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डॉक्टर्स हैं धरती के भगवान, तो सिस्टर्स भी हैं देवियां, अपनी जान जोखिम में डाल इस तरह कर रहीं दूसरों की सेवा

First Published May 12, 2021, 2:46 PM IST
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हेल्थ डेस्क: हमारे देश में डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा दिया गया है, जो दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की रक्षा करते हैं। लेकिन उन नर्सेज को हम क्या सम्मान देते हैं, जो अपने घर और अपनी जान की परवाह किए बगैर हमारी देखभाल किसी बच्चे की तरह करती हैं। बता दें कि, दुनियाभर की नर्सों को सम्मानित करने के लिए 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस (Nurses Day 2021) मनाया जाता है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्स (ICN) ने 1965 में पहली बार दिवस मनाया गया था। कोरोनाकाल में ये नर्सेज महीनों से अपने घर तक नहीं गई है और अंजान लोगों की सेवा में दिन रात लगी हुई हैं।

भगवान का रूप हैं नर्स
किसी ने सच ही कहा है कि जीवन की डोर हो तुम, जीवन संचार हो तुम, करती नैया पार हो तुम, नर्स नहीं भगवान हो तुम। कोरोना महामारी से लड़ने इन नर्सेस ने खुद को इस जंग में झोंक रखा है और 12-15 घंटो पीपीई किट पहनकर ड्यूटी कर रही हैं। 

भगवान का रूप हैं नर्स
किसी ने सच ही कहा है कि जीवन की डोर हो तुम, जीवन संचार हो तुम, करती नैया पार हो तुम, नर्स नहीं भगवान हो तुम। कोरोना महामारी से लड़ने इन नर्सेस ने खुद को इस जंग में झोंक रखा है और 12-15 घंटो पीपीई किट पहनकर ड्यूटी कर रही हैं। 

पेशेंट्स के लिए छोड़ा घर
कोरोना मरीजों की सेवा के लिए कई नर्सेस ने अपना घर तक छोड़ दिया है। कोई होटल में रह रही हैं, तो घर में किसी दूसरे कमरे में सभी घरवालों से दूर रहती हैं।

पेशेंट्स के लिए छोड़ा घर
कोरोना मरीजों की सेवा के लिए कई नर्सेस ने अपना घर तक छोड़ दिया है। कोई होटल में रह रही हैं, तो घर में किसी दूसरे कमरे में सभी घरवालों से दूर रहती हैं।

फर्ज निभाने मां की ममता भूलीं
प्रियंका राय नाम की एक नर्स ने तो अपने बच्चे को दादा-दादी के पास छोड़कर किराये पर एक कमरा तक ले लिया है, ताकि घरवालों तो कोरोना संक्रमण से दूर रखा जा सकें।

फर्ज निभाने मां की ममता भूलीं
प्रियंका राय नाम की एक नर्स ने तो अपने बच्चे को दादा-दादी के पास छोड़कर किराये पर एक कमरा तक ले लिया है, ताकि घरवालों तो कोरोना संक्रमण से दूर रखा जा सकें।

मरीजों की सेवा में भूली खाना-पीना
एक बार जब नर्स पीपीई किट पहन लेती है, तो उन्हें खाना-पीना या तक की वॉशरूम जाने पर भी वह पीपीई किट फेंकनी पड़ती है। इससे बचने के लिए वह खाना भी नहीं खाती और पानी भी नहीं पीती, ताकि उन्हें वॉशरूम ना जाना पड़े।

मरीजों की सेवा में भूली खाना-पीना
एक बार जब नर्स पीपीई किट पहन लेती है, तो उन्हें खाना-पीना या तक की वॉशरूम जाने पर भी वह पीपीई किट फेंकनी पड़ती है। इससे बचने के लिए वह खाना भी नहीं खाती और पानी भी नहीं पीती, ताकि उन्हें वॉशरूम ना जाना पड़े।

सिस्टर ने किया मरीज के लिए डांस
हाल ही में भिंड के जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का दिमागी स्ट्रेस कम करने के लिए नर्स ने डांस किया। वे इस कठिन समय में दिन-रात की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में लगे हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो जमकर शेयर किया जा रहा है।

सिस्टर ने किया मरीज के लिए डांस
हाल ही में भिंड के जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का दिमागी स्ट्रेस कम करने के लिए नर्स ने डांस किया। वे इस कठिन समय में दिन-रात की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में लगे हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो जमकर शेयर किया जा रहा है।

कई नर्सों ने खोया अपना परिवार
दूसरों की सेवा करते-करते इनमें से कुछ नर्सों ने तो अपने परिवार को ही खो दिया। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां किसी नर्स ने अपने पिता, तो किसी ने कोरोना के चलते अपने भाई को खो दिया है।

कई नर्सों ने खोया अपना परिवार
दूसरों की सेवा करते-करते इनमें से कुछ नर्सों ने तो अपने परिवार को ही खो दिया। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां किसी नर्स ने अपने पिता, तो किसी ने कोरोना के चलते अपने भाई को खो दिया है।

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