Asianet News Hindi

5 अरब कर्ज में डूबी कंपनियां....कैसे अर्श से फर्श आ पहुंचा UAE का सबसे बड़ा बिजनेस टायकून ?

First Published Apr 26, 2020, 7:56 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली. संयुक्त अरब अमीरात में सबसे बड़ी हेल्थकेयर कंपनी के मालिक बी .आर. शेट्टी इस समय काफी चर्चा में हैं। शेट्टी का बिजनेस डूब रहा है और वो कई मुकदमें भी झेल रहे हैं। भारतीय मूल के अरबपति शेट्टी की कंपनियां सिर्फ पांच अरब डॉलर के कर्ज में डूबी हैं, बल्कि इनके खिलाफ फर्जीवाड़े की जांच भी की जा रही है। उनकी कंपनियों के शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार करने पर रोक दिया गया है। एक समय वो भी था जब शेट्टी यूएई के सबसे बड़े बिजनेस टायकून घोषित हो चुके थे। उनके चर्चे हर जगह थे। 

 

आज हम आपको बताते हैं कि कैसे UAE के सबसे बड़ा बिजनेस टायकून बी. आर शेट्टी के अर्श से फर्श तक का सफर- 

 

वेबसाइट अरेबियन बिजनस ने यह जानकारी दी है कि एनएमएसी हेल्थ तथा यूएई एक्सचेंज कंपनियों के खिलाफ मामलों का सामना कर रहे अरबपति बी .आर. शेट्टी भारत में हैं। सूत्रों ने बताया, 'लंबे वक्त से वह यूएई में नहीं हैं। वह लगभग एक महीने से देश में नहीं हैं।' उन्होंने कहा कि शेट्टी तथा उनकी कंपनी एनएमसी के खिलाफ कम से कम पांच मामले चल रहे हैं।
 

 

 

 

वेबसाइट अरेबियन बिजनस ने यह जानकारी दी है कि एनएमएसी हेल्थ तथा यूएई एक्सचेंज कंपनियों के खिलाफ मामलों का सामना कर रहे अरबपति बी .आर. शेट्टी भारत में हैं। सूत्रों ने बताया, 'लंबे वक्त से वह यूएई में नहीं हैं। वह लगभग एक महीने से देश में नहीं हैं।' उन्होंने कहा कि शेट्टी तथा उनकी कंपनी एनएमसी के खिलाफ कम से कम पांच मामले चल रहे हैं।
 

 

 

 

यूएई में हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काफी संपत्ति बनाने वाले 77 साल के शेट्टी पहले भारतीय हैं। उन्होंने 1970 में एनएमसी हेल्थ की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर साल 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने से पहले देश की अपने तरह की पहली कंपनी बनी। 70 के दशक में शेट्टी महज आठ डॉलर लेकर यूएई पहुंचे थे और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी।

यूएई में हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काफी संपत्ति बनाने वाले 77 साल के शेट्टी पहले भारतीय हैं। उन्होंने 1970 में एनएमसी हेल्थ की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर साल 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने से पहले देश की अपने तरह की पहली कंपनी बनी। 70 के दशक में शेट्टी महज आठ डॉलर लेकर यूएई पहुंचे थे और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी।

उन्होंने 1980 में अमीरात के सबसे पुराने रेमिटेंस बिजनस यूएई एक्सचेंज की शुरुआती की। यूएई एक्सचेंज, यूके की एक्सचेंज कंपनी ट्रैवलेक्स तथा कई छोटे-छोटे पेमेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर्स तथा शेट्टी की फिनब्लर के साथ मिलकर 2018 में सार्वजनिक हुई। शेट्टी ने हेल्थकेयर और फाइनैंशल सर्विसेज के अलावा हॉस्पिटेलिटी, फूड ऐंड बीवरेज, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग तथा रियल एस्टेट में भी हाथ आजमाया।

उन्होंने 1980 में अमीरात के सबसे पुराने रेमिटेंस बिजनस यूएई एक्सचेंज की शुरुआती की। यूएई एक्सचेंज, यूके की एक्सचेंज कंपनी ट्रैवलेक्स तथा कई छोटे-छोटे पेमेंट सॉल्यूशंस प्रोवाइडर्स तथा शेट्टी की फिनब्लर के साथ मिलकर 2018 में सार्वजनिक हुई। शेट्टी ने हेल्थकेयर और फाइनैंशल सर्विसेज के अलावा हॉस्पिटेलिटी, फूड ऐंड बीवरेज, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग तथा रियल एस्टेट में भी हाथ आजमाया।


शेट्टी के बिजनस को तब करारा झटका लगा, जब पिछले साल दिसंबर में मड्डी वाटर रिसर्च के फाउंडर तथा शॉर्ट सेलर कारसन ब्लॉक ने अपनी एक रिपोर्ट में एनएमसी हेल्थ पर संपत्ति का फर्जी आंकड़ा देने तथा कंपनी की संपत्तियों की चोरी का आरोप लगाया। इसके महज तीन महीने के बाद ही एनएमसी के शेयरों को लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार करने से रोक दिया गया और दो सप्ताह पहले इसने घोषणा की कि उसपर लगभग 5 अरब डॉलर (लगभग 40 हजार करोड़ रुपये) का कर्ज है।


शेट्टी के बिजनस को तब करारा झटका लगा, जब पिछले साल दिसंबर में मड्डी वाटर रिसर्च के फाउंडर तथा शॉर्ट सेलर कारसन ब्लॉक ने अपनी एक रिपोर्ट में एनएमसी हेल्थ पर संपत्ति का फर्जी आंकड़ा देने तथा कंपनी की संपत्तियों की चोरी का आरोप लगाया। इसके महज तीन महीने के बाद ही एनएमसी के शेयरों को लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर कारोबार करने से रोक दिया गया और दो सप्ताह पहले इसने घोषणा की कि उसपर लगभग 5 अरब डॉलर (लगभग 40 हजार करोड़ रुपये) का कर्ज है।

निवेशकों ने इसके फौरन बाद लगभग 500 मिलियन डॉलर के शेयर बेच दिए जिससे कंपनी की हालत बेहद खास्ता हो गई। हेल्थ-केयर फर्म ने इस मामले में एफबीआई के पूर्व निदेशक लुई फ्रा का नाम लिया है। बता दें कि भारतीय मूल के 77 साल के बावगुथु रघुराम शेट्टी ने साल 1975 में भारत से अबू धाबी जाने के बाद NMC की स्थापना की थी।

निवेशकों ने इसके फौरन बाद लगभग 500 मिलियन डॉलर के शेयर बेच दिए जिससे कंपनी की हालत बेहद खास्ता हो गई। हेल्थ-केयर फर्म ने इस मामले में एफबीआई के पूर्व निदेशक लुई फ्रा का नाम लिया है। बता दें कि भारतीय मूल के 77 साल के बावगुथु रघुराम शेट्टी ने साल 1975 में भारत से अबू धाबी जाने के बाद NMC की स्थापना की थी।

यूएई एक्सचेंज ने इस सप्ताह अपनी शाखाओं तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नया लेनदेन बंद कर दिया, क्योंकि यूएई के केंद्रीय बैंक ने घोषणा की थी कि उसने यूएई एक्सचेंज के खिलाफ जांच शुरू की है और इसके ऑपरेशंस मैनेजमेंट की जांच करेगा।

यूएई एक्सचेंज ने इस सप्ताह अपनी शाखाओं तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नया लेनदेन बंद कर दिया, क्योंकि यूएई के केंद्रीय बैंक ने घोषणा की थी कि उसने यूएई एक्सचेंज के खिलाफ जांच शुरू की है और इसके ऑपरेशंस मैनेजमेंट की जांच करेगा।

यूएई में शेट्टी की निजी संपत्तियों में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में दो फ्लोर और पॉम जुमेरिया में एक विला है। पिछले साल सितंबर में उन्होंने अरेबियन बिजनस से बातचीत में कहा, 'चुनौतियां हर वक्त होती हैं, लेकिन जब आप उनके सामने नहीं झुकते हैं और सही तरीके से काम करते हैं तो वह आपके रास्ता से हट जाता है।'
 

यूएई में शेट्टी की निजी संपत्तियों में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में दो फ्लोर और पॉम जुमेरिया में एक विला है। पिछले साल सितंबर में उन्होंने अरेबियन बिजनस से बातचीत में कहा, 'चुनौतियां हर वक्त होती हैं, लेकिन जब आप उनके सामने नहीं झुकते हैं और सही तरीके से काम करते हैं तो वह आपके रास्ता से हट जाता है।'
 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios