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कुल्हाड़ी से लकड़ी काट-काटकर स्पिनर बना ये खिलाड़ी, बड़े भाई ने इस तरह किया सपोर्ट

First Published Apr 14, 2021, 12:49 PM IST
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स्पोर्ट्स डेस्क : मंगलवार को मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) और कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) के बीच खेले गए मैच में मुंबई ने शानदार जीत दर्ज की और कोलकाता के मुंह से जीत का स्वाद छीन लिया। एक समय मैच में केकेआर ने मैच पर जबरदस्त पकड़ बनाई हुई थी। लेकिन मुंबई के युवा गेंदबाज राहुल चाहर (Rahul Chahar) ने अपनी टीम को जरूरी ब्रेक थ्रू दिलाया और 4 विकेट लेकर मैच में मुंबई की वापसी करवाई। आज हम आपको बताते हैं, राहुल की क्रिकेटर बनने की कहानी, कि कैसे उन्होंने कुल्हाड़ी से लकड़ी काट-काटकर अपने हाथों को मजबूती दी।

भारतीय क्रिकेट में जब भी हम भाइयों की जोड़ी की बात करते हैं, तो हमारे जहन में युसूफ पठान-इराफन पठान, हार्दिक पंड्या-क्रुणाल पंड्या का नाम आता है। इस लिस्ट में एक और धांसू ब्रदर डुओ की एंट्री हुई है, वो है दीपक चाहर और राहुल चाहर।
 

भारतीय क्रिकेट में जब भी हम भाइयों की जोड़ी की बात करते हैं, तो हमारे जहन में युसूफ पठान-इराफन पठान, हार्दिक पंड्या-क्रुणाल पंड्या का नाम आता है। इस लिस्ट में एक और धांसू ब्रदर डुओ की एंट्री हुई है, वो है दीपक चाहर और राहुल चाहर।
 

दोनों भाइयों ने कड़ी मेहनत और लग्न से अपने क्रिकेटर बनने का सपना पूरा किया, जिसमें दीपक के पिता और रिटायर एयरफोर्स सार्जेंट लोकेंद्र सिंह ने उनका पूरा साथ दिया। 

दोनों भाइयों ने कड़ी मेहनत और लग्न से अपने क्रिकेटर बनने का सपना पूरा किया, जिसमें दीपक के पिता और रिटायर एयरफोर्स सार्जेंट लोकेंद्र सिंह ने उनका पूरा साथ दिया। 

जब दीपक चाहर (Deepak Chahar) 12 साल के थे, तो उनके पापा लोकेन्द्र सिंह उन्हें एयर फोर्स कॉम्पलेक्स में क्रिकेट खिलाने ले जाया करते थे। हालांकि कुछ समय बाद उनका ट्रांसफर हो गया। बेटे को ट्रेनिंग देने के लिए वह नौकरी छोड़कर परिवार के पास आगरा आ गए और यहां क्रिकेट एकडमी शुरू की।

जब दीपक चाहर (Deepak Chahar) 12 साल के थे, तो उनके पापा लोकेन्द्र सिंह उन्हें एयर फोर्स कॉम्पलेक्स में क्रिकेट खिलाने ले जाया करते थे। हालांकि कुछ समय बाद उनका ट्रांसफर हो गया। बेटे को ट्रेनिंग देने के लिए वह नौकरी छोड़कर परिवार के पास आगरा आ गए और यहां क्रिकेट एकडमी शुरू की।

दीपक को खेलता देख उनके चचेरे भाई राहुल को भी गेंदबाजी करने का जुनून आया और उन्होंने भी अपने चाचा के साथ उनकी एकडमी में ट्रेनिंग शुरू की। हालांकि राहुल काफी दुबले-पतले थे। ऐसे में खुद को फिट बनाने के लिए वह कुल्हाड़ी से लकड़ियां भी काटते थे। साथ ही 50-60 फीट गहरे पानी के टैंक की सीढ़ियां उतरते-चढ़ते थे। इससे उनकी स्ट्रंथ काफी बढ़ी।

दीपक को खेलता देख उनके चचेरे भाई राहुल को भी गेंदबाजी करने का जुनून आया और उन्होंने भी अपने चाचा के साथ उनकी एकडमी में ट्रेनिंग शुरू की। हालांकि राहुल काफी दुबले-पतले थे। ऐसे में खुद को फिट बनाने के लिए वह कुल्हाड़ी से लकड़ियां भी काटते थे। साथ ही 50-60 फीट गहरे पानी के टैंक की सीढ़ियां उतरते-चढ़ते थे। इससे उनकी स्ट्रंथ काफी बढ़ी।

कड़ी मेहनत के बाद साल 2010 में दीपक चाहर का रणजी के लिए सिलेक्शन हुआ। इसके बाद 2018 में उन्होंने पहला वनडे खेला। वहीं, राहुल चाहर ने 2019 में अपने इंटरनेशल करियर की शुरुआत की। 3 टी20 मैच में उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए है।

कड़ी मेहनत के बाद साल 2010 में दीपक चाहर का रणजी के लिए सिलेक्शन हुआ। इसके बाद 2018 में उन्होंने पहला वनडे खेला। वहीं, राहुल चाहर ने 2019 में अपने इंटरनेशल करियर की शुरुआत की। 3 टी20 मैच में उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए है।

आज क्रिकेट की दुनिया में दोनों भाई चाहर ब्रदर्स (Chahar Brothers) के नाम से जाने जाते हैं। हालांकि, आईपीएल में दोनों भाई अलग- अलग टीमों के लिए खेलते हैं। दीपक जहां चैन्नई सुपर किंग्स के मेन बॉलर है, तो वहीं, राहुल भी मुंबई के लिए बैक बोन का काम कर रहे हैं। उनकी फिरकी गेंद के जाल में बड़े से बड़ा बल्लेबाज भी फंस जाता है।

आज क्रिकेट की दुनिया में दोनों भाई चाहर ब्रदर्स (Chahar Brothers) के नाम से जाने जाते हैं। हालांकि, आईपीएल में दोनों भाई अलग- अलग टीमों के लिए खेलते हैं। दीपक जहां चैन्नई सुपर किंग्स के मेन बॉलर है, तो वहीं, राहुल भी मुंबई के लिए बैक बोन का काम कर रहे हैं। उनकी फिरकी गेंद के जाल में बड़े से बड़ा बल्लेबाज भी फंस जाता है।

हाल ही में, मंगलवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ खेले गए आईपीएल के पांचवे मैच में राहुल चाहर ने हारी हुई बाजी मुंबई को जिता दी। इस मैच में उन्होंने 4 ओवर में 27 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट एकदम सही समय पर लिए और गेम में मुंबई की वापसी करवाई।

हाल ही में, मंगलवार को कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ खेले गए आईपीएल के पांचवे मैच में राहुल चाहर ने हारी हुई बाजी मुंबई को जिता दी। इस मैच में उन्होंने 4 ओवर में 27 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट एकदम सही समय पर लिए और गेम में मुंबई की वापसी करवाई।

दरअसल, इस मैच में मुंबई की बल्लेबाजी ज्यादा कमाल नहीं कर पाई। 10 विकेट खोकर टीम ने सिर्फ 152 रन बनाए। ऐसे में गेंदबाजी में दम दिखाकर ही मुंबई इंडियंस मैच जीत सकती थी। टीम के लिए वही काम राहुल ने करके दिखाया।

दरअसल, इस मैच में मुंबई की बल्लेबाजी ज्यादा कमाल नहीं कर पाई। 10 विकेट खोकर टीम ने सिर्फ 152 रन बनाए। ऐसे में गेंदबाजी में दम दिखाकर ही मुंबई इंडियंस मैच जीत सकती थी। टीम के लिए वही काम राहुल ने करके दिखाया।

बता दें कि 2017 में राहुल को आईपीएल के लिए खेलने का मौका मिला था। इसके बाद से वह टीम के लिए शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अबतक आईपीएल के 33 मैचों में 34 विकेट अपने नाम किए है। पिछले साल उन्होंने मुंबई के लिए 15 विकेट लिए थे। 

बता दें कि 2017 में राहुल को आईपीएल के लिए खेलने का मौका मिला था। इसके बाद से वह टीम के लिए शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्होंने अबतक आईपीएल के 33 मैचों में 34 विकेट अपने नाम किए है। पिछले साल उन्होंने मुंबई के लिए 15 विकेट लिए थे। 

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