Asianet News Hindi

सालों से इस बीमारी से परेशान हैं Anushka Sharma, डिलीवरी के समय आ सकती है दिक्कत

First Published Jan 7, 2021, 2:44 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

हेल्थ डेस्क : बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma)जल्द ही मां बनने वाली हैं। इस बीच वह लगातार डॉक्टर के पास भी विजिट कर रही हैं। वैसे तो उनकी डिलेवरी में अभी तक कोई कॉम्प्लिकेशन नहीं आए है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनुष्का पिछले कुछ समय से एक असहनीय बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी का नाम 'बल्जिंग डिस्क' है। इससे शरीर में अकड़न और काफी दर्द होता है। ऐसे में लोगों का सवाल होता है कि क्या ये बीमारी प्रेग्नेंसी की दौरान जानलेवा हो सकती है? तो चलिए आज हम आपको बताते हैं, क्या है बल्जिंग डिस्क और इससे आपके शरीर को क्या नुकसान हो सकता है।

बल्जिंग डिस्क' या 'हर्नियेटेड डिस्क' आज के समय में एक बहुत ही कॉमन बीमारी हो गई। यह बीमारी रीढ़ की हड्डियों से शुरू होती है और धीरे-धीरे शरीर के बाकी अंगों तक पहुंच जाती है जिससे वहां भी दर्द होने लगता है।

बल्जिंग डिस्क' या 'हर्नियेटेड डिस्क' आज के समय में एक बहुत ही कॉमन बीमारी हो गई। यह बीमारी रीढ़ की हड्डियों से शुरू होती है और धीरे-धीरे शरीर के बाकी अंगों तक पहुंच जाती है जिससे वहां भी दर्द होने लगता है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा को भी बल्जिंग डिस्क की बीमारी है। अत्यधिक फिजियोथेरेपी सेशन लेने की वजह से अनुष्का पिछले कुछ समय से इस बीमारी से जूझ रही हैं। हालांकि उनकी प्रेग्नेंसी में इसकी वजह से अभी तक कोई दिक्कत नहीं आई है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा को भी बल्जिंग डिस्क की बीमारी है। अत्यधिक फिजियोथेरेपी सेशन लेने की वजह से अनुष्का पिछले कुछ समय से इस बीमारी से जूझ रही हैं। हालांकि उनकी प्रेग्नेंसी में इसकी वजह से अभी तक कोई दिक्कत नहीं आई है।

अनुष्का शर्मा इस महीने कभी भी अपने पहले बच्चे को जन्म दे सकती हैं। आजकल वह लगातार जुहू पर बने एक क्लिनिक पर भी अपने रूटीन चैकअप के लिए जा रही है।

अनुष्का शर्मा इस महीने कभी भी अपने पहले बच्चे को जन्म दे सकती हैं। आजकल वह लगातार जुहू पर बने एक क्लिनिक पर भी अपने रूटीन चैकअप के लिए जा रही है।

बल्जिंग डिस्क की बात करें तो ये बीमारी उन लोगों में होने की आशंका ज्यादा होती है जो घंटों एक जगह बैठकर काम करते हैं। इसकी वजह से नर्वस सिस्टम भी बुरी तरह से इफेक्ट होता है और शरीर में बहुत दर्द होता है।

बल्जिंग डिस्क की बात करें तो ये बीमारी उन लोगों में होने की आशंका ज्यादा होती है जो घंटों एक जगह बैठकर काम करते हैं। इसकी वजह से नर्वस सिस्टम भी बुरी तरह से इफेक्ट होता है और शरीर में बहुत दर्द होता है।

इस बीमारी के प्रारंभिक लक्षण हाथ-पैर सुन्न होना या झुनझुनाहट आना होता है। साथ ही इसमें मांसपेशियों में कमजोरी लगने लगती है और शरीर के जिस अंग में दर्द होता है उसको हिला-डुला पाना मुश्किल हो जाता है।

इस बीमारी के प्रारंभिक लक्षण हाथ-पैर सुन्न होना या झुनझुनाहट आना होता है। साथ ही इसमें मांसपेशियों में कमजोरी लगने लगती है और शरीर के जिस अंग में दर्द होता है उसको हिला-डुला पाना मुश्किल हो जाता है।

बता दें कि ये बीमारी अगर गंभीर रूप ले लें, तो इसकी सर्जरी भी होती है। इस तरह के कुछ भी लक्षण दिखने पर आपको तुंरत न्‍यूरोलॉजिस्‍ट से संपर्क करना चाहिए।

बता दें कि ये बीमारी अगर गंभीर रूप ले लें, तो इसकी सर्जरी भी होती है। इस तरह के कुछ भी लक्षण दिखने पर आपको तुंरत न्‍यूरोलॉजिस्‍ट से संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टर्स का कहना है कि इससे बचने के लिए आपको रेगुलर एक्‍सरसाइज करनी चाहिए। साथ ही अपने बैठने का तरीका सही रखना चाहिए। अपनी रीढ़ और डिस्क पर दबाव कम डालें और शरीर का वजन नियंत्रित रखें।

डॉक्टर्स का कहना है कि इससे बचने के लिए आपको रेगुलर एक्‍सरसाइज करनी चाहिए। साथ ही अपने बैठने का तरीका सही रखना चाहिए। अपनी रीढ़ और डिस्क पर दबाव कम डालें और शरीर का वजन नियंत्रित रखें।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios