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PPF अकाउंट मेच्योर होने के बाद भी ले सकते हैं ज्यादा फायदा, जानें इसके लिए क्या करें

First Published Dec 16, 2020, 9:32 AM IST
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बिजनेस डेस्क। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)  निवेश का एक बढ़िया ऑप्शन है। इसमें लंबी अवधि के लिए निवेश किया जाता है। PPF में निवेश न सिर्फ सुरक्षित होता है, बल्कि इसमें टैक्स से छूट का पूरा लाभ भी मिलता है। इसमें निवेश करने में किसी तरह का कोई जोखिम नहीं है। PPF में किए गए निवेश को पूरी तरह सरकार का संरक्षण मिला होता है। सेल्फ इम्प्लॉयड प्रोफेशनल और EPFO के दायरे में नहीं आने वाले कर्मचारियों के लिए पीपीएफ निवेश का एक सबसे बढ़िया विकल्प है। इसके अलावा, जिन लोगों के पास नौकरी या कारोबार का कोई संगठित ढांचा नहीं है, वे भी पीपीएफ में लंबी अवधि के लिए निवेश कर ज्यादा फायदा हासिल कर सकते हैं। पीपीएफ में मेच्योरिटी के बाद भी फायदा हासिल किया जा सकता है।
(फाइल फोटो)

पीपीएफ (PPF) में निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मेच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाली रकम, तीनों पूरी तरह से टैक्स फ्री है। पीपीएफ अकाउंट 15 साल के बाद मेच्योर होता है। इसमें मेच्योरिटी के बाद भी उसे आगे बढ़ाने का मौका मिलता है। (फाइल फोटो)

पीपीएफ (PPF) में निवेश, उस पर मिलने वाला ब्याज और मेच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाली रकम, तीनों पूरी तरह से टैक्स फ्री है। पीपीएफ अकाउंट 15 साल के बाद मेच्योर होता है। इसमें मेच्योरिटी के बाद भी उसे आगे बढ़ाने का मौका मिलता है। (फाइल फोटो)

पीपीएफ (PPF) अकाउंट में लगातार ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है, लेकिन ये आपके पीपीएफ अकाउंट में जुड़ता रहता है। इस अकाउंट से पैसा निकालने पर मूल रकम के साथ ब्याज तो मिलता ही है, लेकिन इस रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। (फाइल फोटो)

पीपीएफ (PPF) अकाउंट में लगातार ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है, लेकिन ये आपके पीपीएफ अकाउंट में जुड़ता रहता है। इस अकाउंट से पैसा निकालने पर मूल रकम के साथ ब्याज तो मिलता ही है, लेकिन इस रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। (फाइल फोटो)

पीपीएफ अकाउंट में जमा राशि को अपने सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म सबमिट करना होता है, जिसमें पीपीएफ और सेविंग्स अकाउंट की डिटेल देनी पड़ती है। इसके अलावा साइन किए गए फॉर्म के साथ ऑरिजनल पासबुक और कैंसिल्ड चेक भी जमा करना होता है। (फाइल फोटो)

पीपीएफ अकाउंट में जमा राशि को अपने सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस में फॉर्म सबमिट करना होता है, जिसमें पीपीएफ और सेविंग्स अकाउंट की डिटेल देनी पड़ती है। इसके अलावा साइन किए गए फॉर्म के साथ ऑरिजनल पासबुक और कैंसिल्ड चेक भी जमा करना होता है। (फाइल फोटो)

पीपीएफ अकाउंट के मेच्योर होने के बाद भी अकाउंट को आगे के लिए बढ़ाया जा सकता है। अगर नए कॉन्ट्रिब्यूशन के अकाउंट को बढ़ाना हो तो एक फॉर्म भरना होगा। मेच्योरिटी के बाद पीपीएफ अकाउंट 5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ता है। इसे कितनी ही बार आगे बढ़ाया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि ऐसा करने के लिए मेच्योरिटी पीरियड खत्म होने से साल भर के भीतर फॉर्म भरकर देना होगा। (फाइल फोटो)

पीपीएफ अकाउंट के मेच्योर होने के बाद भी अकाउंट को आगे के लिए बढ़ाया जा सकता है। अगर नए कॉन्ट्रिब्यूशन के अकाउंट को बढ़ाना हो तो एक फॉर्म भरना होगा। मेच्योरिटी के बाद पीपीएफ अकाउंट 5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ता है। इसे कितनी ही बार आगे बढ़ाया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि ऐसा करने के लिए मेच्योरिटी पीरियड खत्म होने से साल भर के भीतर फॉर्म भरकर देना होगा। (फाइल फोटो)

अगर आप पीपीएफ अकाउंट के मेच्योर होने के बाद उसमें से पैसा नहीं निकालते हैं या कोई और ऑप्शन नहीं चुनते हैं, तो खुद-ब-खुद आपकी पीपीएफ मेच्योरिटी की तारीख 5 साल के लिए बढ़ जाती है। हालांकि, इसमें आप और ज्यादा कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं कर सकते हैं। लेकिन बैलेंस की राशि पर टैक्स फ्री ब्याज मिलता रहता है। (फाइल फोटो)

अगर आप पीपीएफ अकाउंट के मेच्योर होने के बाद उसमें से पैसा नहीं निकालते हैं या कोई और ऑप्शन नहीं चुनते हैं, तो खुद-ब-खुद आपकी पीपीएफ मेच्योरिटी की तारीख 5 साल के लिए बढ़ जाती है। हालांकि, इसमें आप और ज्यादा कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं कर सकते हैं। लेकिन बैलेंस की राशि पर टैक्स फ्री ब्याज मिलता रहता है। (फाइल फोटो)

पीपीएफ अकाउंट एक वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक बार विद्ड्रॉल किया जा सकता है। पीपीएफ अकाउंट की मेच्योरिटी के बाद उसका एक्सटेंशन अपनी इच्छा के मुताबिक कराया जा सकता है। इसके लिए अलग से किसी डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है। (फाइल फोटो)

पीपीएफ अकाउंट एक वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक बार विद्ड्रॉल किया जा सकता है। पीपीएफ अकाउंट की मेच्योरिटी के बाद उसका एक्सटेंशन अपनी इच्छा के मुताबिक कराया जा सकता है। इसके लिए अलग से किसी डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है। (फाइल फोटो)

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