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तलाकशुदा कांग्रेसी नेता के मजबूत इरादों के आगे सब पस्त, इकलौता बेटा हर कदम पर रहता है साथ

First Published Feb 11, 2020, 9:45 AM IST
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नई दिल्ली: अलका लांबा नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी का एक मजबूत चेहरा हैं। इस बार हुए विधानसभा चुनाव के दिन अलका लांबा एक आप कार्यकर्त्ता पर थप्पड़ उठाकर चर्चा में आई थी। बात अगर अलका लांबा की करें, तो उन्होंने काफी कम उम्र में ही राजनीति की शुरुआत कर दी थी। उन्होंने कांग्रेस के जरिये मुख्य राजनीति में कदम रखा था। हालांकि, एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने इस पार्टी का हाथ छोड़ आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था। लेकिन कुछ समय बाद वो दुबारा कांग्रेस से जुड़ गई। 

अलका लांबा का जन्म 21 सितंबर 1975 में हुआ था। उन्होंने मात्र 19 साल की उम्र से ही राजनीति में कदम रखा था।

अलका लांबा का जन्म 21 सितंबर 1975 में हुआ था। उन्होंने मात्र 19 साल की उम्र से ही राजनीति में कदम रखा था।

अलका लांबा की पर्सनल लाइफ उठा-पटक से भरपूर है। उन्होंने लोकेश कपूर से शादी की लेकिन 2003 में दोनों का तलाक हो गया था।

अलका लांबा की पर्सनल लाइफ उठा-पटक से भरपूर है। उन्होंने लोकेश कपूर से शादी की लेकिन 2003 में दोनों का तलाक हो गया था।

तलाक के बाद अलका लांबा का बेटा उनके साथ ही रहने लगा। उनके पति ने बेटे की कस्टडी मांगी लेकिन उनका बेटा ऋतिक लांबा अपनी मां के साथ ही रहता है।

तलाक के बाद अलका लांबा का बेटा उनके साथ ही रहने लगा। उनके पति ने बेटे की कस्टडी मांगी लेकिन उनका बेटा ऋतिक लांबा अपनी मां के साथ ही रहता है।

उनके बेटे ने पिता यानी लोकेश कपूर का सरनेम अपने नाम के साथ नहीं जोड़ा। ऋतिक ने अपनी मां का ही सरनेम अपने नाम के पीछे लगाया।

उनके बेटे ने पिता यानी लोकेश कपूर का सरनेम अपने नाम के साथ नहीं जोड़ा। ऋतिक ने अपनी मां का ही सरनेम अपने नाम के पीछे लगाया।

बात अगर अलका लांबा के पॉलिटिकल करियर की करें, तो उन्होंने 20 से ज्यादा साल कांग्रेस के साथ बिताए। इस दौरान उन्होंने पार्टी के लिए कई काम किये और पार्टी में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।

बात अगर अलका लांबा के पॉलिटिकल करियर की करें, तो उन्होंने 20 से ज्यादा साल कांग्रेस के साथ बिताए। इस दौरान उन्होंने पार्टी के लिए कई काम किये और पार्टी में अपनी मजबूत पकड़ बनाई।

लेकिन 20 साल के बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा। 2015 में उन्होंने आप की टिकट से चुनाव लड़ा और चांदनी चौक से विधायक बनी।

लेकिन 20 साल के बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा। 2015 में उन्होंने आप की टिकट से चुनाव लड़ा और चांदनी चौक से विधायक बनी।

लेकिन 20 साल के बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा। 2015 में उन्होंने आप की टिकट से चुनाव लड़ा और चांदनी चौक से विधायक बनी।

लेकिन 20 साल के बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा। 2015 में उन्होंने आप की टिकट से चुनाव लड़ा और चांदनी चौक से विधायक बनी।

इस बार अलका लांबा कांग्रेस के टिकट से फिर से चांदनी चौक से ही किस्मत आजमाने जा रही हैं।

इस बार अलका लांबा कांग्रेस के टिकट से फिर से चांदनी चौक से ही किस्मत आजमाने जा रही हैं।

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