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सुबह या शाम- क्या है एक्सरसाइज करने का सबसे सही समय? इस समय करेंगे कसरत तो बॉडी पर जल्दी होगा असर

First Published Mar 24, 2021, 4:48 PM IST
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करियर डेस्क. Right Time For Workout Or Exercise:दोस्तों, कोरोना के समय लोग अपनी हेल्थ का और ज्यादा ख्याल रखने की सलाह दे रहे हैं। इस बीच इम्युनिटी को बढ़ाने और हेल्दी लाइफस्टाइल मेन्टेन करने की एडवाइस भी दी जा रही हैं। हालांकि वर्क फ्रॉम होम में रोज सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की नौकरी करने के बाद लोगों का शरीर थकन से भर जाता है। डेस्क जॉब तो शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होती जा रही हैं। मोटापा बढ़ रहा है। ऐसे में एक्सरसाइज (Exercise) के लिए वक्त निकालना और अपनी फिटनेस (Fitness) पर फोकस बहुत जरूरी है। एक्सरसाइज और फिटनेस आपकी जिंदगी में अहम स्थान रखते हैं। रोज की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी सभी बीमारियों को दूर रखती हैं। यह एंडोर्फिन रिलीज करने में मदद करती है जो आपको खुश, ऊर्जावान और अधिक सक्रिय बनाता है। पर एक्सरसाइज सुबहज करें या शाम? अगर आपके मन में भी ये सवाल है तो आइए जानते हैं कि एक्सरसाइज करने के लिए कौन सा समय सही है?

यूं तो सुबह जल्दी उठना हेल्दी माना जाता है। लोग कहते हैं स्वस्थ रहने सुबह 4 बजे उठ जाना चाहिए। जो लोग जल्दी सोकर उठते हैं उनके लिए एक्सरसाइज का मॉर्निंग टाइम ज्यादा सही रहता है। वहीं अन्य लोगों के लिए शाम और रात का वक्त एक्सरसाइज के लिए सही है। अगर आप फिटनेस बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको बेस्ट रिजल्ट पाने के लिए अपने वर्कआउट को कुछ इस तरह से प्लान करना चाहिए।

यूं तो सुबह जल्दी उठना हेल्दी माना जाता है। लोग कहते हैं स्वस्थ रहने सुबह 4 बजे उठ जाना चाहिए। जो लोग जल्दी सोकर उठते हैं उनके लिए एक्सरसाइज का मॉर्निंग टाइम ज्यादा सही रहता है। वहीं अन्य लोगों के लिए शाम और रात का वक्त एक्सरसाइज के लिए सही है। अगर आप फिटनेस बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको बेस्ट रिजल्ट पाने के लिए अपने वर्कआउट को कुछ इस तरह से प्लान करना चाहिए।

मॉर्निंग वर्कआउटः  

 

मॉर्निंग कार्डियो के लिए परफेक्ट है। जब आपका शरीर वर्कआउट करने के बाद एंडोर्फिन (Endorphin) रिलीज करता है, तो आप दिन के लिए पूरी तरह से तैयार होते हैं। अपने दिन की शुरुआत फ्रेशनेस के साथ करते हैं। इससे आप एनर्जेटिक रहते हैं। जब आप जल्दी उठते हैं और अपना वर्कआउट पूरा कर लेते हैं, तो आपके पास अपना खाना पकाने, आराम करने, सोशल होने, आराम करने के लिए वक्त रहता है।

मॉर्निंग वर्कआउटः  

 

मॉर्निंग कार्डियो के लिए परफेक्ट है। जब आपका शरीर वर्कआउट करने के बाद एंडोर्फिन (Endorphin) रिलीज करता है, तो आप दिन के लिए पूरी तरह से तैयार होते हैं। अपने दिन की शुरुआत फ्रेशनेस के साथ करते हैं। इससे आप एनर्जेटिक रहते हैं। जब आप जल्दी उठते हैं और अपना वर्कआउट पूरा कर लेते हैं, तो आपके पास अपना खाना पकाने, आराम करने, सोशल होने, आराम करने के लिए वक्त रहता है।

सुबह की एक्सरसाइज के बाद, आप अधिक भूख महसूस करते हैं और हैवी ब्रेकफास्ट कर सकते हैं। ये पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखता है। इस वक्त एक्सरसाइज करना आपके वजन को संतुलित रखने के साथ ही पाचन को भी दुरुस्त रखता है। इससे आपके शरीर को एक्टिव रहने के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं।

सुबह की एक्सरसाइज के बाद, आप अधिक भूख महसूस करते हैं और हैवी ब्रेकफास्ट कर सकते हैं। ये पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखता है। इस वक्त एक्सरसाइज करना आपके वजन को संतुलित रखने के साथ ही पाचन को भी दुरुस्त रखता है। इससे आपके शरीर को एक्टिव रहने के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं।

शाम का वर्कआउटः 

 

शाम का वर्कआउट आमतौर पर उन लोगों के लिए सबसे अच्छा होता है जो कामकाजी होते हैंथ। देर रात तक ऑफिस के काम में जुटे रहते हैं और सुबह कुछ अधिक नींद लेना पसंद करते हैं। शाम के वर्कआउट में आपका शरीर वेटलिफ्टिंग, कार्डियो जैसे हेवी वर्कआउट साथ ही स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के लिए पूरी तरह से् तैयार होता है, क्योंकि शरीर की मांसपेशियां आराम के बाद ताकत ले चुकी होती है। 

शाम का वर्कआउटः 

 

शाम का वर्कआउट आमतौर पर उन लोगों के लिए सबसे अच्छा होता है जो कामकाजी होते हैंथ। देर रात तक ऑफिस के काम में जुटे रहते हैं और सुबह कुछ अधिक नींद लेना पसंद करते हैं। शाम के वर्कआउट में आपका शरीर वेटलिफ्टिंग, कार्डियो जैसे हेवी वर्कआउट साथ ही स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के लिए पूरी तरह से् तैयार होता है, क्योंकि शरीर की मांसपेशियां आराम के बाद ताकत ले चुकी होती है। 

इवनिंग वर्कआउट आपके शरीर को ठंडक देता है और आपको अच्छी नींद आती है। शाम के वर्कआउट के लिए अलग से वार्म-अप होने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि आपका शरीर पहले से ही मूवमेंट में आने के साथ ही एक्टिव हो चुका होता है। हालांकि, देर रात का इंटेंस वर्कआउट (Intense Workout) आपकी नींद में खलल पैदा कर सकता है।

इवनिंग वर्कआउट आपके शरीर को ठंडक देता है और आपको अच्छी नींद आती है। शाम के वर्कआउट के लिए अलग से वार्म-अप होने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि आपका शरीर पहले से ही मूवमेंट में आने के साथ ही एक्टिव हो चुका होता है। हालांकि, देर रात का इंटेंस वर्कआउट (Intense Workout) आपकी नींद में खलल पैदा कर सकता है।

अपने मुताबिक बनाएं वर्कआउट शेड्यूल

 

कुल मिलाकर देखा जाए तो एक्सरसाइज करना आपकी सेहत और तंदुरुस्ती के लिए बेहद जरूरी है। शरीर को फिट रखने के लिए वक्त का ज्यादा लोड न लें लेकिन अपनी जरूरत के मुताबिक वर्कआउट रूटीन तैयार करें। जहां तक सुबह और शाम एक्सरसाइज या वर्कआउट करने की बात है तो दोनों ही वक्त सही हैं, लेकिन कहा जा सकता है कि सुबह का वर्कआउट शरीर और दिमाग के लिए अधिक फायदेमंद होता है। मेडलाइन प्‍लस की रिपोर्ट के मुताबिक, नियमित एक्सरसाइज करने से कोलोन, लंग, यूटेरिन और ब्रेस्‍ट कैंसर का खतरा भी कम हो सकता है।
 

अपने मुताबिक बनाएं वर्कआउट शेड्यूल

 

कुल मिलाकर देखा जाए तो एक्सरसाइज करना आपकी सेहत और तंदुरुस्ती के लिए बेहद जरूरी है। शरीर को फिट रखने के लिए वक्त का ज्यादा लोड न लें लेकिन अपनी जरूरत के मुताबिक वर्कआउट रूटीन तैयार करें। जहां तक सुबह और शाम एक्सरसाइज या वर्कआउट करने की बात है तो दोनों ही वक्त सही हैं, लेकिन कहा जा सकता है कि सुबह का वर्कआउट शरीर और दिमाग के लिए अधिक फायदेमंद होता है। मेडलाइन प्‍लस की रिपोर्ट के मुताबिक, नियमित एक्सरसाइज करने से कोलोन, लंग, यूटेरिन और ब्रेस्‍ट कैंसर का खतरा भी कम हो सकता है।
 

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