर की गई है। टाटा ने कहा, "बचपन काफी खुशहाल था, मगर माता-पिता के तलाक की वजह से थोड़ी बहुत परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।" जब रतन टाटा 10 साल के थे उनके माता पिता सोनी टाटा और नवल टाटा ने तलाक ले लिया था।

रतन टाटा ने बताया कि जब लॉस एंजेलिस में पढ़ाई के बाद वो काम कर रहे थे उनकी शादी लगभग हो ही गई थी। ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे पर तीन सीरीज में रतन टाटा से बातचीत शेयर की गई है। टाटा ने कहा, "बचपन काफी खुशहाल था, मगर माता-पिता के तलाक की वजह से थोड़ी बहुत परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।" जब रतन टाटा 10 साल के थे उनके माता पिता सोनी टाटा और नवल टाटा ने तलाक ले लिया था।

रतन टाटा ने अधूरी प्रेम कहानी के बारे में बताया, "लॉस एंजेलिस में मुझे एक लड़की से प्‍यार हो गया। मैं उस लड़की से शादी करना चाहता था। शादी लगभग होने ही वाली थी। लेकिन उन्‍होंने वापस भारत लौटने का फैसला किया। भारत इसलिए लौटना पड़ा क्‍योंकि दादी की तबीयत खराब थी।" रतन टाटा को ये लगा था कि उनकी प्रेमिका भी उनके साथ भारत आएगी।

रतन टाटा ने अधूरी प्रेम कहानी के बारे में बताया, "लॉस एंजेलिस में मुझे एक लड़की से प्‍यार हो गया। मैं उस लड़की से शादी करना चाहता था। शादी लगभग होने ही वाली थी। लेकिन उन्‍होंने वापस भारत लौटने का फैसला किया। भारत इसलिए लौटना पड़ा क्‍योंकि दादी की तबीयत खराब थी।" रतन टाटा को ये लगा था कि उनकी प्रेमिका भी उनके साथ भारत आएगी।

रतन टाटा के हवाले से ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे के मुताबिक, मगर 1962 की भारत-चीन लड़ाई की वजह से उनके माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो लड़की भारत आए। यही वजह थी कि रतन टाटा का उस लड़की से रिश्ता टूट गया और वो शादी नहीं कर पाए। रतन टाटा अपनी दादी के बहुत करीब थे। हालांकि पिता के साथ उनके बहुत मतभेद भी थे।

रतन टाटा के हवाले से ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे के मुताबिक, मगर 1962 की भारत-चीन लड़ाई की वजह से उनके माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो लड़की भारत आए। यही वजह थी कि रतन टाटा का उस लड़की से रिश्ता टूट गया और वो शादी नहीं कर पाए। रतन टाटा अपनी दादी के बहुत करीब थे। हालांकि पिता के साथ उनके बहुत मतभेद भी थे।

ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे के साथ उन्‍होंने पिता संग मतभेदों का जिक्र करते हुए बताया, "मैं वॉयलन सीखना चाहता था। मेरे पिता मुझे पियानो सिखाना चाहते थे। मैं अमेरिका जाकर पढ़ना चाहता था पर पिता की इच्छा लंदन जाकर पढ़ाई करवाने की थी। मैं आर्किटेक्‍ट बनना चाहता था और पिता की इच्छा थी कि मैं इंजीनियर बनूं।"

ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे के साथ उन्‍होंने पिता संग मतभेदों का जिक्र करते हुए बताया, "मैं वॉयलन सीखना चाहता था। मेरे पिता मुझे पियानो सिखाना चाहते थे। मैं अमेरिका जाकर पढ़ना चाहता था पर पिता की इच्छा लंदन जाकर पढ़ाई करवाने की थी। मैं आर्किटेक्‍ट बनना चाहता था और पिता की इच्छा थी कि मैं इंजीनियर बनूं।"

हालांकि दादी मां की वजह से रतन टाटा अमेरिका में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर पाए। लेकिन इंजीनियरिंग नहीं करने की वजह से रतन टाटा के पिता ने नाराजगी जाहिर की। रतन टाटा ने पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका के लॉस एंजेलिस में दो साल तक नौकरी भी की।

हालांकि दादी मां की वजह से रतन टाटा अमेरिका में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर पाए। लेकिन इंजीनियरिंग नहीं करने की वजह से रतन टाटा के पिता ने नाराजगी जाहिर की। रतन टाटा ने पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका के लॉस एंजेलिस में दो साल तक नौकरी भी की।

ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे पर रतन टाटा की ये बातचीत उनके प्रशंसकों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। तमाम सोशल मीडिया यूजर इस बातचीत को साझा कर रहे हैं और रतन टाटा से सवाल भी पूंछ रहे हैं।

ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे पर रतन टाटा की ये बातचीत उनके प्रशंसकों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है। तमाम सोशल मीडिया यूजर इस बातचीत को साझा कर रहे हैं और रतन टाटा से सवाल भी पूंछ रहे हैं।

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