देश सेवा को छोड़ी लाखों की नौकरी...इस स्ट्रेटजी से क्लियर किया UPSC फिर बना सबसे अमीर IAS अफसर

First Published 25, Mar 2020, 8:48 PM IST

रायपुर. अगर आपके पास ऐसी नौकरी हो जिसमें आपकी कमाई लाखों में हो तो क्या आप उसे छोड़ेंगे। नहीं शायद, लेकिन देशसेवा के लिए एक लड़के ने न सिर्फ अपनी लाखों की नौकरी छोड़ी बल्कि विदेश जाने के मौके को भी ठुकरा दिया। वो चाहता था कि वो कोई ऐसा काम करे जिसमें वो लोगों की सेवा कर सकें। किसी के काम आ सके। प्राइवेट जॉब में ये संभव नहीं था। इसलिए उसने यूपीएससी क्लियर करने की ठानी। आज वो देश का सबसे अमीर IAS अफसर की लिस्ट में टॉप पर है। IAS सक्सेज स्टोरी में हम आपको आईएएस कार्तिकेय गोयल की सफलता और यूपीएससी क्लियर करने की स्ट्रेटजी बता रहे हैं...।

कार्तिकेय बताते हैं कि, 'मेरे पिताजी आईएएस रहे हैं ऐसे में मेरे पास बहुत सारे कॅरियर ऑप्शन थे। मैंने इंजीनियरिंग से पढ़ाई की थी तो दूसरों की तरह मैं भी देश से बाहर जा सकता था, लेकिन मैं हमेशा से क्लियर रहा कि सर्विस तो देश में ही रहकर करना है। पर मेरा सही अभी चुना जाना बाकी थी।

कार्तिकेय बताते हैं कि, 'मेरे पिताजी आईएएस रहे हैं ऐसे में मेरे पास बहुत सारे कॅरियर ऑप्शन थे। मैंने इंजीनियरिंग से पढ़ाई की थी तो दूसरों की तरह मैं भी देश से बाहर जा सकता था, लेकिन मैं हमेशा से क्लियर रहा कि सर्विस तो देश में ही रहकर करना है। पर मेरा सही अभी चुना जाना बाकी थी।

कार्तिकेय आईटीसी और विप्रो जैसी जगह पर काम कर चुके हैं। इस फील्ड में उन्हें अच्छा वर्क एक्सपीरिएंस मिला लेकिन वो सीधे तौर पर देश के लिए काम करना चाहते थे। उनके लिए काम करने से मतलब है कि जिस प्लेटफार्म पर आप काम कर रहे हैं, उससे कितने लोगों की लाइफ आप सीधे तौर पर टच कर सकते हैं।

कार्तिकेय आईटीसी और विप्रो जैसी जगह पर काम कर चुके हैं। इस फील्ड में उन्हें अच्छा वर्क एक्सपीरिएंस मिला लेकिन वो सीधे तौर पर देश के लिए काम करना चाहते थे। उनके लिए काम करने से मतलब है कि जिस प्लेटफार्म पर आप काम कर रहे हैं, उससे कितने लोगों की लाइफ आप सीधे तौर पर टच कर सकते हैं।

हालांकि नौकरी छोड़ने को लेकर वो भी कन्फ्यूजन में थे। इसलिए उन्होंने  पहला अटैम्प्ट जॉब में रहते हुए दिया। वो मेन्स तक पहुंच गए। फिर दूसरी बार में आईआरएस में कस्टम के लिए सिलेक्ट हो गए थे। पर उनकी आईएएस अफसर बनने की भूख खत्म नहीं हुई। स्कोप को देखकर तीसरा अटैम्प्ट भी दिया और वो सफल रहे। इसके बाद वो IAS बन गए।

हालांकि नौकरी छोड़ने को लेकर वो भी कन्फ्यूजन में थे। इसलिए उन्होंने पहला अटैम्प्ट जॉब में रहते हुए दिया। वो मेन्स तक पहुंच गए। फिर दूसरी बार में आईआरएस में कस्टम के लिए सिलेक्ट हो गए थे। पर उनकी आईएएस अफसर बनने की भूख खत्म नहीं हुई। स्कोप को देखकर तीसरा अटैम्प्ट भी दिया और वो सफल रहे। इसके बाद वो IAS बन गए।

मीडिया से उन्होंने अपनी स्ट्रेटजी और तैयारी भी साझा की। उन्होंने अपने कुछ सीनियर्स से बात की थी जो सिविल सर्विस पास कर चुके थे। उनकी सलाह पर ही उन्होंने तैयारी शुरू की। प्री में सिलेक्शन के बाद मेन्स के लिए कुछ दिनों तक कोचिंग भी ज्वाइन की थी। नोट्स बनाए और अपने मन से तैयारी की।

मीडिया से उन्होंने अपनी स्ट्रेटजी और तैयारी भी साझा की। उन्होंने अपने कुछ सीनियर्स से बात की थी जो सिविल सर्विस पास कर चुके थे। उनकी सलाह पर ही उन्होंने तैयारी शुरू की। प्री में सिलेक्शन के बाद मेन्स के लिए कुछ दिनों तक कोचिंग भी ज्वाइन की थी। नोट्स बनाए और अपने मन से तैयारी की।

यूपीएससी पास करने में उन्होंने सबजेक्ट सेलेक्शन को भी अहम बताया। जिस सबजेक्ट से आप पढ़े हो उससे लगाव मत रखो। सब्जेक्ट ऐसा जिससे तुम्हारा सिलेक्शन हो। कार्तिकेय ने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और एंथ्रोपोलॉजी चुने थे और वे सफल रहे।  पढ़ाई के लिए वो टाइम मैंनेजमेंट को जरूरी बताते हैं। आप कितने घंटे पढ़ रहे हैं, इसके बजाय आप क्या पढ़ रहे हैं यह जरूरी है। यह समझना होगा कि रीडिंग और स्टडी में अंतर होता है। इसलिए ध्यान से पढ़ें।

यूपीएससी पास करने में उन्होंने सबजेक्ट सेलेक्शन को भी अहम बताया। जिस सबजेक्ट से आप पढ़े हो उससे लगाव मत रखो। सब्जेक्ट ऐसा जिससे तुम्हारा सिलेक्शन हो। कार्तिकेय ने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और एंथ्रोपोलॉजी चुने थे और वे सफल रहे। पढ़ाई के लिए वो टाइम मैंनेजमेंट को जरूरी बताते हैं। आप कितने घंटे पढ़ रहे हैं, इसके बजाय आप क्या पढ़ रहे हैं यह जरूरी है। यह समझना होगा कि रीडिंग और स्टडी में अंतर होता है। इसलिए ध्यान से पढ़ें।

वो यूपीएससी के लिए कोचिंग को सही बताते हैं इससे आप ज्यादा फोकस होते हैं और दूसरी चीज वहां एक जगह पर सारांश नोट्स मिल जाता है। लेकिन कुलमिलाकर पढऩा आपको है तो यह आप पर डिपेंड करता है। आप घर पर भी ज्यादा बेहतर पढ़ाई कर सकते हैं। कोचिंग के नोट्स के साथ सेल्फ स्टडी फिर भी जरूरी है।

वो यूपीएससी के लिए कोचिंग को सही बताते हैं इससे आप ज्यादा फोकस होते हैं और दूसरी चीज वहां एक जगह पर सारांश नोट्स मिल जाता है। लेकिन कुलमिलाकर पढऩा आपको है तो यह आप पर डिपेंड करता है। आप घर पर भी ज्यादा बेहतर पढ़ाई कर सकते हैं। कोचिंग के नोट्स के साथ सेल्फ स्टडी फिर भी जरूरी है।

वो कहते हैं कि यूपीएससी की खासियत यही है कि इसमें किसी की जागीर नहीं है। कोई भी ऐसा एडवांटेज किसी के बैकग्राउंड पर नहीं मिलता। अगर आप गरीब भी हैं और गांव से हैं तो मेहनत कीजिए और अफसर बनकर लाखों अमीरों के सामने बैठेंगे।

वो कहते हैं कि यूपीएससी की खासियत यही है कि इसमें किसी की जागीर नहीं है। कोई भी ऐसा एडवांटेज किसी के बैकग्राउंड पर नहीं मिलता। अगर आप गरीब भी हैं और गांव से हैं तो मेहनत कीजिए और अफसर बनकर लाखों अमीरों के सामने बैठेंगे।

एक दो बार एग्जाम में फेल होने को वो प्रयास के तौर पर लेने को कहते हैं।  फेल होना आपकी काबिलियत का सर्टिफिकेशन नहीं है। सिलेक्ट नहीं हुए तो आप फेलियर नहीं हैं। आप दोगुनी मेहनत कीजिए और सफलता का फल चखने जरूर मिलेगा। दूसरों के कहने पर एग्जाम न दें खुद की मेंटेलिटी पहले बनाएं। हार्डवर्क जरूरी है इसलिए तैयार रहें कई घटें सिर्फ पढ़ना ही पढ़ेगा। टाइम मैंनेजमेंट हर स्टेज पर महत्वपूर्ण है।

एक दो बार एग्जाम में फेल होने को वो प्रयास के तौर पर लेने को कहते हैं। फेल होना आपकी काबिलियत का सर्टिफिकेशन नहीं है। सिलेक्ट नहीं हुए तो आप फेलियर नहीं हैं। आप दोगुनी मेहनत कीजिए और सफलता का फल चखने जरूर मिलेगा। दूसरों के कहने पर एग्जाम न दें खुद की मेंटेलिटी पहले बनाएं। हार्डवर्क जरूरी है इसलिए तैयार रहें कई घटें सिर्फ पढ़ना ही पढ़ेगा। टाइम मैंनेजमेंट हर स्टेज पर महत्वपूर्ण है।

आपको बता दें कि कार्तिकेय सबसे अमीर अफसरों में गिने जाते हैं। कार्तिकेय गोयल के पास हैदराबाद के कैलाश कुंज में करीब 9 करोड़ रुपए के मकान और बिल्डिंग हैं। हरियाणा के गुडग़ांव में करीब दो करोड़ रुपए की संपत्ति और हैदराबाद में करीब ढाई करोड़ रुपए की संपत्ति उनके परिवार ने खरीदी थी।

आपको बता दें कि कार्तिकेय सबसे अमीर अफसरों में गिने जाते हैं। कार्तिकेय गोयल के पास हैदराबाद के कैलाश कुंज में करीब 9 करोड़ रुपए के मकान और बिल्डिंग हैं। हरियाणा के गुडग़ांव में करीब दो करोड़ रुपए की संपत्ति और हैदराबाद में करीब ढाई करोड़ रुपए की संपत्ति उनके परिवार ने खरीदी थी।

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