जब एक बेबस महिला एक्टर को असल में समझ बैठी थी राम, बीमार बच्चे को रख दिया पैरों में

First Published 14, May 2020, 10:21 AM

मुंबई. लॉकडाउन और कोरोना वायरस के बीच रामायण काफी चर्चित शो रहा है। इसे लोगों ने पहले की ही तरह प्यार दिखाया और दूरदर्शन को टीआरपी की रेस में सबसे आगे कर दिया। ऐसे में शो के दोबारा प्रसारित किए जाने से इसके सभी किरदार चर्चा में आ गए हैं। वो शूटिंग से जुड़ी किस्से कहानियां शेयर कर रहे हैं। ऐसे में रामायण में राम का किरदार प्ले करने वाले अरुण गोविल ने भी एक किस्सा शेयर किया है। 

<p>रामायण जब पहले प्रसारित किया जाता था तो लोग तब अरुण गोविल को ही असली में राम समझ बैठते थे। गलियों में सन्नाटा होता था और लोग चप्पल-जूते उतारकर टीवी के सामने बैठ जाया करते थे। वो रामायण का बड़ा सम्मान करते थे। अरुण राम का रोल प्ले करते थे, इसलिए लोग उनकी बड़ी इज्जत भी लोग करते हैं।</p>

रामायण जब पहले प्रसारित किया जाता था तो लोग तब अरुण गोविल को ही असली में राम समझ बैठते थे। गलियों में सन्नाटा होता था और लोग चप्पल-जूते उतारकर टीवी के सामने बैठ जाया करते थे। वो रामायण का बड़ा सम्मान करते थे। अरुण राम का रोल प्ले करते थे, इसलिए लोग उनकी बड़ी इज्जत भी लोग करते हैं।

<p>एक इंटरव्यू के दौरान अरुण गोविल ने वो किस्सा सुनाया जब एक महिला ने अपने बीमार बच्चे को उनके पैरों में रख दिया था। बात तब की है जब गोविल ने राम का गेटअप नहीं लिया था और वह सेट पर हाफ पैंट और टीशर्ट पहन कर बैठे हुए थे।</p>

एक इंटरव्यू के दौरान अरुण गोविल ने वो किस्सा सुनाया जब एक महिला ने अपने बीमार बच्चे को उनके पैरों में रख दिया था। बात तब की है जब गोविल ने राम का गेटअप नहीं लिया था और वह सेट पर हाफ पैंट और टीशर्ट पहन कर बैठे हुए थे।

<p>अरुण कहते हैं कि एक दिन अचानक उन्हें दरवाजे के पास बहुत ज्यादा शोर सुनाई दिया। जब गोविल ने पूछा कि क्या हो गया है तो उन्हें बताया कि एक औरत है जो राम को ढूंढ रही है। </p>

अरुण कहते हैं कि एक दिन अचानक उन्हें दरवाजे के पास बहुत ज्यादा शोर सुनाई दिया। जब गोविल ने पूछा कि क्या हो गया है तो उन्हें बताया कि एक औरत है जो राम को ढूंढ रही है। 

<p>इस पर गोविल उठे और दरवाजे के पास चले गए। वो औरत बहुत हड़बड़ी में आई और राम जी कहां हैं, राम जी कहां हैं चिल्लाने लगी।</p>

इस पर गोविल उठे और दरवाजे के पास चले गए। वो औरत बहुत हड़बड़ी में आई और राम जी कहां हैं, राम जी कहां हैं चिल्लाने लगी।

<p>किसी ने क्रू में से अरुण गोविल की तरफ इशारा करके चिल्ला दिया कि वो राम जी हैं। अरुण ने कहा कि जिस तरह वो वहां बैठे थे वैसे शायद उन्हें कोई पहचानता नहीं। वो विग लगाए अजीब से लग रहे थे।</p>

किसी ने क्रू में से अरुण गोविल की तरफ इशारा करके चिल्ला दिया कि वो राम जी हैं। अरुण ने कहा कि जिस तरह वो वहां बैठे थे वैसे शायद उन्हें कोई पहचानता नहीं। वो विग लगाए अजीब से लग रहे थे।

<p>अरुण ने कहा कि वो महिला बहुत परेशान थी। उसकी गोद में जो बच्चा था उसने लाकर उस बच्चे को अरुण के पैरों में रख दिया और कहा कि इस बच्चे को बचा लो।</p>

अरुण ने कहा कि वो महिला बहुत परेशान थी। उसकी गोद में जो बच्चा था उसने लाकर उस बच्चे को अरुण के पैरों में रख दिया और कहा कि इस बच्चे को बचा लो।

<p>अरुण ने बताया कि वह उस वक्त वो अवाक रह गए थे और उन्हें समझ में नहीं आया कि उस वक्त वो क्या करें। अरुण ने कहा कि इसे कोई डॉक्टर के पास ले जाओ, तो महिला ने चिल्लाया कि डॉक्टर नहीं बचा पाएंगे। </p>

अरुण ने बताया कि वह उस वक्त वो अवाक रह गए थे और उन्हें समझ में नहीं आया कि उस वक्त वो क्या करें। अरुण ने कहा कि इसे कोई डॉक्टर के पास ले जाओ, तो महिला ने चिल्लाया कि डॉक्टर नहीं बचा पाएंगे। 

<p>महिला ने अरुण से कहा कि डॉक्टर्स ने मना कर दिया है कि अब ये बचेगा नहीं। मर जाएगा। तुम इसे बचा लो, तुम राम हो।</p>

महिला ने अरुण से कहा कि डॉक्टर्स ने मना कर दिया है कि अब ये बचेगा नहीं। मर जाएगा। तुम इसे बचा लो, तुम राम हो।

<p>गोविल ने बताया कि कुछ समझ नहीं आने पर उन्होंने आंखें बंद करके ईश्वर से प्रार्थना की कि बच्चे के लिए जो कर सकें कर दें। महिला वहां से चली गई लेकिन तीन दिन बाद वो वापस उस सेट पर गोविल से मिलने आई और इस दिन उसका बच्चा उसके साथ उसकी उंगली पकड़ कर चल रहा था।</p>

गोविल ने बताया कि कुछ समझ नहीं आने पर उन्होंने आंखें बंद करके ईश्वर से प्रार्थना की कि बच्चे के लिए जो कर सकें कर दें। महिला वहां से चली गई लेकिन तीन दिन बाद वो वापस उस सेट पर गोविल से मिलने आई और इस दिन उसका बच्चा उसके साथ उसकी उंगली पकड़ कर चल रहा था।

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