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नेपोटिज्म की बहस के बीच छलका अभिषेक बच्चन का दर्द, बोले- मैंने भी कई लोगों से काम मांगा लेकिन..

First Published Jun 22, 2020, 3:23 PM IST
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मुंबई। अभिषेक बच्चन को बॉलीवुड में 20 साल पूरे हो चुके हैं। उन्होंने साल 2000 में फिल्म 'रिफ्यूजी' से करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उनके अपोजिट करीना कपूर थीं। अभिषेक ने बॉलीवुड में अपने 20 साल पूरे होने के मौके पर सोशल मीडिया में एक पोस्ट शेयर की है। इस पोस्ट में उन्होंने साल 2009 के बारे में लिखा है। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस छिड़ी हुई है। ऐसे में अभिषेक बच्चन ने अपनी इस पोस्ट के जरिए बॉलीवुड में अपने स्ट्रगल को बताया है।

अपनी पोस्ट में अभिषेक बच्चन ने लिखा, बहुत सारे लोग ये बात नहीं जानते होंगे कि 1998 में मैं और राकेश ओमप्रकाश मेहरा अपने करियर की शुरुआत एक साथ करना चाहते थे। वो मुझे 'समझौता एक्सप्रेस' के लिए डायरेक्ट करना चाहते थे। लेकिन बहुत कोशिश करने के बावजूद हम दोनों को कोई लॉन्च करने वाला नहीं मिला।

अपनी पोस्ट में अभिषेक बच्चन ने लिखा, बहुत सारे लोग ये बात नहीं जानते होंगे कि 1998 में मैं और राकेश ओमप्रकाश मेहरा अपने करियर की शुरुआत एक साथ करना चाहते थे। वो मुझे 'समझौता एक्सप्रेस' के लिए डायरेक्ट करना चाहते थे। लेकिन बहुत कोशिश करने के बावजूद हम दोनों को कोई लॉन्च करने वाला नहीं मिला।

अभिषेक ने आगे लिखा, अब तो मैं ये भी भूल गया हूं कि मैंने कितने प्रोड्यूसर और डायरेक्टरों से मुलाकात की और उनसे एक्टिंग का एक चांस देने के लिए कहा। लेकिन किसी ने हमें मौका नहीं दिया। 

अभिषेक ने आगे लिखा, अब तो मैं ये भी भूल गया हूं कि मैंने कितने प्रोड्यूसर और डायरेक्टरों से मुलाकात की और उनसे एक्टिंग का एक चांस देने के लिए कहा। लेकिन किसी ने हमें मौका नहीं दिया। 

अभिषेक के मुताबिक, चूंकि हम दोनों दोस्त थे, तो हमने फैसला किया कि हम दोनों कुछ ऐसा करें, जिसे राकेश डायरेक्ट करें और मैं उसमें एक्टिंग कर सकूं। इसके बाद हमने 'समझौता एक्सप्रेस' बनाने का फैसला किया। हालांकि किन्हीं वजहों से यह फिल्म नहीं बन सकी।

अभिषेक के मुताबिक, चूंकि हम दोनों दोस्त थे, तो हमने फैसला किया कि हम दोनों कुछ ऐसा करें, जिसे राकेश डायरेक्ट करें और मैं उसमें एक्टिंग कर सकूं। इसके बाद हमने 'समझौता एक्सप्रेस' बनाने का फैसला किया। हालांकि किन्हीं वजहों से यह फिल्म नहीं बन सकी।

इसके बाद राकेश ओमप्रकाश मेहरा मेरे पापा के साथ फिल्म 'अक्स' बनाने लगे और इसी दौरान मेरी मुलाकात जेपी दत्ता साहब से हुई। जेपी दत्ता उस वक्त फिल्म 'आखिरी मुगल' बनाना चाहते थे और इसके लिए वो नया चेहरा ढूंढ रहे थे। मैं लकी था कि उन्होंने 'आखिरी मुगल' तो नहीं बनाई लेकिन 'रिफ्यूजी' बनाई।

इसके बाद राकेश ओमप्रकाश मेहरा मेरे पापा के साथ फिल्म 'अक्स' बनाने लगे और इसी दौरान मेरी मुलाकात जेपी दत्ता साहब से हुई। जेपी दत्ता उस वक्त फिल्म 'आखिरी मुगल' बनाना चाहते थे और इसके लिए वो नया चेहरा ढूंढ रहे थे। मैं लकी था कि उन्होंने 'आखिरी मुगल' तो नहीं बनाई लेकिन 'रिफ्यूजी' बनाई।

हालांकि इसके दस साल बाद मैं राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ फिल्म 'दिल्ली 6' में नजर आया। इस फिल्म में मेरे साथ सोनम कपूर भी थीं। हम सब एक बड़े परिवार की तरह थे। इसके साथ ही मेरा कुछ सीनियर कलाकारों के साथ काम करने का सपना भी सच हो गया। 

हालांकि इसके दस साल बाद मैं राकेश ओमप्रकाश मेहरा के साथ फिल्म 'दिल्ली 6' में नजर आया। इस फिल्म में मेरे साथ सोनम कपूर भी थीं। हम सब एक बड़े परिवार की तरह थे। इसके साथ ही मेरा कुछ सीनियर कलाकारों के साथ काम करने का सपना भी सच हो गया। 

अभिषेक बच्चन की इस पोस्ट पर खूब कमेंट आ रहे हैं। एक शख्स ने लिखा- मैंने आपकी 'द्रोण' देखी। उसकी सबसे दुखद बात ये है कि मुझे रोना आ गया। 

अभिषेक बच्चन की इस पोस्ट पर खूब कमेंट आ रहे हैं। एक शख्स ने लिखा- मैंने आपकी 'द्रोण' देखी। उसकी सबसे दुखद बात ये है कि मुझे रोना आ गया। 

अभिषेक बच्चन ने ‘गुरू’, ‘युवा’, ‘बंटी और बबली’, ‘सरकार राज’ 'धूम 2' जैसी कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। उन्होंने ‘बोल बच्चन’ और ‘हाउसफुल 3’ जैसी कुछ फिल्मों में सेकेंड लीड रोल भी बेहतरीन तरीके से निभाया है।
 

अभिषेक बच्चन ने ‘गुरू’, ‘युवा’, ‘बंटी और बबली’, ‘सरकार राज’ 'धूम 2' जैसी कई फिल्मों में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया। उन्होंने ‘बोल बच्चन’ और ‘हाउसफुल 3’ जैसी कुछ फिल्मों में सेकेंड लीड रोल भी बेहतरीन तरीके से निभाया है।
 

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