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RBI बॉन्ड में निवेश करके हासिल कर सकते हैं बढ़िया मुनाफा, जानें जून 2021 तक के लिए कितना मिलेगा ब्याज

First Published Jan 12, 2021, 1:31 PM IST
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बिजनेस डेस्क। आजकल हर कोई ऐसा निवेश करना चाहता है, जिसमें रिटर्न तो बढ़िया मिलने के साथ ही वह पूरी तरह सुरक्षित हो। बता दें कि सरकारी बैंकों, पोस्ट ऑफिस और लाइफ इन्श्योरेंस कॉरपोरेशन में निवेश करना हर लिहाज से सुरक्षित होता है। यहां निवेश करने पर रिटर्न भी अच्छा-खासा मिलता है। इनके अलावा देश के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपने बॉन्ड्स भी जारी करता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बॉन्ड में निवेश कर के आप काफी अच्छा मुनाफा हासिल कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बॉन्ड में निवेश करना हर हाल में बेहतर माना गया है। बता दें कि आरबीआई अपने बॉन्ड के लिए ब्याज दर की घोषणा हर 6 महीने पर करता है। फिलहाल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जनवरी से लेकर जून 2021 तक इस पर पहले की तरह 7.15 फीसदी की दर से ब्याज मिलता रहेगा। जानें इस निवेश योजना के बारे में विस्तार से। (फाइल फोटो)
 

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बॉन्ड में कोई भी निवेश कर सकता है। इस बॉन्ड में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है, वहीं नयूनतम निवेश 1000 रुपए से शुरू होता है। इस बॉन्ड में नॉन रेजिटेंड इंडियन (NRI) निवेश नहीं कर सकते हैं। (फाइल फोटो)

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बॉन्ड में कोई भी निवेश कर सकता है। इस बॉन्ड में अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है, वहीं नयूनतम निवेश 1000 रुपए से शुरू होता है। इस बॉन्ड में नॉन रेजिटेंड इंडियन (NRI) निवेश नहीं कर सकते हैं। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड (RBI Bond) जारी किए जाने के बाद से जब तक 7 साल पूरे नहीं हो जाते हैं, इसमें से पैसे नहीं निकाले जा सकते। इसकी मेच्योरिटी पीरियड 7 साल की होती है। हालांकि, कुछ खास स्थितियों में सीनियर सिटजन्स को 7 साल से पहले भी पैसे निकालने की अनुमति मिल जाती है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड (RBI Bond) जारी किए जाने के बाद से जब तक 7 साल पूरे नहीं हो जाते हैं, इसमें से पैसे नहीं निकाले जा सकते। इसकी मेच्योरिटी पीरियड 7 साल की होती है। हालांकि, कुछ खास स्थितियों में सीनियर सिटजन्स को 7 साल से पहले भी पैसे निकालने की अनुमति मिल जाती है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड में एकमुश्त ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है। इसमें साल में 2 बार ब्याज का भुगतान किया जाता है। बॉन्ड पर जिस दिन ब्याज का भुगतान होना होता है, उसे निवेशक के अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड में एकमुश्त ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है। इसमें साल में 2 बार ब्याज का भुगतान किया जाता है। बॉन्ड पर जिस दिन ब्याज का भुगतान होना होता है, उसे निवेशक के अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड में निवेश पर मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्स देना पड़ता है। इसके अलावा, इंटरेस्ट के रूप में होने वाली आय पर टीडीएस भी लागू होता है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड में निवेश पर मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्स देना पड़ता है। इसके अलावा, इंटरेस्ट के रूप में होने वाली आय पर टीडीएस भी लागू होता है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड में 20 हजार रुपए तक का निवेश नकद किया जा सकता है। इससे ज्यादा के अमाउंट के निवेश के लिए ड्राफ्ट या चेक के जरिए पेमेंट करना पड़ता है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड में 20 हजार रुपए तक का निवेश नकद किया जा सकता है। इससे ज्यादा के अमाउंट के निवेश के लिए ड्राफ्ट या चेक के जरिए पेमेंट करना पड़ता है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड के लिए आवेदन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के ब्रांच से लिए जा सकते हैं। यह बॉन्ड सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किया जाता है। (फाइल फोटो)

आरबीआई बॉन्ड के लिए आवेदन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के ब्रांच से लिए जा सकते हैं। यह बॉन्ड सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किया जाता है। (फाइल फोटो)

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