इस बैंक से लिया है लोन तो घर बैठे कम करा सकते हैं EMI, शुरू हुई नई स्कीम
बिजनेस डेस्क। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण बैंकों ने लोन लेने वालों को मोरेटोरियम (Moratorium) की सुविधा दी थी। इसके तहत कर्जदारों को ईएमआई (EMI) चुकाने से छूट मिली थी। लेकिन 31 अगस्त से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मोरेटोरियम की सुविधा खत्म कर दी। इससे अब कर्जदारों के लिए ईएमआई चुकाना जरूरी हो गया है। वहीं, कोरोना संकट के की वजह से लोगों के आर्थिक हालात ऐसे नहीं रह गए हैं कि वे समय से ईएमआई का भुगतान कर सकें। इस समस्या को देखते हुए रिजर्व बैंक ने बैंकों को लोन रिस्ट्रक्चरिंग की योजना बनाने की सलाह दी थी, ताकि कर्जदारों को सहूलियत मिल सके। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने लोन रिस्ट्रक्चरिंग की पॉलिसी बना दी है और इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है।(फाइल फोटो)

कब हुआ पोर्टल लॉन्च
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने लोन रिस्ट्रक्चरिंग की पॉलिसी लागू करने के बाद 21 सितंबर को ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया। बैंक के पोर्टल https://bank.sbi/ या https://sbi.co.in के जरिए कस्टमर घर बैठे पता कर सकते हैं कि उनका होम लोन या ऑटो लोन रिस्ट्रक्चर हो सकता है या नहीं।
(फाइल फोटो)
क्या करना होगा
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने कहा कि इस पोर्टल के जरिए होम लोन, ऑटो लोन जैसे रिटेल लोन की रिस्ट्रक्चरिंग आसानी से की जा सकेगी। कस्टमर्स को यह पता करने के लिए कि उनका लोन रिस्ट्रक्चर हो सकता है या नहीं, सिर्फ अपनी आय का ब्योरा देना होगा।
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किन्हें मिलेगी रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के लोन रिस्ट्रक्चरिंग फ्रेमवर्क के तहत उन कर्जदारों को लोन रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा मिल सकती है, जिनके लोन अकाउंट स्टैंडर्ड श्रेणी में आते हैं। इसमें वे ग्राहक आएंगे, जिन्होंने लोन पेमेंट में 1 मार्च 2020 तक 30 दिन या इससे ज्यादा का डिफॉल्ट नहीं किया है। जिनकी आय पर कोरोना संकट का असर पड़ा है, वे भी इसके दायरे में आएंगे।
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लोन मोरेटोरियम के लिए कर सकेंगे रिक्वेस्ट
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के इस पोर्टल के जरिए कस्टमर्स अपने लोन के मोरेटोरियम (Moratorium) के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकेंगे। इसके तहत एक महीने से लेकर 24 महीने तक के लिए मोरेटोरियम की सुविधा की मांग की जा सकती है।
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बढ़वा सकते हैं लोन रिपेमेंट की अवधि
कस्टमर इस पोर्टल के जरिए अपने लोन रिपेमेंट की अवधि (Loan Repayment Duration) बढ़ाने के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं। रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों को अपने ग्राहकों को लोन रिस्ट्रक्चरिंग का विकल्प देने की अनुमति दे दी है।
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क्या है प्रॉसेस
पोर्टल में लॉग इन करने के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के रिटेल कस्टमर्स को अकाउंट नंबर डालने के लिए कहा जाएग। ओटीपी वैलिडेशन पूरा होने और कुछ जरूरी जानकारियां डालने के बाद ग्राहक को यह पता चल जाएगा कि उनके लोन की रिस्ट्रक्चरिंग हो सकती है या नहीं। उन्हें एक रेफरेंस नंबर भी मिलेगा।
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कैसे होगी रिस्ट्रक्चरिंग पूरी
रेफरेंस नंबर 30 दिन तक वैलिड रहेगा। इस दौरान कस्टमर्स जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बैंक की शाखा में जा सकते हैं। लोन रिस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया डॉक्युमेंट्स के वेरिफिकेशन और ब्रांच में जरूरी एग्जीक्यूशन के बाद पूरी होगी।
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एक बड़ी सुविधा
ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने कस्टमर्स को एक बड़ी सुविधा मुहैया करा दी है। इससे वे सारी जानकारी पोर्टल से हासिल कर सकेंगे और उन्हें बेकार की भागदौड़ नहीं करनी होगी। पोर्टल से ही उन्हें पता चल जाएगा कि जो सुविधा वे चाहते हैं, उन्हें मिल सकेगी या नहीं।
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