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व्हाइट या ब्राउन नहीं, जैकलीन फर्नांडिस खाती हैं ब्लू राइस, इसलिए नहीं बढ़ता है एक्ट्रेस का वजन

First Published Feb 1, 2021, 3:53 PM IST
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फ़ूड डेस्क: भारत में लोगों की डाइट में चावल और रोटी का अहम स्थान होता है। नाश्ते से लेकर डिनर में चावल और रोटी को जगह दी जाती है। अभी तक अपने व्हाइट और ब्राउन राइस तो देखा-सुना और खाया होगा, लेकिन इन दिनों ब्लू राइस चर्चा में है। नीले चावल की चर्चा तब शुरू हुई जब फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को एक वीडियो में लोगों ने नीला चावल खाते देखा। इसके बाद से लोग इस खास चावल को सर्च करने लगे। आइये आपको बताते हैं किस देश में और कैसे बनाया जाता है ये नीला चावल? 


भारत में अचानक नीले चावल की चर्चा होने लगी। देश में कई तरह के चावल खाए जाते हैं लेकिन नीला चावल अभी तक अनसुना था। जैसे सफ़ेद और ब्राउन राइस होते हैं वैसे ही ये नीले चावल इनके किस्म नहीं होते। 
 


भारत में अचानक नीले चावल की चर्चा होने लगी। देश में कई तरह के चावल खाए जाते हैं लेकिन नीला चावल अभी तक अनसुना था। जैसे सफ़ेद और ब्राउन राइस होते हैं वैसे ही ये नीले चावल इनके किस्म नहीं होते। 
 

नीला चावल सफ़ेद चावल से ही बनाया जाता है। इसे मलेशिया से लेकर थाईलैंड में खाया जाता है। इन देशों में नीले चावल की डिश को नासी केराबू कहते हैं। यही केराबू इन दिनों भारत में चर्चा में है। 
 

नीला चावल सफ़ेद चावल से ही बनाया जाता है। इसे मलेशिया से लेकर थाईलैंड में खाया जाता है। इन देशों में नीले चावल की डिश को नासी केराबू कहते हैं। यही केराबू इन दिनों भारत में चर्चा में है। 
 

नासी केराबू यानी ये नीले चावल मलेशिया थाईलैंड में सुखी मछलियों, फ्राइड चिकन के साथ खाई जाती है। इसे अचार और सलाद के साथ सर्व किया जाता है। 
 

नासी केराबू यानी ये नीले चावल मलेशिया थाईलैंड में सुखी मछलियों, फ्राइड चिकन के साथ खाई जाती है। इसे अचार और सलाद के साथ सर्व किया जाता है। 
 

चावल के नीले रंग की ख़ास वजह है। इस डिश को अपराजिता के पत्ते के साथ पकाया जाता है। फूल की वजह से इसका रंग नीला होता है। पहले इसे विदेशों में ही बनाया जाता था लेकिन अब भारत के कई पांच सितारा रेस्त्रां में इस डिश को परोसा जाता है।  
 

चावल के नीले रंग की ख़ास वजह है। इस डिश को अपराजिता के पत्ते के साथ पकाया जाता है। फूल की वजह से इसका रंग नीला होता है। पहले इसे विदेशों में ही बनाया जाता था लेकिन अब भारत के कई पांच सितारा रेस्त्रां में इस डिश को परोसा जाता है।  
 

नीले चावल को खास तरह के लंबे जैस्मिन राइस से बनाया जाता है। इसके दाने लंबे लंबे होते हैं। ये चावल भी ज्यादातर थाईलैंड में मिलता है। इसे नॉर्मल तरीके से पानी में उबाल कर ही पकाना होता है। बस पकाते हुए इसमें अपराजिता के फूल मिला देते हैं। 

नीले चावल को खास तरह के लंबे जैस्मिन राइस से बनाया जाता है। इसके दाने लंबे लंबे होते हैं। ये चावल भी ज्यादातर थाईलैंड में मिलता है। इसे नॉर्मल तरीके से पानी में उबाल कर ही पकाना होता है। बस पकाते हुए इसमें अपराजिता के फूल मिला देते हैं। 

नीले चावल सेहत के लिहाज से बेस्ट होते हैं। अपराजिता के फूल की वजह से इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भर जाते हैं। इसे खाने से कैंसर से भी बचाव होता है। साथ ही इस चावल को खाने से मोटापा भी नहीं बढ़ता। 

नीले चावल सेहत के लिहाज से बेस्ट होते हैं। अपराजिता के फूल की वजह से इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भर जाते हैं। इसे खाने से कैंसर से भी बचाव होता है। साथ ही इस चावल को खाने से मोटापा भी नहीं बढ़ता। 

नीले चावल इन दिनों इंस्टाग्राम पर धूम मचा रहे हैं। लोग इस चावल के बारे में सर्च कर रहे हैं। अब ये चावल थाईलैंड के अलावा भारत  में भी मिलने लगा है। मुंबई के कई रेस्त्रां ने इसे मेन्यू में शामिल कर लिया है। 

नीले चावल इन दिनों इंस्टाग्राम पर धूम मचा रहे हैं। लोग इस चावल के बारे में सर्च कर रहे हैं। अब ये चावल थाईलैंड के अलावा भारत  में भी मिलने लगा है। मुंबई के कई रेस्त्रां ने इसे मेन्यू में शामिल कर लिया है। 

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