Jio से डिजिटल किंग बन चुके मुकेश अंबानी के कारोबारी साम्राज्य में आएगी ये कंपनी, हो रही डील

First Published 1, Jul 2020, 10:52 AM

बिजनेस डेस्क। एशिया के सबसे अमीर कारोबारी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का सितारा लगातार बुलंदी पर जा रहा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का का मार्केट कैपिटल 150 अरब के रिकॉर्ड लेवल को पार कर चुका है। अब वे दुनिया के नौवें सबसे अमीर शख्स बन चुके हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनरीज इंडेक्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 6.5 अरब डॉलर (करीब 4,90,800 करोड़ रुपए) से बढ़ कर 64.5 बिलियन डॉलर हो गई है।

<p>मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को मार्च, 2021 तक पूरी तरह कर्जमुक्त कंपनी बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़े निवेशों और राइट्स इश्यू के जरिए कंपनी ने तय वक्त से पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया। अब मुकेश अंबानी किशोर बियाणी के फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार बिग बाजार को खरीदना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि यह डील जल्दी ही हो सकती है। </p>

मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को मार्च, 2021 तक पूरी तरह कर्जमुक्त कंपनी बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़े निवेशों और राइट्स इश्यू के जरिए कंपनी ने तय वक्त से पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया। अब मुकेश अंबानी किशोर बियाणी के फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार बिग बाजार को खरीदना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि यह डील जल्दी ही हो सकती है। 

<p><strong>कर्ज में डूब चुकी है फ्यूचर रिटेल</strong><br />
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किशोर बियाणी की फ्यूचर रिटेल कंपनी बिग बाजार कर्ज में डूब चुकी है। फ्यूचर रिटेल के देश में 1500 स्टोर हैं। विप्रो लिमिटेड के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने बियाणी के फ्यूचर रिटेल में करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। अमेजन के पास भी इसके 3.6 फीसदी शेयर हैं। </p>

कर्ज में डूब चुकी है फ्यूचर रिटेल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किशोर बियाणी की फ्यूचर रिटेल कंपनी बिग बाजार कर्ज में डूब चुकी है। फ्यूचर रिटेल के देश में 1500 स्टोर हैं। विप्रो लिमिटेड के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने बियाणी के फ्यूचर रिटेल में करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। अमेजन के पास भी इसके 3.6 फीसदी शेयर हैं। 

<p><strong>रिलायंस की स्थिति होगी मजबूत</strong><br />
फ्यूचर ग्रुप के रिटेल बिजनेस को खरीद लेने के बाद रिलायंस की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी। गौरतलब है कि रिलायंस भी रिटेल के बिजनेस में आ चुकी है। इसने जियोमार्ट (JioMart) को लॉन्च कर दिया है। <br />
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रिलायंस की स्थिति होगी मजबूत
फ्यूचर ग्रुप के रिटेल बिजनेस को खरीद लेने के बाद रिलायंस की स्थिति काफी मजबूत हो जाएगी। गौरतलब है कि रिलायंस भी रिटेल के बिजनेस में आ चुकी है। इसने जियोमार्ट (JioMart) को लॉन्च कर दिया है। 
 

<p><strong>जियोमार्ट की ऑनलाइन सर्विस</strong><br />
जियोमार्ट ने रिटेल बिजनेस में, खासकर ग्रॉसरी के क्षेत्र में बिगबास्केट (BigBasket), ग्रोफर्स (Grofers) और अमेजन (Amazon) से होड़ लेना शुरू कर दिया है। यह अपने आइटम्स पर इन कंपनियों क मुकाबले बहुत ज्यादा डिस्काउंट दे रही है। </p>

जियोमार्ट की ऑनलाइन सर्विस
जियोमार्ट ने रिटेल बिजनेस में, खासकर ग्रॉसरी के क्षेत्र में बिगबास्केट (BigBasket), ग्रोफर्स (Grofers) और अमेजन (Amazon) से होड़ लेना शुरू कर दिया है। यह अपने आइटम्स पर इन कंपनियों क मुकाबले बहुत ज्यादा डिस्काउंट दे रही है। 

<p><strong>जल्दी हो सकती है डील</strong><br />
रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप के बीच इस सौदे को लेकर बातचीत आगे बढ़ चुकी है और सूत्रों का मानना है कि जल्दी ही फाइनल डील हो सकती है। रिलांयस की एजीएम (सालाना जनरल बैठक) 15 जुलाई को होने जा रही है। रिलायंस इससे पहले ही यह डील पूरा करना चाहती है।<br />
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जल्दी हो सकती है डील
रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप के बीच इस सौदे को लेकर बातचीत आगे बढ़ चुकी है और सूत्रों का मानना है कि जल्दी ही फाइनल डील हो सकती है। रिलांयस की एजीएम (सालाना जनरल बैठक) 15 जुलाई को होने जा रही है। रिलायंस इससे पहले ही यह डील पूरा करना चाहती है।
 

<p><strong>अभी तक नहीं आई डिटेल</strong><br />
बहरहाल, अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से डील की कोई डिटेल सामने नहीं आई है। फाइनल डील पर अभी सिग्नेचर नहीं हुए हैं। बता दें कि इस इस साल की शुरुआत में ही डील के लिए चर्चा शुरू हुई थी। </p>

अभी तक नहीं आई डिटेल
बहरहाल, अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से डील की कोई डिटेल सामने नहीं आई है। फाइनल डील पर अभी सिग्नेचर नहीं हुए हैं। बता दें कि इस इस साल की शुरुआत में ही डील के लिए चर्चा शुरू हुई थी। 

<p><strong>लोन नहीं चुका पाए बियाणी</strong><br />
रिटेल किंग के रूप में मशहूर बियाणी की एक होल्डिंग यूनिट लोन चुका पाने में चूक गई थी। तब से ही बियाणी किसी ऑप्शन की तलाश में थे, जिसमें रिटेल यूनिट्स में हिस्सेदारी की बिक्री भी शामिल थी। </p>

लोन नहीं चुका पाए बियाणी
रिटेल किंग के रूप में मशहूर बियाणी की एक होल्डिंग यूनिट लोन चुका पाने में चूक गई थी। तब से ही बियाणी किसी ऑप्शन की तलाश में थे, जिसमें रिटेल यूनिट्स में हिस्सेदारी की बिक्री भी शामिल थी। 

<p><strong>क्या शामिल होगा डील में</strong><br />
इस डील में बियाणी का फ्यूचर रिटेल बास्केट (बिग बाजार, एफबीबी, फूड हॉल और सेंट्रल), फ्यूचर लाइफस्टाइल लिमिटेड और फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशंस शामिल होगा।</p>

क्या शामिल होगा डील में
इस डील में बियाणी का फ्यूचर रिटेल बास्केट (बिग बाजार, एफबीबी, फूड हॉल और सेंट्रल), फ्यूचर लाइफस्टाइल लिमिटेड और फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशंस शामिल होगा।

<p><strong>क्या रह जाएगा बियाणी के पास</strong><br />
इस डील के होने पर फ्यूचर रिटेल बास्केट, फ्यूचर लाइफस्टाइल लिमिटेड और फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशंस एक कंपनी में शामिल कर दी जाएगी, जिस पर रिलायंस का नियंत्रण रहेगा। फ्यूचर ग्रुप के पास उसका एफएमसीजी बिजनेस और कुछ दूसरी छोटी कंपनियां रह जाएंगी।</p>

क्या रह जाएगा बियाणी के पास
इस डील के होने पर फ्यूचर रिटेल बास्केट, फ्यूचर लाइफस्टाइल लिमिटेड और फ्यूचर सप्लाई चेन सॉल्यूशंस एक कंपनी में शामिल कर दी जाएगी, जिस पर रिलायंस का नियंत्रण रहेगा। फ्यूचर ग्रुप के पास उसका एफएमसीजी बिजनेस और कुछ दूसरी छोटी कंपनियां रह जाएंगी।

<p><strong>दूसरी कंपनियों की भी थी नजर</strong><br />
फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार पर कुछ दूसरी कंपनियों की भी नजर थी। इस ग्रुप में अमेजन, ब्लैकस्टोन और प्रेमजीइन्वेस्ट जैसे निवेशकों ने पहले से पूंजी लगा रखी है। इस डील से जहां बियाणी की कर्ज की समस्या का समाधान होगा।  </p>

दूसरी कंपनियों की भी थी नजर
फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार पर कुछ दूसरी कंपनियों की भी नजर थी। इस ग्रुप में अमेजन, ब्लैकस्टोन और प्रेमजीइन्वेस्ट जैसे निवेशकों ने पहले से पूंजी लगा रखी है। इस डील से जहां बियाणी की कर्ज की समस्या का समाधान होगा।  

<p>वहीं रिलांयस रिटेल के कारोबार में मजबूत बन कर सामने आएगी। यह सौदा हर लिहाज से रिलायंस के लिए बहुत फायदे वाला साबित होगा। </p>

वहीं रिलांयस रिटेल के कारोबार में मजबूत बन कर सामने आएगी। यह सौदा हर लिहाज से रिलायंस के लिए बहुत फायदे वाला साबित होगा। 

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