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सस्ता सोना खरीदने का है यह सबसे अच्छा मौका, सरकार दे रही है डिस्काउंट, जानें क्या है स्कीम
बिजनेस डेस्क। जो लोग गोल्ड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार एक अच्छा मौका लेकर आई है। बता दें कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी किया है। यह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 की सीरीज-12 (Sovereign Gold Bond Scheme 2020-21 Series XII) है। बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की खरीद पर डिस्काउंट भी दे रहा है। गोल्ड बॉन्ड में निवेश करना सोना बाजार से सोना खरीदने की तुलना में ज्यादा फायदे का सौदा है। इसमें फिजकल रूप में सोना नहीं मिलता, इसलिए उसकी सुरक्षा की कोई चिंता भी नहीं करनी पड़ती। फिलहाल, गोल्ड का भाव नीचे जा रहा है, लेकिन इसमें निवेश हर लिहाज से फायदा देने वाला होता है। जानें सरकार की इस स्कीम के बारे में विस्तार से।(फाइल फोटो)
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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत सरकार ने तय कर दी है। इसका इश्यू प्राइस 4,662 रुपए प्रति ग्राम है। 10 ग्राम सोने की कीमत 46620 रुपए है। (फाइल फोटो)
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वित्त मंत्रालय (Ministry Of Finance) ने एक बयान में कहा है कि सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर ऑनलाइन गोल्ड बॉन्ड खरीदने वालों को प्रति ग्राम 50 रुपए की छूट देने का फैसला किया है। ऐसे में, 1 ग्राम सोने का बॉन्ड 4,612 रुपए की दर पर जारी किया जाएगा। (फाइल फोटो)
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गोल्ड की कीमतों में पिछले 6 महीने में 18 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। अगस्त के ऑल टाइम हाई से सोना करीब 10500 रुपए सस्ता हो चुका है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गोल्ड में निवेश का सबसे अच्छा मौका है। पिछले साल गोलड में 25 फीसदी तक रिटर्न मिला है। (फाइल फोटो)
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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 8 साल के लिए जारी किए जाते हैं। इस बॉन्ड का मूल्य इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा दी गई 999 शुद्धता वाले गोल्ड के औसत क्लोजिंग प्राइस के आधार पर तय किया गया है। 8 साल के लिए जारी किए जाने वाले इस बॉन्ड से 5 साल के बाद कोई चाहे तो बाहर निकल सकता है। गोल्ड बॉन्ड कम से कम 1 ग्राम और उसके मल्टीपल में जारी होते हैं। (फाइल फोटो)
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फिजिकल गोल्ड की तुलना में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ज्यादा सुरक्षित है। शुद्धता के मामले में इस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता, क्योंकि यह इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी होता है। इस पर 3 साल के बाद लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। वहीं, मेच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता है। इस पर लोन भी लिया जा सकता है। 5 साल के बाद कभी भी इसे भुनाया जा सकता है। (फाइल फोटो)
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गोल्ड बॉन्ड को स्मॉल फाइनेंस बैंकों या पेमेंट बैंकों को छोड़कर स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, पोस्ट ऑफिस, एनएसई और बीएसई के जरिए लिया जा सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉन फिजिकल गोल्ड में निवेश करने के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सबसे अच्छा है। अगर गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाला मेच्योरिटी तक रुकता है, तो इसके कई फायदे मिलते हैं। (फाइल फोटो)
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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के हर एप्लिकेशन के साथ PAN जरूरी है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 की सीरीज-12 1 मार्च से 5 मार्च तक खुलेगी। इस बीच इसमें निवेश किया जा सकता है। (फाइल फोटो)
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