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44 साल पहले आई धर्मेंद्र-जितेंद्र की इस फिल्म के गाने से मचाया था बवाल, रातोंरात उठाना पड़ा एक कदम

First Published May 31, 2021, 1:14 PM IST
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मुंबई. डायरेक्टर मनमोहन देसाई (Manmohan Desai) की 1977 में आई फिल्म धरम वीर (Dharam Veer) उस जमाने में ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। फिल्म की स्टारकास्ट से लेकर गानों तक को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। फिल्म में धर्मेंद्र (Dharmendra), जितेंद्र (Jeetendra), जीनत अमान ( Zeenat Aman), नीतू सिंह ( Neetu Singh) और प्राण ( Pran) लीड रोल में थे। हालांकि, 44 साल पहले आई इस फिल्म के एक गाने को खूब बवाब मचा था। देश में महिला संगठन इस गाने के खिलाफ खड़ी हो गई थी और मजबूरी में गीतकार आनंद बख्शी को गाना दोबारा लिखना और रिकॉर्ड करवाना पड़ा था। आइए, जानते हैं आखिर क्या है यह पूरा किस्सा...

फिल्म धरम वीर का गाना सात अजूबे इस दुनिया में... है। वैसे तो बॉलीवुड में दोस्ती पर कई गाने बने हैं लेकिन धर्मेंद्र और जितेंद्र पर फिल्माया यह गाना सबका फेवरेट है। लेकिन इस गाने के रिलीज होते ही देश में महिला संगठनों ने बवाल मचा दिया था। 

फिल्म धरम वीर का गाना सात अजूबे इस दुनिया में... है। वैसे तो बॉलीवुड में दोस्ती पर कई गाने बने हैं लेकिन धर्मेंद्र और जितेंद्र पर फिल्माया यह गाना सबका फेवरेट है। लेकिन इस गाने के रिलीज होते ही देश में महिला संगठनों ने बवाल मचा दिया था। 

आपको बता दें कि जब इस फिल्म का म्यूजिक एल्बम रिलीज किया गया तो कुछ ही दिनों में महिला संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। बाद में मेकर्स ने गाने के बोल बदलकर गाने को फिर से रिकॉर्ड और रिलीज किया था। 

आपको बता दें कि जब इस फिल्म का म्यूजिक एल्बम रिलीज किया गया तो कुछ ही दिनों में महिला संगठनों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। बाद में मेकर्स ने गाने के बोल बदलकर गाने को फिर से रिकॉर्ड और रिलीज किया था। 

बता दें कि इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह गाने के कुछ बोल थे। गाने के दूसरे अंतरे में आनंद बक्शी ने कुछ ऐसा लिख दिया था जिस पर विवाद खड़ा हो गया था। 

बता दें कि इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह गाने के कुछ बोल थे। गाने के दूसरे अंतरे में आनंद बक्शी ने कुछ ऐसा लिख दिया था जिस पर विवाद खड़ा हो गया था। 

दरअसल, गाने के दूसरे अंतरा था- ये लड़की है या रेशम की डोर है। कितना गुस्सा है, कितनी मुंह जोर है। ढीला छोड़ न देना हंसके, रखना दोस्त लगामें कसके। मुश्किल से काबू में आए लड़की हो या घोड़ी..। इसी लाइन लड़की हो या घोड़ी.. को लेकर जमकर विवाद हुआ था।

दरअसल, गाने के दूसरे अंतरा था- ये लड़की है या रेशम की डोर है। कितना गुस्सा है, कितनी मुंह जोर है। ढीला छोड़ न देना हंसके, रखना दोस्त लगामें कसके। मुश्किल से काबू में आए लड़की हो या घोड़ी..। इसी लाइन लड़की हो या घोड़ी.. को लेकर जमकर विवाद हुआ था।

कुछ महिला संगठनों ने गाने में महिला की तुलना घोड़ी से करने पर विरोध किया था। इसके बाद फिल्म के डायरेक्टर मनमोहन देसाई ने आनंद बक्शी से कहकर दूसरी लाइन लिखवाई। आनंद बक्शी ने भी मामले की गंभीरता समझते हुए झट से आखिरी लाइन के बोल बदला और लिखा था- मुश्किल से काबू में आए थोड़ी ढील जो छोड़ी। 
 

कुछ महिला संगठनों ने गाने में महिला की तुलना घोड़ी से करने पर विरोध किया था। इसके बाद फिल्म के डायरेक्टर मनमोहन देसाई ने आनंद बक्शी से कहकर दूसरी लाइन लिखवाई। आनंद बक्शी ने भी मामले की गंभीरता समझते हुए झट से आखिरी लाइन के बोल बदला और लिखा था- मुश्किल से काबू में आए थोड़ी ढील जो छोड़ी। 
 

आनंद बख्शी द्वारा गाने की लाइन बदलने के बाद इसके बाद सीन को दोबारा शूट किया गया था। इस गाने को धर्मेंद्र, जितेंद्र और जीनत अमान पर शूट किया गया है। गाने को आवाज मोहम्मद रफी और मुकेश ने दी है।

आनंद बख्शी द्वारा गाने की लाइन बदलने के बाद इसके बाद सीन को दोबारा शूट किया गया था। इस गाने को धर्मेंद्र, जितेंद्र और जीनत अमान पर शूट किया गया है। गाने को आवाज मोहम्मद रफी और मुकेश ने दी है।

आपको बता दें कि 70 का दशक वो दौर था जब धर्मेंद्र इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रह थे। वे बहुत ही कम संसाधनों में अपना गुजारा करते थे। इसी दौरान एक दिन धर्मेंद्र ने अपनी भूख मिटाने के लिए कब्ज की दवा की पूरी बोतल पी ली थी। फिर उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। 

आपको बता दें कि 70 का दशक वो दौर था जब धर्मेंद्र इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रह थे। वे बहुत ही कम संसाधनों में अपना गुजारा करते थे। इसी दौरान एक दिन धर्मेंद्र ने अपनी भूख मिटाने के लिए कब्ज की दवा की पूरी बोतल पी ली थी। फिर उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। 

शायद कम ही लोग जानते हैं इस फिल्म के स्टंट सीन खुद धर्मेंद्र ने ही किए थे। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर शेयर की थी। उन्होंने वीडियो शेयर कर बताया था। वीडियो में घोड़े पर सवार होकर धर्मेंद्र दो सैनिकों से लड़ाई करते दिख रहे हैं। इस सीन में उनके हाथ में दो भाले है। उन्होंने वीडियो शेयर कर लिखा था- कोई डुप्लीकेट नहीं, भगवान की दुआ रही। 

शायद कम ही लोग जानते हैं इस फिल्म के स्टंट सीन खुद धर्मेंद्र ने ही किए थे। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर शेयर की थी। उन्होंने वीडियो शेयर कर बताया था। वीडियो में घोड़े पर सवार होकर धर्मेंद्र दो सैनिकों से लड़ाई करते दिख रहे हैं। इस सीन में उनके हाथ में दो भाले है। उन्होंने वीडियो शेयर कर लिखा था- कोई डुप्लीकेट नहीं, भगवान की दुआ रही। 

वैसे, आपको बता दें कि इस फिल्म धर्मेंद्र के बचपन का रोल उनके बेटे बॉबी देओल ने ही निभाया था। यह बॉबी की बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट डेब्यू फिल्म थी। 

वैसे, आपको बता दें कि इस फिल्म धर्मेंद्र के बचपन का रोल उनके बेटे बॉबी देओल ने ही निभाया था। यह बॉबी की बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट डेब्यू फिल्म थी। 

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