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प्यार में मिला धोखा, पैसों के लिए फैमिली ने किया इस्तेमाल, दर्दभरी रही है संजय दत्त की मां की जिंदगी

First Published Jun 1, 2021, 11:00 AM IST
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मुंबई. संजय दत्त (Sanjay Dutt) की मां और सुनील दत्त (Sunil Dutt) की पत्नी नरगिस (Nargis) की आज 92वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 1 जून, 1929 को कोलकाता में हुआ था। गुजरे जमाने की एक्ट्रेस नरगिस ने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। उन्होंने अपने करियर में खूब नाम कमाया लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ बेहद दर्दभरी रही। उन्होंने राज कपूर से सच्चा प्यार किया लेकिन उन्हें धोखा मिला। राज कपूर ने नरगिस से शादी का वादा करने के बाद भी शादी नहीं की। इतना ही नहीं नरगिस को उनके परिवारवालों ने भी पैसों के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने सुनील दत्त से 1958 में शादी की। उनकी शादीशुदा जिंदगी तो अच्छी रही लेकिन बेटा संजय दत्त ड्रग्स की गिरफ्त में आ गया। आखिरकार नरगिस को कैंसर होने का पता चला और फिर वे दुनिया छोड़कर चली गई। 

राज कपूर के साथ नरगिस ने यादगार फिल्में की। दोनों लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे हैं। हालांकि, उनका यह रिश्ता अंजाम तक नहीं पहुंचा और नरगिस ने राज कपूर से दूरी बना ली। बाद में नरगिस ने सुनील दत्त के साथ शादी कर फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया।

राज कपूर के साथ नरगिस ने यादगार फिल्में की। दोनों लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे हैं। हालांकि, उनका यह रिश्ता अंजाम तक नहीं पहुंचा और नरगिस ने राज कपूर से दूरी बना ली। बाद में नरगिस ने सुनील दत्त के साथ शादी कर फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया।

किश्वर देसाई की किताब द ट्रू लव स्टोरी ऑफ नरगिस एंड सुनील दत्त में बताया है कि 1957 में नरगिस की जिंदगी में सुनील दत्त आए। ये वक्त ऐसा था जब नरगिस अंदर से पूरी तरह टूट गई थीं और उनके मन में आत्महत्या के ख्याल आने लगे थे। राज कपूर से रिश्ता टूटना नरगिस के लिए किसी सदमे से कम नहीं था। 

किश्वर देसाई की किताब द ट्रू लव स्टोरी ऑफ नरगिस एंड सुनील दत्त में बताया है कि 1957 में नरगिस की जिंदगी में सुनील दत्त आए। ये वक्त ऐसा था जब नरगिस अंदर से पूरी तरह टूट गई थीं और उनके मन में आत्महत्या के ख्याल आने लगे थे। राज कपूर से रिश्ता टूटना नरगिस के लिए किसी सदमे से कम नहीं था। 

किश्वर ने अपनी किताब में नरगिस की पर्सनल डायरी के हवाले से भी कई सारी बातें शेयर की है। उन्होंने लिखा कि नरगिस की जिंदगी में अगर सुनील दत्त नहीं आए होते तो वो खुद को खत्म कर चुकी होतीं। डायरी में लिखा था- केवल मैं ही जानती हूं कि मैं किस उथल पुथल से गुजर रही हूं। मैं चाहती हूं कि तुम जीवित रहो। उसने कहा और मुझे लगा कि मुझे जीना है। फिर से शुरू करो।

किश्वर ने अपनी किताब में नरगिस की पर्सनल डायरी के हवाले से भी कई सारी बातें शेयर की है। उन्होंने लिखा कि नरगिस की जिंदगी में अगर सुनील दत्त नहीं आए होते तो वो खुद को खत्म कर चुकी होतीं। डायरी में लिखा था- केवल मैं ही जानती हूं कि मैं किस उथल पुथल से गुजर रही हूं। मैं चाहती हूं कि तुम जीवित रहो। उसने कहा और मुझे लगा कि मुझे जीना है। फिर से शुरू करो।

नौ साल के लंबे रिलेशनशिप के बाद नरगिस को यह महसूस हो गया था कि राज कभी भी उनके लिए अपने परिवार को नहीं छोड़ेंगे। जबकि उनके अपने परिवार ने उन्हें केवल पैसा बनाने की मशीन की तरह इस्तेमाल किया। किताब में इस बात का जिक्र है कि नरगिस ने सुनील दत्त के सामने राज कपूर के साथ अपने रिलेशन की बात कबूल की थी। 
 

नौ साल के लंबे रिलेशनशिप के बाद नरगिस को यह महसूस हो गया था कि राज कभी भी उनके लिए अपने परिवार को नहीं छोड़ेंगे। जबकि उनके अपने परिवार ने उन्हें केवल पैसा बनाने की मशीन की तरह इस्तेमाल किया। किताब में इस बात का जिक्र है कि नरगिस ने सुनील दत्त के सामने राज कपूर के साथ अपने रिलेशन की बात कबूल की थी। 
 

जब राज कपूर ने सुनील दत्त के साथ नरगिस की शादी की खबर सुनी तो वो अपने आप को सिगरेट बटों से जलाते थे, ये देखने के लिए कि कहीं वो सपना तो नहीं देख रहे। इसके बाद से ही राज कपूर ने बेइंतहा शराब पीनी शुरू कर दी।

जब राज कपूर ने सुनील दत्त के साथ नरगिस की शादी की खबर सुनी तो वो अपने आप को सिगरेट बटों से जलाते थे, ये देखने के लिए कि कहीं वो सपना तो नहीं देख रहे। इसके बाद से ही राज कपूर ने बेइंतहा शराब पीनी शुरू कर दी।

नरगिस से राज कपूर की पहली मुलाकात 1946 में हुई थी। नरगिस को देखते ही राज कपूर उन्हें दिल दे बैठे थे। हालांकि, जब राज कपूर नरगिस से मिले तो उस वक्त वो शादीशुदा थे। नरगिस से मिलने के बाद राज कपूर, इंदर राज आनंद के घर गए थे और उनसे कहा था कि वे फिल्म 'आग' में नरगिस का रोल भी जोड़ दें, क्योंकि वे उनके साथ काम करना चाहते हैं।

नरगिस से राज कपूर की पहली मुलाकात 1946 में हुई थी। नरगिस को देखते ही राज कपूर उन्हें दिल दे बैठे थे। हालांकि, जब राज कपूर नरगिस से मिले तो उस वक्त वो शादीशुदा थे। नरगिस से मिलने के बाद राज कपूर, इंदर राज आनंद के घर गए थे और उनसे कहा था कि वे फिल्म 'आग' में नरगिस का रोल भी जोड़ दें, क्योंकि वे उनके साथ काम करना चाहते हैं।

राज कपूर के कहने पर फिल्म के लेखक इंदर राज आनंद ने नरगिस का रोल जोड़ दिया। इस फिल्म में नरगिस ने निम्मी का किरदार निभाया था। आग हो वो फिल्म है, जिसमें राज कपूर ने पहली बार नरगिस के साथ स्क्रीन शेयर की थी। राज कपूर ने नरगिस के साथ फिल्म 'बरसात', 'अंदाज', 'आवारा', 'बेवफा', 'अनहोनी', 'आह', 'श्री420', 'चोरी-चोरी' जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। दोनों ने करीब 16 फिल्मों में साथ काम किया।

राज कपूर के कहने पर फिल्म के लेखक इंदर राज आनंद ने नरगिस का रोल जोड़ दिया। इस फिल्म में नरगिस ने निम्मी का किरदार निभाया था। आग हो वो फिल्म है, जिसमें राज कपूर ने पहली बार नरगिस के साथ स्क्रीन शेयर की थी। राज कपूर ने नरगिस के साथ फिल्म 'बरसात', 'अंदाज', 'आवारा', 'बेवफा', 'अनहोनी', 'आह', 'श्री420', 'चोरी-चोरी' जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। दोनों ने करीब 16 फिल्मों में साथ काम किया।

बता दें कि नरगिस ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। 1935 में फिल्म रजिया से उन्होंने 6 साल की उम्र में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट करियर की शुरुआत की। 1943 में मोतीलाल के साथ उन्होंने 14 साल की उम्र में लीड एक्ट्रेस के तौर पर अपनी पहली फिल्म की। 1948 में आग फिल्म में पहली बार राज कपूर संग उनकी जोड़ी नजर आई।

बता दें कि नरगिस ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। 1935 में फिल्म रजिया से उन्होंने 6 साल की उम्र में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट करियर की शुरुआत की। 1943 में मोतीलाल के साथ उन्होंने 14 साल की उम्र में लीड एक्ट्रेस के तौर पर अपनी पहली फिल्म की। 1948 में आग फिल्म में पहली बार राज कपूर संग उनकी जोड़ी नजर आई।

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