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Makar Sankranti पर सफेद के साथ ही काले और लाल तिल से भी बनाएं लड्डू, सेहत के लिए रामबाण है ये

First Published Jan 8, 2021, 4:38 PM IST
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हेल्थ डेस्क :  मकर संक्रांति (makar sankranti 2021) के पर्व का भी हमारे देश में बहुत विशेष महत्‍व है। 15 जनवरी को आने वाले इस त्योहार की तैयारियां अभी से शुरू हो गई है। घरों और बाजारों में तिल (sesame) गुड़ से बनी कई मिठाइयां बनाई जा रही हैं। इस दिन तिल के लड्डू खास तौर पर बनाए जाते हैं। औषधीय रूप से भी तिल खाने के बहुत से फायदे होते हैं। रंग के अनुसार- तिल तीन प्रकार का होता है, सफेद, लाल और काला। इन तीनों को खाने के अलग-अलग फायदे होते हैं। आइए आपको बताते हैं तिल के फायदे के बारे में....

इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी नहीं, बल्कि 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सिर्फ गुड़ और तिल खाया ही नहीं जाता, बल्कि पानी में तिल डालकर स्नान भी किया जाता है। धार्मिक रूप से इसका बहुत महत्व है।

इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 जनवरी नहीं, बल्कि 15 जनवरी को मनाया जाएगा। इस दिन सिर्फ गुड़ और तिल खाया ही नहीं जाता, बल्कि पानी में तिल डालकर स्नान भी किया जाता है। धार्मिक रूप से इसका बहुत महत्व है।

धार्मिक के अलावा मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ का वैज्ञानिक महत्व भी है। तिल-गुड़ की तासीर गर्म होती है। सर्दियों में गुड़ और तिल के लड्डू खाने से शरीर गर्म रहता है। साथ ही यह शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ती है।

धार्मिक के अलावा मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ का वैज्ञानिक महत्व भी है। तिल-गुड़ की तासीर गर्म होती है। सर्दियों में गुड़ और तिल के लड्डू खाने से शरीर गर्म रहता है। साथ ही यह शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ती है।

वैसे तो तिल 3 प्रकार के होते है। सफेद, लाल और काली तिल। सेहत के लिहाज से ये तीनों ही तिल बेहद फायदेमंद होते हैं। अधिकतर लोग सफेद तिल और लाल तिल के लड्डू तो बना लेते हैं, लेकिन काले तिल का इस्तेमाल खाने में नहीं करते हैं।

वैसे तो तिल 3 प्रकार के होते है। सफेद, लाल और काली तिल। सेहत के लिहाज से ये तीनों ही तिल बेहद फायदेमंद होते हैं। अधिकतर लोग सफेद तिल और लाल तिल के लड्डू तो बना लेते हैं, लेकिन काले तिल का इस्तेमाल खाने में नहीं करते हैं।

बता दें कि तीनों तिल में सबसे ज्यादा गुणकारी काले तिल (Black sesame) ही होते हैं। इसमें कैल्शियम काफी होता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन-बी कॉम्प्लैक्स भी प्रचुर मात्रा में होता है। ये तिल ही नहीं बल्कि इसके तेल से बने पदार्थ बेहद फायदेमंद होते हैं।

बता दें कि तीनों तिल में सबसे ज्यादा गुणकारी काले तिल (Black sesame) ही होते हैं। इसमें कैल्शियम काफी होता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन-बी कॉम्प्लैक्स भी प्रचुर मात्रा में होता है। ये तिल ही नहीं बल्कि इसके तेल से बने पदार्थ बेहद फायदेमंद होते हैं।

तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करता है। वहीं, दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद होता है।

तिल में मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड होता है जो शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करता है। वहीं, दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद होता है।

काले के साथ सफेद तिल (white sesame) में भी कई सारे पोषक तत्व होते हैं। तिल में मौजूद फाइबर व मैग्नीशियम के तत्व इंसुलिन और ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। इसका स्वाद भी काले तिल के अपेक्षा बेहतर होता है।

काले के साथ सफेद तिल (white sesame) में भी कई सारे पोषक तत्व होते हैं। तिल में मौजूद फाइबर व मैग्नीशियम के तत्व इंसुलिन और ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। इसका स्वाद भी काले तिल के अपेक्षा बेहतर होता है।

लाल तिल (Red sesame) शरीर को गर्माहट देता है। इस वजह से ठंड के मौसम में इसका प्रयोग खूब होता है। वहीं तिल के तेल में खाना बनाने से दिल भी स्‍वस्‍थ रहता है।

लाल तिल (Red sesame) शरीर को गर्माहट देता है। इस वजह से ठंड के मौसम में इसका प्रयोग खूब होता है। वहीं तिल के तेल में खाना बनाने से दिल भी स्‍वस्‍थ रहता है।

खाने में ही नहीं शरीर के किसी भी अंग की त्वचा के जल जाने पर, तिल को पीसकर घी और कपूर के साथ लगाने पर आराम मिलता है, और घाव भी जल्दी ठीक हो जाता है।

खाने में ही नहीं शरीर के किसी भी अंग की त्वचा के जल जाने पर, तिल को पीसकर घी और कपूर के साथ लगाने पर आराम मिलता है, और घाव भी जल्दी ठीक हो जाता है।

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