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अंबानी के काम नहीं आया गूगल-फेसबुक में निवेश करना, मात्र 6 महीने में TATA ने छीन ली राजगद्दी

First Published Jan 15, 2021, 7:44 AM IST
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बिजनेस न्यूज: भारत में अगर कारोबारियों की बात की जाती है तो इस वक्त अंबानी ग्रुप सबसे पहले नजर आता है। चाहे टेलीकॉम हो या दूसरा कोई सेक्टर, अंबानी ग्रुप की पहुंच लगभग हर बिजनेस सेक्टर तक हो गई है। अंबानी ग्रुप से पहले भारत में टाटा का बोलबाला था। हालांकि, पिछले साल जुलाई में रिलायंस ने टाटा को पीछे कर देश का सबसे बड़ा कारोबारी घराना होने को तमगा हासिल किया था। लेकिन अब सिर्फ 6 महीने के अंदर ही टाटा ने अपना टैग वापस पा लिया है। मार्केट कैप के अनुसार रिलायंस समूह अब तीसरे स्थान पर आ गया है। 

मार्केट कैप के अनुसार पिछले साल अपने दमदार प्रदर्शन के कारण रिलायंस ने टाटा को पीछे छोड़कर देश का सबसे बड़ा कारोबारी घराना बनने का तमगा हासिल किया था। लेकिन अब रिलायंस टॉप पर नहीं है। 

मार्केट कैप के अनुसार पिछले साल अपने दमदार प्रदर्शन के कारण रिलायंस ने टाटा को पीछे छोड़कर देश का सबसे बड़ा कारोबारी घराना बनने का तमगा हासिल किया था। लेकिन अब रिलायंस टॉप पर नहीं है। 

टाटा की फ्लैगशिप कंपनी टीसीएस ने कोरोना के दौरान काफी बड़े सौदे किये। इस वजह से टाटा के शेयर में तेजी आई। साथ ही साथ स्टील के दाम बढ़ने से भी टाटा स्टील को फायदा हुआ। टाटा मोटर्स ने भी अपने शेयर्स में सौ प्रतिशत की बढ़त देखी। 

टाटा की फ्लैगशिप कंपनी टीसीएस ने कोरोना के दौरान काफी बड़े सौदे किये। इस वजह से टाटा के शेयर में तेजी आई। साथ ही साथ स्टील के दाम बढ़ने से भी टाटा स्टील को फायदा हुआ। टाटा मोटर्स ने भी अपने शेयर्स में सौ प्रतिशत की बढ़त देखी। 

टाटा के बाद रिलायंस ग्रुप को HDFC ने पछाड़ा। ऐसा कंपनी के वित्तीय शेयरों में आई तेजी के कारण हुआ। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फाइनेंशियल कंपनियों में नवंबर में आए कोर्ट के मोरटोरियम के फैसले के बाद तेजी आई थी। इस वजह से HDFC को फायदा पहुंचा।  

टाटा के बाद रिलायंस ग्रुप को HDFC ने पछाड़ा। ऐसा कंपनी के वित्तीय शेयरों में आई तेजी के कारण हुआ। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फाइनेंशियल कंपनियों में नवंबर में आए कोर्ट के मोरटोरियम के फैसले के बाद तेजी आई थी। इस वजह से HDFC को फायदा पहुंचा।  

मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, अब रिलायंस तीसरे स्थान पर फिसल चुका है। जहां जुलाई 2020 में टाटा ग्रुप का टोटल मार्केट कैप 11.32 लाख करोड़ रुपए था, वहीं रिलायंस उस समय 13 लाख करोड़ रुपए के ऊपर था। लेकिन पिछले साल सितंबर के बाद रिलायंस को नुकसान होना शुरू हुआ। 

मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, अब रिलायंस तीसरे स्थान पर फिसल चुका है। जहां जुलाई 2020 में टाटा ग्रुप का टोटल मार्केट कैप 11.32 लाख करोड़ रुपए था, वहीं रिलायंस उस समय 13 लाख करोड़ रुपए के ऊपर था। लेकिन पिछले साल सितंबर के बाद रिलायंस को नुकसान होना शुरू हुआ। 

रिलायंस ग्रुप ने इस दौरान कई बड़े निवेश किये। इसमें फेसबुक से लेकर गूगल में निवेश करना शामिल है। इससे कंपनी के शेयर बढे थे। लेकिन सितंबर के बाद इसके शेयर 20 प्रतिशत तक गिर गए।  

रिलायंस ग्रुप ने इस दौरान कई बड़े निवेश किये। इसमें फेसबुक से लेकर गूगल में निवेश करना शामिल है। इससे कंपनी के शेयर बढे थे। लेकिन सितंबर के बाद इसके शेयर 20 प्रतिशत तक गिर गए।  

मौजूदा हालात की बात करें, तो अभी रिलायंस का मार्केट कैप मात्र 12.22 लाख  करोड़ रुपए रह गया है। जबकि टीसीएस, टाटा स्टील और टाटा मोटर्स की वजह से इस ग्रुप का मार्केट कैप 16.69 लाख करोड़ पार कर चुका है। 

मौजूदा हालात की बात करें, तो अभी रिलायंस का मार्केट कैप मात्र 12.22 लाख  करोड़ रुपए रह गया है। जबकि टीसीएस, टाटा स्टील और टाटा मोटर्स की वजह से इस ग्रुप का मार्केट कैप 16.69 लाख करोड़ पार कर चुका है। 

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