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जब कैंसर की बात सुन फूट-फूट कर रो पड़ा था ये खिलाड़ी, आज ऐसे लोगों के लिए करता हैं नेक काम

First Published Dec 12, 2020, 8:19 AM IST
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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम में जब भी किसी शानदार प्लेयर का ज्रिक होता है, तो उसमें युवराज सिंह (yuvraj singh) का नाम जरूर शामिल होता है। 12 दिसंबर को युवराज सिंह अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। वह ऐसे खिलाड़ी रहे है जो लगातार प्रदर्शन करते रहें, रिकॉर्ड तोड़ते रहें और अपने लिए 'लेजेंड' का टैग लगाते हैं। लेकिन इस खिलाड़ी की जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव भी आए। युवराज के लिए सबसे बुरा वक्त तब रहा, जब वह कैंसर जैसी गंभीर बिमारी से जंग लड़ रहे थे। युवी ने कैंसर से तो जंग जीत ली, लेकिन एक बार अपने मुश्किलों दिनों को याद करते हुए वो फफक कर रो भी पड़े थे।

भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार प्लेयर रहे युवराज सिंह आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में जन्मे युवराज ने वैसे तो क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। लेकिन लोगों के दिलों में उनकी जगह अब भी बरकरार है।

भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार प्लेयर रहे युवराज सिंह आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में जन्मे युवराज ने वैसे तो क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। लेकिन लोगों के दिलों में उनकी जगह अब भी बरकरार है।

युवराज सिंह ने टीम इंडिया को टी-20 और वनडे वर्ल्डकप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें साल 2011 में वर्ल्डकप का बेस्ट खिलाड़ी भी घोषित किया गया। 2007 में आयोजित T20 World Cup में युवराज सिंह ने 12 गेंद में हाफ सेंचुरी लगाई थी। इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे। तब से उन्हें क्रिकेट मे सिक्सर किंग के नाम से भी पुकारा जाता है।

युवराज सिंह ने टीम इंडिया को टी-20 और वनडे वर्ल्डकप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें साल 2011 में वर्ल्डकप का बेस्ट खिलाड़ी भी घोषित किया गया। 2007 में आयोजित T20 World Cup में युवराज सिंह ने 12 गेंद में हाफ सेंचुरी लगाई थी। इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के जड़े थे। तब से उन्हें क्रिकेट मे सिक्सर किंग के नाम से भी पुकारा जाता है।

2011 विश्वकप के दौरान कैंसर जैसी घातक बीमारी के बारे में उन्हें पता चल गया था लेकिन उन्होंने इस बारे में किसी को नहीं बताया और खेलते रहे। उन्हें लगा की अब उनकी लाइफ खत्म हो जाएगी।

2011 विश्वकप के दौरान कैंसर जैसी घातक बीमारी के बारे में उन्हें पता चल गया था लेकिन उन्होंने इस बारे में किसी को नहीं बताया और खेलते रहे। उन्हें लगा की अब उनकी लाइफ खत्म हो जाएगी।

एक इंटव्यू के दौरान युवराज नें बताया था कि जब पहली बार मुझे बताया गया कि मुझे कैंसर है तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। मैंने सोचा कि आखिर मेरे जैसे युवा व्यक्ति को कैंसर कैसे हो सकता है। मैंने सोचा कि मेरे साथ ऐसा कभी नहीं हो सकता। मुझे यह महसूस करने में कुछ वक्त लगा कि मुझे कैंसर है।

एक इंटव्यू के दौरान युवराज नें बताया था कि जब पहली बार मुझे बताया गया कि मुझे कैंसर है तो मुझे विश्वास नहीं हुआ। मैंने सोचा कि आखिर मेरे जैसे युवा व्यक्ति को कैंसर कैसे हो सकता है। मैंने सोचा कि मेरे साथ ऐसा कभी नहीं हो सकता। मुझे यह महसूस करने में कुछ वक्त लगा कि मुझे कैंसर है।

हालांकि युवराज सिंह ने कैंसर जैसी बीमारी को मात दी। अमेरिका में इलाज कराने के बाद उन्होंने मैदान में धमाकेदार वापसी की।

हालांकि युवराज सिंह ने कैंसर जैसी बीमारी को मात दी। अमेरिका में इलाज कराने के बाद उन्होंने मैदान में धमाकेदार वापसी की।

साल 2013 में कैंसर डे के दिन युवराज अपनी जंग को याद करते हुए रो पड़े थे। इस दौरान उन्होंने अपना अनुभव बांटा, जिसमें कैंसर के रोगियों और इस बीमारी से बचने वालों ने इस बीमारी से संघर्ष के बारे में बताया।

साल 2013 में कैंसर डे के दिन युवराज अपनी जंग को याद करते हुए रो पड़े थे। इस दौरान उन्होंने अपना अनुभव बांटा, जिसमें कैंसर के रोगियों और इस बीमारी से बचने वालों ने इस बीमारी से संघर्ष के बारे में बताया।

कैंसर से लड़ने के बाद युवराज सिंह ने एक किताब 'द टेस्ट ऑफ माइ लाइफ' भी लिखी। जिसमें उन्होंने कैंसर से अपने संघर्ष की दास्तान को पेश किया है। इस किताब में उन्होंने बताया है कि कैंसर के कारण उनकी जिंदगी में क्या-क्या बदलाव हुए।

कैंसर से लड़ने के बाद युवराज सिंह ने एक किताब 'द टेस्ट ऑफ माइ लाइफ' भी लिखी। जिसमें उन्होंने कैंसर से अपने संघर्ष की दास्तान को पेश किया है। इस किताब में उन्होंने बताया है कि कैंसर के कारण उनकी जिंदगी में क्या-क्या बदलाव हुए।

युवराज YouWeCan नाम से चैरिटी भी चलाते हैं। जो कैंसर से पीड़ित लोगों की मदद करने और लोगों के बीच कैंसर की जागरुकता फैलाने का काम करती है।

युवराज YouWeCan नाम से चैरिटी भी चलाते हैं। जो कैंसर से पीड़ित लोगों की मदद करने और लोगों के बीच कैंसर की जागरुकता फैलाने का काम करती है।

बता दें कि युवराज सिंह ने पिछले साल ही 10 जून को अचानक अपने संन्यास का ऐलान कर दिया था। हालांकि अब उन्होंने घरेलू क्रिकेट में दोबारा खेलने का फैसला लिया है।
 

बता दें कि युवराज सिंह ने पिछले साल ही 10 जून को अचानक अपने संन्यास का ऐलान कर दिया था। हालांकि अब उन्होंने घरेलू क्रिकेट में दोबारा खेलने का फैसला लिया है।
 

युवराज के क्रिकेट करियर की बाद करें, तो उन्होंने कई जादुई करिश्मा किए हैं। 40 टेस्ट मैचों में 1900 रन, 304 वनडे मैचों में 8701 रन और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1177 रन बनाए उनके नाम दर्ज है।

युवराज के क्रिकेट करियर की बाद करें, तो उन्होंने कई जादुई करिश्मा किए हैं। 40 टेस्ट मैचों में 1900 रन, 304 वनडे मैचों में 8701 रन और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1177 रन बनाए उनके नाम दर्ज है।

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