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बैंक की नौकरी छोड़ फिल्मों में आई थी रीमा लागू, संजय दत्त संग 1 सीन शूट करने हो गई थी पसीना-पसीना
मुंबई. बॉलीवुड की कई फिल्मों में मां का किरदार निभाकर पॉपुलर हुई रीमा लागू (Reema Lagoo) की आज 63वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 21 जून 1958 को मुंबई में हुआ था। हालांकि, अब वे हमारे बीच नहीं है। रीमा लागू उनका असली नाम नहीं था। रिपोर्ट्स में उनके दो नाम गुरिंदर भदभदे और नयन भदभदे बताए जाते हैं। उन्होंने शादी के बाद अपना नाम बदलकर रीमा लागू रख लिया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्मों से की। 1980 में उन्होंने फिल्म आक्रोश से बॉलीवुड में कदम रखा। शुरुआती दौर में उन्होंने छोटे-छोटे रोल प्ले किए। उन्हें पहचान 1988 में आई फिल्म कयामत से कयामत तक में जूही चावला की मां को रोल प्ले कर मिली। नीचे पढ़े फिल्मों में आने से पहले क्या काम करती थी रीमा लागू...

रीमा सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं थीं बल्कि बैंक में भी नौकरी करती थीं। उन्होंने 1979 से 10 साल तक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में काम किया। इसके साथ-साथ वे टीवी और फिल्मों में भी काम करती रहीं।
1976 में रीमा लागू की मुलाकात बैंक सहकर्मी और स्टेज एक्टर विवेक लागू से हुई थी। दोनों ने साल 1978 में शादी रचा ली। दोनों की एक बेटी मृण्मयी लागू हुई, जो आज एक एक्ट्रेस और थिएटर डायरेक्टर है।
हालांकि, उनकी शादी लंबे समय तक नहीं टिक पाई। रीमा लागू और विवेक लागू ने आपसी मनमुटाव के चलते अलग होने का फैसला किया। पति से अलग रहते हुए रीमा ने अकेले ही अपनी बेटी की परवरिश की।
कम ही लोग जानते हैं कि रीमा खुद के छोटी उम्र के एक्टर्स की मां का रोल बखूबी प्ले किया। ऐसे में फिल्म वास्तव में रीमा ने संजय दत्त की मां का किरदार भी निभाया था, जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया था। इसी फिल्म में रीमा पर एक सीन फिल्माया गया था, जिसे शूट करने के दौरान उनके पसीने छूट गए थे।
इस फिल्म में रीमा ने चॉल में रहने वाली एक ऐसी महिला का किरदार निभाया था, जिसका बेटा आपराधिक रास्तों पर निकल पड़ता है और वह उसे रोक भी नहीं पाती। फिल्म के क्लाइमेक्स में उन्हें अपने बेटे को उसके दर्द से आजादी दिलाने के लिए खुद ही गोली मारनी पड़ती है। लेकिन यह सीन करना रीमा के लिए बेहद मुश्किल था।
इस सीन में रीमा को जिस पिस्तौल से संजय दत्त को गोली मारनी थी उन्हें उसके वजन का अंदाजा नहीं था। संजय ने उन्हें सीन शूट करने के लिए जैसे ही पिस्तौल थमाई वह इसे देखकर घबरा गई थीं। पिस्तौल नकली थी, लेकिन रीमा के लिए इसे उठाना मुश्किल हो गया था। हालांकि, डायरेक्टर महेश मांझरेकर और संजय दत्त ने उन्हें काफी सपोर्ट किया था।
बता दें कि जब सीन की रिहर्सल शुरू हुई तो रीमा इस पिस्तौल को उठा भी नहीं पा रही थीं। आलम ये था कि वह इस सीन के दौरान पूरी तरह पसीने में नहा गई थी। हालांकि, घबराहट के बावजूद उन्होंने बेहतरीन शॉर्ट दिया था।
रीमा ने ऋषि कपूर, सलमान खान, शाहरुख खान, अजय देवगन, संजय दत्त, राहुल रॉय, श्रीदेवी, अक्षय कुमार, सैफ अली खान, माधुरी दीक्षित, काजोल, शिल्पा शेट्टी सहित सेलेब्स की मां का किरदार निभाया था। रीमा ने मैंने प्यार किया, आशिकी, हिना, पत्थर के फूल, प्रेम दीवाने, श्रीमान आशिक, ये दिल्लगी, विजयपथ, कानून, रंगीला, जुड़वां, प्यार तो होना ही था, आंटी नबंर वन, कुछ कुछ होता है, हम साथ-साथ हैं. हथियार, इंडियन, मैं प्रेम की दीवानी हूं जैसी कई फिल्मों में काम किया।
आपको बता दें कि रीमा मौत के चंद घंटों पहले तक शूटिंग कर रही थी। वे 17 मई, 2017 को शाम 7 बजे तक अपने सीरियल नामकरण की शूटिंग कर रही थी। बाद में उसी रात उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। उन्हें 1 बजे कोकिलाबेन अस्पताल ले जाया गया। यहां कार्डियक अरेस्ट के चलते उन्होंने तड़के 3.15 बजे दम तोड़ दिया।
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